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आईआरएस राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद ने चंडीगढ़ का दौरा किया

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ : श्रीमती मीनू शुक्ला, आईआरएस राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (NCCT), नई दिल्ली ने दिनांक 13 मार्च 2026को क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (RICM), सेक्टर-32-C, चंडीगढ़ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान केकार्य निष्पादन की समीक्षा की तथा संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों काअवलोकन किया।अपने दौरे के दौरान श्रीमती शुक्ला ने संस्थान के अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए संस्थान द्वारा संचालित प्रशिक्षण पहलों की सराहना की तथाप्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता एवं विस्तार को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षणकार्यक्रमों को सहकारी संस्थाओं की उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता पर भीजोर दिया।

श्रीमती शुक्ला ने संस्थान के कर्मचारियों के साथ भी संवाद किया तथा उनकी विभिन्न शिकायतों एवं समस्याओंको गंभीरता से सुना ।अपने दौरे के दौरान श्रीमती शुक्ला ने हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन महासंघ (HAFED), पंचकूला,हरियाणा का भी दौरा किया, जहां उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों

एमसीएम में इंटर-कॉलेज आईटी फेस्ट ‘आईटेक फिएस्टा 2026’ का आयोजन

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़: मेहर चंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं एप्लिकेशंस विभाग ने एमसीएम विज्ञान मंच के तत्वावधान में इंटर-कॉलेज आईटी फेस्ट ‘आईटेक फिएस्टा 2026’ का आयोजन किया। यह फेस्ट विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा अक्षय ऊर्जा विभाग (डीएसटी-आरई), चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित था इसका विषय ‘शेपिंग टुमारो: इमर्जिंग आईटी ट्रेंड्स एंड द रोड अहेड’ था ।

इस फेस्ट में चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के 13 कॉलेजों के लगभग 160 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी रचनात्मकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और नवाचारी सोच को प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ हुआ, जिसमें पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के कंप्यूटर साइंस एवं एप्लिकेशंस विभाग की प्रोफेसर डॉ. अनु गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने उभरती हुई प्रौद्योगिकियों की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को तेजी से बदलते डिजिटल परिवेश में जिज्ञासु, नवाचारी और अनुकूलनशील बने रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यवाहक प्राचार्या श्रीमती नीना शर्मा ने कंप्यूटर साइंस एवं एप्लिकेशंस विभाग को इस फेस्ट के सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को उभरते आईटी रुझानों को समझने और नई संभावनाओं को तलाशने का अवसर प्रदान करती है।

‘स्नो मैराथन लीग’ का शुभारंभ – लाहौल में 20–22 मार्च को होगा स्नोटेल्स फेस्ट

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़: हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्नो मैराथन लीग (SMLg) की भारत में शुरुआत की गई है।यह पहल उस टीम द्वारा शुरू की गई है, जिसने हिमाचल प्रदेश स्थित लाहौल में आयोजित विश्व की सबसे ऊँची और एशिया की एकमात्र स्नो मैराथन के चार सफल संस्करण आयोजित किए हैं।

इस लीग का उद्देश्य माउंटेन कम्युनिटी , साहसिक खेल प्रेमियों और पर्यावरण समर्थकों को एक मंच पर लाकर हिमालय के नाज़ुक इकोसिस्टम के संरक्षण के प्रति जिम्मेदार भागीदारी को बढ़ावा देना है।लीग की गतिविधियों के तहत स्नोटेल्स फेस्ट का आयोजन 20 से 22 मार्च 2026 तक लाहौल में किया जाएगा। इसे दुनिया की सबसे ऊँचाई पर आयोजित होने वाली डॉग रेस के रूप में जाना जाता है, जिसमें कुत्ते और उनके मालिक एक साथ भाग लेते हैं।

स्नो मैराथन लीग के अंतर्गत दुनिया की सबसे ऊँचाई पर आयोजित होने वाली स्नो अल्ट्रा और स्नो वॉकाथॉन भी आयोजित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें और हिमालय में ठोस कचरा प्रबंधन और पशु कल्याण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के समर्थन में भागीदारी कर सकें।

रेस डायरेक्टर कर्नल सौरव शिमर ने कहा कि स्नो वॉकाथॉन उन लोगों के लिए बेहतर अवसर होगा, जो कठिन हाई-एल्टीट्यूड मैराथन में भाग लेने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन फिर भी किसी सामाजिक व पर्यावरणीय उद्देश्य के लिए इस अभियान का हिस्सा बनना चाहते हैं। कर्नल जे.एस. ढिल्लों, कार्यक्रम के प्रिंसिपल चीफ, ने बताया कि 14 फरवरी 2027 को गुलमर्ग में स्नो मैराथन कश्मीर के पहले संस्करण का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर उपस्थित हेरिटेज कंजर्वेशनिस्ट लामा स्तांज़िन गुरमत ने विश्वास जताया कि स्नो मैराथन लीग मानव, प्रकृति और सभी जीवों के बीच सामंजस्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शूलिनी यूनिवर्सिटी स्प्रिंग फेस्ट 2026 के दौरान शूलिनी लिटरेचर फेस्टिवल का 6वां संस्करण आयोजित

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चंडीगढ़: हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित शूलिनी यूनिवर्सिटी अपने खूबसूरत कैंपस में 14 से 16 मार्च तक आयोजित होने वाले शूलिनी स्प्रिंग फेस्ट 2026 के तहत शूलिनी लिटरेचर फेस्टिवल के छठे संस्करण की मेजबानी करेगी। तीन दिन तक चलने वाला यह फेस्टिवल रोचक बातचीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रचनात्मक संवाद के लिए मशहूर लेखकों, विचारकों, कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, उद्यमियों और परफॉर्मर्स को एक मंच पर लाने का वादा करता है।

वाईस चांसलर प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि यह फेस्टिवल विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य युवा मनों को प्रेरित करना है। यदि कुछ विद्यार्थी भी बड़े सपने देखने और वैश्विक स्तर पर पहचान हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं, यहाँ तक कि नोबेल पुरस्कार तक, तो हम मानते हैं कि यह फेस्टिवल अपने उद्देश्य में सफल रहा है।

फेस्टिवल के माहौल को और भी खास बनाने के लिए यूनिवर्सिटी शूलिनी फ्लावर फेस्टिवल का भी आयोजन करेगी, जिसमें फूलों की प्रदर्शनी और विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा ग्लिच टेक फेस्ट 2026 भी आयोजित होगा, जिसमें गेमिंग प्रतियोगिताएँ, टेक इवेंट्स और एआई-आधारित दुनिया में जरूरी कौशलों पर पैनल चर्चाएँ शामिल होंगी।

पंजाब का सबसे बड़ा एग्रीकल्चर एक्सपो – कृषि मेक एक्सपो -13 मार्च से चंडीगढ़ में शुरू

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़: फॉर्च्यून एग्ज़िबिटर्स प्राइवेट लिमिटेड, 13 मार्च से 15 मार्च, 2026 तक परेड ग्राउंड, सेक्टर-17, चंडीगढ़ में कृषि मशीनरी, डेयरी इक्विपमेंट और एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी पर भारत की लीडिंग एग्ज़िबिशन में से एक, कृषि मेक एक्सपो 2026 ऑर्गनाइज़ करने के लिए तैयार है। तीन दिन का यह इवेंट किसानों, इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स और आम लोगों के लिए खुला रहेगा और फ़्री एंट्री होगी।

फॉर्च्यून एग्ज़िबिटर्स प्राइवेट लिमिटेड के ऑर्गनाइज़र करमजीत सिंह ने कहा कि कृषि मेक एक्सपो 2026 ट्राईसिटी इलाके में पहली बार हो रहा है और इसका मकसद किसानों के लिए एक खास प्लेटफॉर्म बनाना है, जहाँ वे खेती की नई मशीनरी और टेक्नोलॉजी को एक्सप्लोर कर सकें। यह एक्सपो किसानों को साइंटिस्ट, एक्सपर्ट और कंपनियों से बातचीत करने में मदद करेगा।

एग्ज़िबिशन में 200 से ज़्यादा स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे विज़िटर्स को लेटेस्ट एग्रीकल्चरल मशीनरी, डेयरी सॉल्यूशन और मॉडर्न खेती के इक्विपमेंट देखने का मौका मिलेगा। इस एक्सपो में कई बड़ी कंपनियों और इंस्टीट्यूशन्स के हिस्सा लेने की उम्मीद है, जिनमें परम एग्रो इंडस्ट्रीज (धूरी), ओनासिस आर्मर्स प्राइवेट लिमिटेड, एग्रेरियन प्राइवेट लिमिटेड, गांधी नगर इनक्यूबेशन सेंटर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, सी एस आई ओ, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और के बी एस एग्रो प्राइवेट लिमिटेड वगैरह शामिल हैं।

लगभग 60-70 एग्रीकल्चर साइंटिस्ट और एक्सपर्ट्स भी एग्ज़िबिशन में हिस्सा लेंगे और किसानों के साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी, इनोवेटिव तरीकों और एग्रीकल्चर सेक्टर में मौकों के बारे में अपनी जानकारी शेयर करेंगे।इस एग्जीबिशन में पंजाब, हरियाणा और आस-पास के राज्यों से हज़ारों किसानों, एग्री-एंटरप्रेन्योर और इंडस्ट्री प्रोफेशनल के आने की उम्मीद है।

चंडीगढ़ पोलो सीजन 2026 की घोषणा, देशभर की 12 टीमें लेंगी हिस्सा

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में पोलो के बढ़ते क्रेज को देखते हुए शहर एक बार फिर चंडीगढ़ पोलो सीजन 2026 की मेजबानी के लिए तैयार है। वर्ष 2024–2025 में पहले सीजन के सफल आयोजन के बाद यह इस प्रतिष्ठित पोलो सीजन का दूसरा संस्करण होगा। इस सीजन का आयोजन इंडियन पोलो एसोसिएशन और चंडीगढ़ पोलो एसोसिएशन के अधीन किया जा रहा है, जिससे शहर की पहचान पोलो के उभरते केंद्र के रूप में और मजबूत हो रही है।

चंडीगढ़ पोलो सीजन 2026 का आयोजन 29 मार्च से 4 अप्रैल 2026 तक चंडीगढ़ पोलो क्लब में किया जाएगा। पूरे सप्ताह चलने वाले इस आयोजन में रोमांचक पोलो मुकाबलों के साथ-साथ कई सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे खेल प्रेमियों और शहरवासियों को एक अनूठा अनुभव मिलेगा। इस बार देशभर से लगभग 12 टीमें इस सीजन में भाग लेने की उम्मीद है।

उद्घाटन दिवस 29 मार्च को सूफी बैठकी नाइट आयोजित की जाएगी। इसके अलावा 3 अप्रैल को लेडीज़ बूट्स एंड हैट्स हाई टी और 4 अप्रैल 2026 को ग्रैंड गाला नाइट का आयोजन होगा। पोलो के सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क रहेगा, ताकि शहरवासी और बाहर से आने वाले लोग पोलो के रोमांच को करीब से देख सकें। चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पूरे उत्तर भारत में पोलो खेल को और लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किए जाएंगे।

चंडीगढ़ पोलो क्लब के अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह सिद्धू ने इस अवसर पर कहा कि “एरीना पोलो, पोलो का एक नया प्रारूप है जो दर्शकों के लिए अधिक रोचक और अनुकूल है। हमें गर्व है कि हमारा ‘सिटी ब्यूटीफुल’ चंडीगढ़ एरीना पोलो सीजन 2026 की मेजबानी कर रहा है। हम चाहते हैं कि उत्तर भारत के युवा लड़के और लड़कियां पोलो की इस विरासत को आगे बढ़ाएं।”इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य ब्रिगेडियर संदीप कश्यप, कर्नल मनोज दीवान, मेहताब गिल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

Pulse 2 स्मार्टफोन, 6,000mAh बैटरी और 50MP कैमरा 11 मार्च को फ्लिपकार्ट पर लॉन्च

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4GB + 64GB वेरिएंट 5,999 रुपए में

सिटीन्यूज़ नॉउ

लुधियाना : Ai+ स्मार्टफोन ने भारत में नया Pulse 2 लॉन्च किया है। लॉन्च के दिन इसकी शुरुआती कीमत 5,999 रुपए रखी गई है, जिससे यह देश के सबसे प्रतिस्पर्धी बजट स्मार्टफोन सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश करता है।इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी बैटरी है। Pulse 2 में 6,000mAh की बैटरी दी गई है।

कंपनी का दावा है कि इतनी बड़ी बैटरी के साथ यह अपने कैटेगरी का सबसे पतला फोन है। इसमें 18W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी है, इसलिए यह उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें दिन के बीच में फोन की बैटरी खत्म होने की चिंता रहती है।कैमरे की बात करें तो फोन में 50MP का डुअल AI रियर कैमरा दिया गया है। साथ ही फ्रंट में 8MP का कैमरा है, जो Pulse 1 के 5MP सेल्फी कैमरे से बेहतर है।

फोन में IP64 प्रोटेक्शन भी है, जिससे यह धूल और हल्की पानी की छींटों से सुरक्षित रहता है।यह फोन पांच रंगों में उपलब्ध होगा। लॉन्च के दिन 4GB + 64GB वेरिएंट की कीमत 5,999 रुपए रहेगी, जो पहले दिन के बाद बढ़कर 7,499 रुपए हो जाएगी। वहीं 6GB + 128GB वेरिएंट 7,999 रुपए में लॉन्च होगा, जिसकी कीमत बाद में बढ़कर 8,999 रुपए हो जाएगी। इसलिए इसे लॉन्च के शुरुआती ऑफर में खरीदना फायदे का सौदा माना जा रहा है।

मेहरचंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय में जैव विविधता आकलन में क्षेत्र तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़: मेहरचंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग ने एमसीएम विज्ञान मंच के तत्वावधान में जैव विविधता आकलन में क्षेत्र तकनीकों पर एक व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा प्रायोजित किया गया था।

कार्यशाला में जो भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, मोहाली के जीव विज्ञान विभाग से डॉ. मंजरी जैन बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित थीं। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए चार व्यापक और रोचक सत्र आयोजित किए। पहले सत्र में जैव विविधता का एक ज्ञानवर्धक परिचय दिया गया, जिसमें इसके विभिन्न स्तरों, पारिस्थितिक महत्व और संरक्षण एवं सतत प्रबंधन के लिए व्यवस्थित आकलन के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

छात्रों को यह समझाया गया कि ध्वनि रिकॉर्डिंग विभिन्न प्रजातियों, विशेषकर पक्षियों और कीटों की पहचान और अध्ययन में कैसे सहायक हो सकती है। चौथे सत्र में ऑडेसिटी टीम द्वारा विकसित ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर ऑडेसिटी का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने ध्वनि रिकॉर्डिंग को देखना और उसका विश्लेषण करना, तरंग पैटर्न को समझना और पारिस्थितिक अध्ययन के लिए बुनियादी आवृत्ति विश्लेषण करना सीखा।

कार्यशाला अत्यंत ज्ञानवर्धक और संवादात्मक थी, जिसने छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया और आधुनिक जैव विविधता मूल्यांकन उपकरणों के बारे में उनकी समझ को बढ़ाया।कार्यवाहक प्रधानाचार्य, श्रीमती नीना शर्मा ने प्राणी विज्ञान विभाग की इस पहल की सराहना की ।

चंडीगढ़ में डॉ. विक्रमजीत की पुस्तक “द फैंटेसी ऑफ डाइंग” का भव्य विमोचन

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जीवन और मृत्यु के दर्शन को नई दृष्टि देती है “द फैंटेसी ऑफ डाइंग”*

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़  प्रख्यात लेखक डा. विक्रमजीत द्वारा लिखित विचारोत्तेजक पुस्तक “द फैंटेसी ऑफ डाइंग” का भव्य विमोचन रविवार को को एक समारोह के दौरान किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा तथा सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया और समारोह को यादगार बना दिया।इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन मुख्य अतिथि आईआरएस राकेश गोयल, चेयरमैन, रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों ने लेखक को बधाई देते हुए कहा कि यह कृति जीवन और मृत्यु जैसे गूढ़ विषयों पर गहन चिंतन प्रस्तुत करती है।

“द फैंटेसी ऑफ डाइंग” जीवन और मृत्यु के दार्शनिक पहलुओं तथा मानवीय संवेदनाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। पुस्तक पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है और जीवन के वास्तविक अर्थ को समझने की दिशा में सोचने का अवसर प्रदान करती है। यह कृति लेखक डॉ. विक्रमजीत के साहित्यिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें डा. मदन मोहन बंसल, डा. ऐस के जिंदल और जिला योजना अधिकारी डा किरणदीप कौर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने लेखक से संवाद किया। डा. विक्रमजीत ने बताया कि जीवन-शैली और साहित्यिक दृष्टि से भी यह पुस्तक विशेष महत्व रखती है। आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में जहां लोग जीवन के गहरे प्रश्नों पर विचार करने के लिए समय कम निकाल पाते हैं, वहीं “द फैंटेसी ऑफ डाइंग” जैसी पुस्तकें पाठकों को ठहरकर सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।

एमसीएम की छात्राओं ने किया विज्ञान केंद्रों में शैक्षिक भ्रमण

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चंडीगढ़: मेहर चंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय के भौतिकी, रसायन विज्ञान और खाद्य विज्ञान विभागों ने छात्राओं में अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख विज्ञान केंद्रों में शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया। एमसीएम विज्ञान मंच के तत्वावधान में भौतिकी विभाग ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (डीएसटी-आरई), चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा प्रायोजित पुष्पा गुजराल साइंस सिटी, कपूरथला का भ्रमण आयोजित किया।

छात्राओं ने फ्लाइट सिमुलेटर, भूकंप सिमुलेटर, एंटी-ग्रेविटी रूम सहित कई संवादात्मक प्रदर्शनियों का अनुभव किया और गुरुत्वाकर्षण, ध्वनि तरंगों, घूर्णी गति और अन्य वैज्ञानिक अवधारणाओं पर प्रदर्शन देखे। उन्होंने खेल और अंतरिक्ष दीर्घाओं का भी दौरा किया और इको-इकोज़ और जलवायु परिवर्तन प्रस्तुति जैसे शैक्षिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जिनमें स्थिरता और पर्यावरण जागरूकता पर प्रकाश डाला गया।

खाद्य विज्ञान विभाग ने भी चंडीगढ़ स्थित डीएसटी-आरई द्वारा प्रायोजित कुरुक्षेत्र पैनोरमा और विज्ञान केंद्र की शैक्षिक यात्रा का आयोजन किया। छात्रों ने ऊर्जा, प्रकाशिकी, यांत्रिकी और पर्यावरण विज्ञान से संबंधित अवधारणाओं को प्रदर्शित करने वाली विज्ञान दीर्घाओं और संवादात्मक प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। उन्होंने महाभारत पर आधारित एक 3डी फिल्म भी देखी और नॉलेज स्फीयर का दौरा किया, जहां सौर मंडल और ग्रहों पर प्रस्तुतियों ने अंतरिक्ष विज्ञान और सतत विकास के प्रति उनकी समझ को बढ़ाया।