सिटीन्यूज़ नॉउ
चण्डीगढ़। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने आज मांग की कि नगर निगम चंडीगढ़ तत्काल पिछले 10 वर्षों की अपनी वित्तीय स्थिति पर एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में नगर निगम के पास 500 करोड़ रुपये से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट थी, जिससे वित्तीय स्थिरता बनी रहती थी और विकासात्मक परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलती थी।
इसके विपरीत, आज निगम की वित्तीय स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि उसे जीवित रहने के लिए अपने मुख्य संसाधन चंडीगढ़ प्रशासन को हस्तांतरित करने पड़ रहे हैं।हालिया घटनाओं को रेखांकित करते हुए लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन ने हाल ही में नगर निगम को 125 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि मूल रूप से बिजली खरीद के लिए रखी गई थी, लेकिन चंडीगढ़ में बिजली क्षेत्र के निजीकरण के बाद यह राशि अप्रयुक्त रह गई थी।
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह 125 करोड़ रुपये केवल वास्तविक विकास कार्यों में ही खर्च किए जाने चाहिए, न कि निगम के बकाये या देनदारियों को चुकाने में। पार्टी ने विशेष रूप से प्रस्ताव रखा है कि यह धन वी3 सड़कों के विकास में लगाया जाए, जिन्हें प्रशासन को अवैध तरीके से हस्तांतरित किया गया था। इन धनराशियों की उपलब्धता के साथ, वी3 सड़कें अब नगर निगम के अधीन रहनी चाहिए।
अपना रुख दोहराते हुए लक्की ने कहा –“यह पैसा चंडीगढ़ की जनता का है और इसे केवल उन्हीं वास्तविक विकास कार्यों पर खर्च किया जाना चाहिए जो उनकी जिंदगी को बेहतर बनाते हैं। किसी भी हालत में इसे नगर निगम की देनदारियां चुकाने में नहीं लगाया जाना चाहिए।