जीवन और मृत्यु के दर्शन को नई दृष्टि देती है “द फैंटेसी ऑफ डाइंग”*
सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़ प्रख्यात लेखक डा. विक्रमजीत द्वारा लिखित विचारोत्तेजक पुस्तक “द फैंटेसी ऑफ डाइंग” का भव्य विमोचन रविवार को को एक समारोह के दौरान किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा तथा सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया और समारोह को यादगार बना दिया।इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन मुख्य अतिथि आईआरएस राकेश गोयल, चेयरमैन, रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों ने लेखक को बधाई देते हुए कहा कि यह कृति जीवन और मृत्यु जैसे गूढ़ विषयों पर गहन चिंतन प्रस्तुत करती है।
“द फैंटेसी ऑफ डाइंग” जीवन और मृत्यु के दार्शनिक पहलुओं तथा मानवीय संवेदनाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। पुस्तक पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है और जीवन के वास्तविक अर्थ को समझने की दिशा में सोचने का अवसर प्रदान करती है। यह कृति लेखक डॉ. विक्रमजीत के साहित्यिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें डा. मदन मोहन बंसल, डा. ऐस के जिंदल और जिला योजना अधिकारी डा किरणदीप कौर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने लेखक से संवाद किया। डा. विक्रमजीत ने बताया कि जीवन-शैली और साहित्यिक दृष्टि से भी यह पुस्तक विशेष महत्व रखती है। आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में जहां लोग जीवन के गहरे प्रश्नों पर विचार करने के लिए समय कम निकाल पाते हैं, वहीं “द फैंटेसी ऑफ डाइंग” जैसी पुस्तकें पाठकों को ठहरकर सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।

