सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़। मंगलवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने ‘एडविजन 2025: एनुअल प्रिंसिपल्स कॉन्क्लेव – रीइमेजिनिंग एजुकेशन लीडरशिप इन द एज ऑफ एआई’ का सफल आयोजन किया। इस कॉन्क्लेव में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के सरकारी व निजी स्कूलों के 150 से अधिक प्रिंसिपलों ने भाग लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में शिक्षा के भविष्य पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम का श्रीगणेश चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने किया। उनके साथ डीपीआई स्कूल चंडीगढ़ नितीश सिंगला, डीपीआई कॉलेज चंडीगढ़ डॉ. राधिका सिंह, क्लाउड ईक्यू के वीपी निशांत जौहर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. रविराज एन. सीताराम और चांसलर के सलाहकार प्रो. (डॉ.) आर.एस. बावा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उत्कृष्ट योगदान के लिए 150 से अधिक स्कूल प्रिंसिपलों को सम्मानित भी किया गया।एकेडमिक एक्सपर्ट्स ने कहा कि एआई शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। इससे पर्सनलाइज्ड लर्निंग संभव होगी, जहां हर छात्र अपनी क्षमता और गति के अनुसार सीख सकेगा।
विशेषज्ञों ने एआई को 21वीं सदी की एक बुनियादी यूनिवर्सल स्किल बताते हुए कहा कि इसे शुरुआत से ही शिक्षा में शामिल किया जाना चाहिए।मुख्य अतिथि एच. राजेश प्रसाद ने कहा, “एआईशिक्षा को अधिक समावेशी, प्रभावी और भविष्य के लिए तैयार बना सकती है। शिक्षकों और छात्रों को इसके जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है।
कॉन्क्लेव में एआई -इनेबल्ड क्लासरूम, स्मार्ट असेसमेंट, करियर गाइडेंस, डेटा-आधारित निर्णय, ए आर/वीआर और वर्चुअल लर्निंग जैसे विषयों पर चर्चा और डेमो आयोजित किए गए। कुल मिलाकर इस कार्यक्रम ने स्कूलों और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बीच अकादमिक सहयोग को भी मजबूती प्रदान की।

