एचएसआरपी लागू करने में देरी से बढ़ रहा वाहन नंबर डुप्लीकेशन और अपराध का खतरा
सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: टैंपर-प्रूफ नंबर प्लेट की कमी ने अपराधियों के लिए क्लोन नंबर प्लेट का इस्तेमाल आसान बना दिया है, जिससे लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के लिए अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लागू न होने का मुद्दा गंभीर रूप लेता जा रहा है। इसके चलते नंबर प्लेट की डुप्लीकेसी, वाहन पहचान का दुरुपयोग और निर्दोष नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजारों में भी नकली नंबर प्लेट आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे पूरी प्रणाली का उद्देश्य कमजोर हो रहा है। उनके अनुसार, कमजोर एनफोर्समेंट के कारण नंबर प्लेट की नकल, क्लोन पहचान के साथ अपराध, निर्दोष वाहन मालिकों की कानूनी परेशानी और रजिस्ट्रेशन प्रणाली की विश्वसनीयता में गिरावट देखने को मिल रही है।
सुधार के तहत, परिवहन विभाग ने अब प्री-2019 वाहनों के लिए अधिकृत डीलरों के माध्यम से एसआईएएम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया को विस्तारित किया है। डॉ. सोई ने सलाह दी कि नागरिक केवल आधिकारिक प्रक्रिया का ही पालन करें। इसके लिए www.siam.in वेबसाइट पर जाकर वाहन का विवरण भरें, अधिकृत डीलर का चयन करें और अपनी सुविधा के अनुसार तारीख व समय तय करें, जिसमें अवैध डीलरों पर कार्रवाई, नकली प्लेट की ऑनलाइन बिक्री पर निगरानी, कड़े दंड के साथ सख्त एनफोर्समेंट और 100 फीसदी एचएसआरपी लागू करने के लिए समयबद्ध योजना शामिल हो।

