सिटीन्यूज़ नॉउ
मोहाली : भारत के मशहूर नॉर्थ इंडियन रेस्टोरेंट ब्रांड दरियागंज ने अब मोहाली के एचएलपी गैलेरिया में अपनी शुरुआत की है, जो ट्राइसिटी क्षेत्र में उनकी पहली उपस्थिति है और अपने साथ 1947 से जुड़ी एक समृद्ध क्युलिनरी विरासत लेकर आया है।राघव जग्गी और रेस्टोरेंट्योर अमित बग्गा द्वारा स्थापित दरियागंज, स्वर्गीय श्री कुंदन लाल जग्गी (राघव के दादा) की विरासत का सम्मान करता है, जिन्हें बटर चिकन और दाल मखनी का जनक माना जाता है।
दरियागंज ब्रांड उन शरणार्थियों की यात्रा को दर्शाता है, जो आज़ादी के बाद अपनी पाक परंपराओं को लेकर दिल्ली आए और जिन्होंने आगे चलकर नॉर्थ इंडियन व्यंजनों की नींव रखी।मशहूर रेसिपी और सदाबहार डाइनिंग परंपराओं पर आधारित दरियागंज आज भी अपने खास क्युलिनरी अनुभव को नए लोगों तक पहुँचा रहा है।
हमें खुशी है कि हम यहाँ दरियागंज का असली अनुभव लेकर आए हैं इस रेस्टोरेंट का मेन्यू 1947 की मूल रेसिपीज़ को फिर से जीवंत करता है। इन्हें ताज़ी, सावधानीपूर्वक चुनी गई सामग्रियों से तैयार किया जाता है, जो पुराने समय के असली स्वाद को दर्शाते हैं। तंदूर में बने रसीले व्यंजनों से लेकर लाइव काउंटर पर मिलने वाली आर्टिसनल कुल्फी तक, हर डिश को उसी अंदाज़ में तैयार किया जाता है, जैसे 1947 में कुंदन लाल जग्गी द्वारा परोसी जाती थी।
इस रेस्टोरेंट को बेहद बारीकी से डिज़ाइन किया गया है, जहाँ अतीत और वर्तमान का सहज मेल पाँचों इंद्रियों को एक साथ जोड़ता है। दृश्य रूप में यह एक टाइमलेस कंटेम्पररी-रेट्रो सेटिंग प्रस्तुत करता है, जो बीते दौर की खूबसूरती को दर्शाता है।खुशबू के लिए एक विशेष सिग्नेचर फ्रेगरेंस तैयार की गई है, जिसमें पारंपरिक भारतीय सुगंध और आधुनिक नोट्स का मेल है। वहीं, संगीत के रूप में पुराने क्लासिक्स को आज के कलाकारों द्वारा नए अंदाज़ में प्रस्तुत किया जाता है।
दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में 15 सफल रेस्टोरेंट्स और बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति के बाद, दरियागंज मोहाली ट्राइसिटी के लोगों को आमंत्रित करता है — आइए और उस विरासत का स्वाद अनुभव कीजिए, जहाँ इतिहास, मेहमाननवाज़ी और लाजवाब स्वाद एक ही मेज़ पर मिलते हैं।

