सिटीन्यूज़ नॉउ
पंचकूला: विश्व डायबिटीज़ दिवस पर पारस हेल्थ पंचकूला द्वारा आयोजित मुफ्त डायबिटीज़ हेल्थ कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कैंप का उद्देश्य डायबिटीज़ की रोकथाम, जल्दी पहचान और लंबे समय तक होने वाले कॉम्प्लिकेशन से बचाव पर जागरूकता फैलाना था।
पारस हेल्थ के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि डायबिटीज़ धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है। लोग लक्षण न होने की वजह से जांच नहीं कराते, जबकि समय पर जांच और जीवनशैली में छोटे बदलाव बड़े कॉम्प्लिकेशन से बचा सकते हैं। एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेंद्र कोटवाल ने कहा कि देर से पहचान होने पर नसों, किडनी और आंखों पर असर बढ़ जाता है।
नियमित स्क्रीनिंग से जोखिम को बहुत पहले पहचानना संभव है और 60–70% कॉम्प्लिकेशन रोके जा सकते हैं, उन्होंने कहा।युवाओं में बढ़ती डायबिटीज़ पर डॉ. गौरव पालिखे, एसोसिएट डायरेक्टर (एंडोक्रिनोलॉजी), ने चिंता जताई। उन्होंने बताया कि 25–35 वर्ष के युवाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस तेज़ी से बढ़ रहा है, जो तनाव, अनियमित दिनचर्या और अधिक कैलोरी वाले भोजन का नतीजा है।
पारस हेल्थ ने कहा कि आगे भी ऐसे समुदाय-केंद्रित हेल्थ कैंप आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर जांच करा सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हों। कैंप में प्रतिभागियों को मुफ्त ब्लड शुगर टेस्ट, डायबिटिक फुट चेक-अप, पर्सनलाइज्ड डाइट सलाह दी गई।

