सिटीन्यूज़ नॉउ
बठिंडा : सर्दियों के मौसम में ठंड, घना कोहरा और स्मॉग बढ़ने से सांस से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं। इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, बठिंडा में पल्मोनोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. मनन बेदी ने बताया कि सर्दी के दिनों में ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, अस्थमा और सीओपीडी जैसी बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। ठंडी हवा सांस की नलियों को परेशान करती है, जिससे सांस फूलना, सीने में जकड़न और घरघराहट की समस्या हो सकती है।
डॉ. मनन बेदी ने बताया कि अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों के लिए कोहरे वाले दिन ज्यादा खतरे वाले होते हैं। सर्दियों में कई बार पुरानी सांस की बीमारी अचानक बढ़ जाती है, जिससे मरीज को ज्यादा सांस फूलने, ज्यादा बलगम बनने और शरीर में ऑक्सीजन की कमी महसूस हो सकती है।
स्मॉग ज्यादा होने पर बाहर जाने से बचें, जरूरत हो तो मास्क पहनें, शरीर को गर्म रखें और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं और इनहेलर नियमित रूप से लें। सर्दी, कोहरा और स्मॉग के मौसम में समय पर इलाज और सावधानी रखने से फेफड़ों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जागरूकता और समय पर डॉक्टर की सलाह से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

