Wednesday, February 11, 2026
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श्री महावीर मंदिर में श्री कृष्ण-रुक्मणी विवाह की जीवंत झांकी, श्रद्धालुओं ने लिया आनंदतू है मोहन मेरा, मैं दीवाना तेरा जैसे मधुर भजनों को सुन श्रद्धालु हुए भाव विभोर

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सिटीन्यूज़ नॉउ/सहगल सुशील/सिंह परमदीप

चंडीगढ़, 27 फरवरी 2025: सेक्टर 23 डी स्थित श्री महावीर मंदिर मुनि सभा (साधु आश्रम) में 56वें वार्षिक मूर्ति स्थापना समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन एक ओर जहाँ भगवान को भावपूर्वक 56 व्यंजनों का भोग लगाया वहीं दूसरी ओर कथा व्यास आचार्य श्री हरिजी महाराज ने श्रद्धालुओं को इससे संबंधित प्रसंग और श्री कृष्ण-रुक्मणी विवाह की कथा सुनाई। आचार्य श्री ने कहा कि भगवान भक्त के अधीन होते हैं। भक्त जैसे होते हैं, भगवान वैसे ही बन जाते हैं।

इस अवसर पर आयोजकों द्वारा श्री कृष्ण-रुक्मणी विवाह की जीवंत झांकी का आयोजन किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु अत्यंत आनंदित हुए। विवाह समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने नृत्य किया और जयकारों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया। आचार्य श्री ने नवधा भक्ति के महत्व को बताते हुए कहा कि रुक्मणी जी ने भगवान श्री कृष्ण को सिर्फ श्रवण भक्ति के माध्यम से अपना बनाया।

विवाह समारोह में सभी श्रद्धालुओं ने पूरे भाव से भगवान के नाम का सुमिरन किया और विवाह की धूमधाम में जयकारे लगाए। इस और पुष्प वर्षा की और संयुक्त रूप से भगवान की आरती की।कथा के दौरान आचार्य श्री हरिजी महाराज ने भजनों के माध्यम से सभी भक्तों को मंत्रमुग्ध किया।

जय रंधावा व जैस्मीन भसीन , मुकेश ऋषि अभिनीत बदनाम 28 फरवरी को हो रही रिलीज़स्टार कास्ट संग हुआ प्रीमियर एलांते माल में

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चंडीगढ़ : शुक्रवार को हो रही रिलीज़ पंजाबी फिल्म ‘बदनाम’ एक एक्शन ड्रामा फिल्म है. फिल्म के एक्शन हीरो बादशाह (जय रंधावा) शानदार डायलॉग के साथ ‘निका जा बंदा दो टके दी औकात ते नाम ये बादशाह’. जैसे दमदार डायलाग डिलवरी से कर रहे हैं प्रभावित।

एक होर एक्शन हीरो के एक्शन सीन दमदार हैं , वही दमदार एंट्री होती है खूबसूरत जैस्मिन भसीन की. जो नारा लगा रही है नशा मुक्त पंजाब करो और फिर दोनों का रोमांस सीन भी दर्शकों को पसंद आएगा , साथ ही एंट्री होती है काला गोली की जो खुद ही कहता है कि मैं शक्ल से ही कुत्ता लगदा वा. फिर एक से बढ़कर एक खलनायकों की फौज नजर आती है. जिससे लगता है फिल्म में एक्शन के साथ-साथ नशा, करप्शन और काले धंधों का व्यापार वालों पर फोकस्ड है .

फ़िल्म देखकर यह लगता है जैसे हम किसी बॉलीवुड मूवी का ट्रेलर देख रहे हो. क्योंकि फिल्म में बॉलीवुड के आपको अनेक खलनायक नजर आने वाले हैं. जो पंजाबी मूवी के एक्शन हीरो जय रंधावा के साथ नजर आने वाले है.दूसरी ओर जैस्मीन भसीन टीवी की बहुत क्यूट एक्ट्रेसेस में से एक हैं. अपने क्यूट अंदाज के लिए वो दर्शकों की जितनी फेवरेट हैं, अपनी एक्टिंग से भी उतना ही इंप्रेस करती हैं.

टीवी पर अपना जलवा दिखा चुकी ये एक्ट्रेस पंजाबी फिल्मों की दुनिय में भी काफी एक्टिव हैं. जल्द ही उनकी एक पंजाबी मूवी रिलीज होने वाली है. इस मूवी का नाम है बदनाम. अपनी पंजाबी फिल्म के प्रमोशन के लिए भी एक्ट्रेस जम कर मेहनत कर रही हैं. इस बीच पत्रकारों से उन्होंने खास बातचीत की. जिसमें उन्होंने अपनी लाइक्स और डिसलाइक्स पर बात की

नो गन, ओनली फन” – सुखविंदर सिंह”नागिनी” सुखविंदर सिंह के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी

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चंडीगढ़ : गत तीन दशकों से अपनी सुरीली आवाज से लोगों के दिलों पर राज करने वाले व ऑस्कर विजेता गीत “जय हो” से भारतीय संगीत को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले सुखविंदर सिंह एक बार फिर गीतकार बाबू सिंह मान द्वारा लिखे गए गीत “नागिनी” के साथ सुर्खियों में हैं।

जय हो, चक दे, छैया छैया, हौले हौले, बंजारा, साकी साकी और रमता जोगी जैसे बॉलीवुड हिट गानों में अपनी दमदार आवाज देने के लिए जाने जाने वाले प्रसिद्ध गायक और संगीतकार सुखविंदर सिंह को उनके संगीत के लिए व्यापक सराहना मिलती रहती है। अनुभवी गायक सिंह का मानना है कि नागिनी दर्शकों, विशेषकर युवाओं को मंत्रमुग्ध कर देगी और श्रोताओं को थिरकने के लिए मजबूर करेगी।

सिटीन्यूज़ नॉउ से सुखविंदर सिंह ने नागिनी के बारे में जानकारी साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि यह गाना सुखविंदर सिंह ओरिजिनल्स के साथ-साथ अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होगा। बाबू सिंह मान द्वारा लिखित, जिसके बोल मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले और शमशाद बेगम जैसे दिग्गज गायकों द्वारा अमर किए गए हैं, यह गीत जीवंत पार्टी और क्लब संस्कृति को दर्शाता है।

संगीत वीडियो में प्रशंसित अभिनेता मुकेश ऋषि महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे। परियोजना के बारे में बोलते हुए, सुखविंदर सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज के युवाओं को शामिल करने के लिए परिवर्तन और नवाचार कैसे महत्वपूर्ण हैं, और नागिनी का लक्ष्य यही प्रदान करना है। हरप्रीत सिंह, बॉबी बाजवा, निप्पी धनोआ और विजय बरार सहित उद्योग की हस्तियों ने शिरकत की।

इपटा” एआई टेक्नोलॉजी के माध्यम से उत्पादकता और क्वालिटी में सुधार’ विषय पर सेमिनार का आयोजन करेगा–दो दिवसीय कार्यक्रम मे पेपर उद्योग से जुड़े प्रोफेशनल्स होंगे शामिल

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मोहाली। इंडियन पल्प एंड पेपर टेक्निकल एसोसिएशन एआई टेक्नोलॉजी के जरिए उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार’ विषय पर आगामी शुक्रवार से शनिवार तक सेमिनार करने जा रही है। आयोजन में 400 से अधिक पेपर उद्योग से जुड़े प्रमुख टेक्नोलॉजिस्ट और उद्यमी, भारत और विदेशों से आए इंजीनियर, मशीनरी सप्लायर और रिसर्च इंस्टिट्यूट शामिल होंगे। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से पल्प और पेपर निर्माण प्रक्रिया में दक्षता, गुणवत्ता लाना और स्थिरता में क्रांतिकारी बदलाव लाने पर विचार-विमर्श होगा।

इपटा अध्यक्ष एवं क्वांटम पेपर मिल्स, पंजाब के सीएमडी पवन खेतान ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पेपर उद्योग को बदलने की क्षमता रखता है, जिससे ऑपरेशनल दक्षता में सुधार, वेस्ट में कमी और उत्पाद की क्वालिटी में वृद्धि होगी। देशभर मे 850 से अधिक पेपर मिल्स प्रति वर्ष 2.5 करोड़ टन से अधिक कागज का उत्पादन करती हैं और 80,000 करोड़ का वार्षिक कारोबार करते हुए लगभग 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और 15 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है।

एसवीआर कृष्णन, उपाध्यक्ष, इपटा ने कहा कि नवीकरणीय पैकेजिंग की बढ़ती मांग और ई-कॉमर्स के तेजी से विस्तार के कारण, पल्प और पेपर उद्योग में एआई को अपनाने की गति तेज हो रही है। चिराग सेतिया, निदेशक, सेतिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एआई के क्रांतिकारी प्रभाव से प्रोडक्शन प्रोसेस को सुधारा जाना, वेस्ट में कमी और गुणवत्ता नियंत्रण में सुधार संभव हो रहा है।

बता दें कि पहली बार पेपर मिलों, पैकेजिंग निर्माताओं और एंड यूजर्स को साझा मंच पर लाया जा रहा है। पवन खेतान (अध्यक्ष, इपटा और सीएमडी, क्वांटम पेपर मिल्स, एस वी आर कृष्णन (उपाध्यक्ष, आईपीपीटीए और कार्यकारी निदेशक, खन्ना पेपर मिल्स, एम. के. गोयल (मानद सचिव जनरल, आईपीपीटीए) और चिराग सेतिया (कार्यक्रम अध्यक्ष और निदेशक, साटिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड) जैसे विशेषज्ञ पेपर उद्योग में एआई के प्रभाव पर चर्चा करेंगे और भविष्य में इस तकनीक को अपनाने के तरीकों पर विचार करेंगे।

फुटबॉल खिलाडियों के लिए नई संभावनाएं पैदा करने के लिए जीए फाउंडेशन व् वाईएफसी रुडक़ा कलां में समझौता- फुटबॉल प्रेमियों के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगा जीए फाउंडेशन: जासिम अल अली-माहिर कोच देंगे फुटबॉल प्रेमियों को नई तकनीकी जानकारी: गुरमंगल दास

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चंडीगढ़। जेनरेशन अमेजिंग फाउंडेशन अपने तकनीकी विशेषज्ञ कोचों और बेहतरीन फुटबॉल खिलाडिय़ों के सहयोग से अब फुटबॉल प्रेमियों को विशेष प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाने में मदद करेगा। बुधवार को वाईएफसी रुडक़ा कलां और जेनरेशन अमेजिंग द्वारा जेनरेशन अमेजिंग कम्युनिटी क्लब की बहुउद्देशीय खेल सुविधा के लिए आपसी समझौता किया गया। लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग की उपस्थिति में जीए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक जसीम अल अली व् यूथ फुटबॉल क्लब (वाईएफसी) रुडक़ा कलां के अध्यक्ष गुरमांगल दास ने इस एमओयू (आपसी समझौता) पर हस्ताक्षर किए।

फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक जसीम अल अली ने सिटीन्यूज़ नॉउ को बताया कि यूथ फुटबॉल क्लब (वाईएफसी) रुडक़ा कलां के सहयोग से फाउंडेशन 2017 से इस क्षेत्र में कार्यरत है। रुडक़ा कलां में हर साल लगभग 10 हजार फुटबॉल प्रेमियों को उत्कृष्ट माहौल में खेल तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फुटबॉल पिच के साथ-साथ बास्केटबॉल, टेनिस, वॉलीबॉल और पिकलबॉल के लिए अलग-अलग सिंथेटिक कोर्ट और बहुउद्देशीय हॉल भी उपलब्ध हैं।

वाईएफसी रुडक़ा कलां के संस्थापक और सीईओ गुरमंगल दास ने कहा कि यह केवल एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नहीं है, बल्कि पंजाब के हजारों युवाओं की नई उम्मीदें हैं। विशेषज्ञ कोच हामिद अब्दुल अजीज ने कहा कि बेहतरीन कोचों के साथ युवाओं को जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।

इस अवसर पर सरबजीत सिंह (आईएएस, एसीएस, स्पोर्ट्स), डायरेक्टर स्पोर्ट्स हरप्रीत सूदन (आईएएस), जेनरेशन फाउंडेशन के निदेशक जासिम अल अली, पालत फोर्टिस डायरेक्टर जीए फाउंडेशन, अवातिका नैयर, डॉ. ज़ोआ दोहरमान (संस्थापक और अध्यक्ष डिज़ इंडो-जर्मन कोऑपरेशन) और पंचायत विभाग के निदेशक परमजीत सिंह (आईएएस) भी उपस्थित रहे।

पंजाब के निजी स्कूलों कों कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के निर्देशअथक प्रयासों से वंचित बच्चों के लिए उच्च न्यायालय में हुई ऐतिहासिक जीत – डॉ. जगमोहन सिंह राजू

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चंडीगढ़। मुफ्त और क्वालिटी शिक्षा के मौलिक अधिकार को सुनिश्चित करने हेतू पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पंजाब के सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को कक्षा 1 की 25 प्रतिशत सीटें कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए आरक्षित करने का निर्देश दिया है।ज्ञात रहे कि पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव और एजुकेशनल इक्वलिटी के सरपरस्त डॉ. राजू ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करके कानूनी लड़ाई की अगुआइ करते हुए आरटीई नियम 2011 के पंजाब के नियम 7 (4) को चुनौती दी थी। उनके लगातार प्रयासों ने उन सिस्टम की बाधाओं को उजागर किया, जिन्होंने हजारों बच्चों को उनकी सही शिक्षा से वंचित कर दिया था। माननीय उच्च न्यायालय ने उनके तर्क से सहमति जताते हुए नियम को आरटीई अधिनियम की धारा 12(1)(सी) के विपरीत बताते हुए रद्द कर दिया।

सिटीन्यूज़ नॉउ से बातचीत करते हुए डॉ. राजू ने कहा कि यह फैसला न एक कानूनी जीत है, बल्कि वित्तीय बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित हर बच्चे के लिए एक नैतिक जीत है। उन्होंने सरकारी अधिकारियों और सिविल सोसाइटी दोनों से अनुपालन की सक्रिय निगरानी (एक्टिव मॉनिटरिंग) करने का आग्रह किया है।केएस राजू लीगल ट्रस्ट के ट्रस्टी एडवोकेट कृष्ण दयामा ने कहा कि ट्रस्ट ने यह जनहित याचिका दायर करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पंजाब में आरटीई एक्ट के इम्प्लीमेंटेशन में कमी के कारण हजारों वंचित बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित हो गए थे।

डॉ. राजू अब यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि पात्र बच्चे और उनके परिवार अपने अधिकारों के बारे में जागरूक हों और अपने सही एडमिशन का दावा कर सकें। वे एडमिशन प्रोसेस में अधिक पारदर्शिता और निजी स्कूलों द्वारा किसी भी तरह की चोरी को रोकने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग तंत्र पर भी जोर दे रहे हैं।

एनएचपीसी स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप स्कीम के नामांकन शुरू

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फरीदाबाद /चंडीगढ़ :- एनएचपीसी “उभरते खिलाड़ियों के लिए एनएचपीसी स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप स्कीम ” के अंतर्गत 16 खेलों नामत: फुटबॉल, कबड्डी, हॉकी, मुक्केबाजी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, शूटिंग, क्रिकेट, तैराकी, कुश्ती, वॉलीबॉल, ब्रिज, टेबल टेनिस, शतरंज, बैडमिंटन और पैरा स्पोर्ट्स के लिए पात्र आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर रही है।

इस स्कॉलरशिप का उद्देश्य 14-19 वर्ष (पैरा स्पोर्ट्स के लिए 14-24 वर्ष) की आयु के होनहार युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और शिक्षा के प्रारंभिक वर्षों के दौरान खिलाड़ियों का एक टैलेंट पूल तैयार करना है।

उपर्युक्त 16 खेलों में अधिकतम 32 स्कॉलरशिप प्रदान किए जाने का प्रावधान है। अपेक्षित मानदंडों को पूरा करने वाले आवेदनों पर दो श्रेणियों अर्थात “एलीट स्कॉलर” और “स्कॉलर” में स्कॉलरशिप के लिए विचार किया जाएगा। यह स्कॉलरशिप तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जाएगी। “एलीट स्कॉलर्स” को पहले वर्ष 12,000 रुपए/- प्रति माह, दूसरे वर्ष 13,000 रुपए/- प्रति माह और तीसरे वर्ष 14,000 रुपए/- प्रति माह की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी । ” स्कॉलर्स” को पहले वर्ष 9,000/- रुपए प्रति माह, दूसरे वर्ष 10,000/- रुपए प्रति माह और तीसरे वर्ष 11,000/- रुपए प्रति माह की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी ।

इसके अतिरिक्त इस स्कॉलरशिप स्कीम के अंतर्गत कुछ अन्य लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। स्कॉलरशिप स्कीम से संबंधित विवरण एनएचपीसी की वेबसाइट www.nhpcindia.com के “कैरियर” कार्नर पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 मार्च 2025 है। केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। कोई हार्ड कॉपी या ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।ी

लिली स्वर्ण की “ए बीजूवेल्ड टीयारा” कविता संग्रह का विमोचन–किताब कविता के माध्यम से प्रेम और शांति का शक्तिशाली संदेश

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सिटीन्यूज़ नॉउ/सहगल सुशील/सिंह परमदीप

चंडीगढ़, 25 फरवरी 2025: पुरस्कार विजेता कवयित्री और लेखिका लिली स्वर्ण ने अपनी नवीनतम काव्य संग्रह ए बीजूवेल्ड टीयारा का अनावरण किया, जो प्रेम और शांति की असीम शक्ति को बयां करती है। यह उनकी नौवीं पुस्तक और पांचवीं कविता संग्रह है, जो मानव जीवन की भावनाओं और गहरी सच्चाइयों को उजागर करती है।

ए बीजूवेल्ड टीयारा एक दिव्य प्रेम, भक्ति और शाश्वत स्नेह की शक्ति को समर्पित है, जिसमें इश्क-ए-हकीकी (ईश्वर से प्रेम) और इश्क-ए-मजाजी (ईश्वर की रचना से प्रेम) पर विचार किए गए हैं। स्वर्ण लैला-मजनू, हीर-रांझा और मिर्जा-साहिबा की प्रसिद्ध प्रेम कथाओं को जीवित करती हैं, जो यह दिखाती हैं कि प्रेम सभी सीमाओं से ऊपर होता ह|

इस काव्य संग्रह में प्रेम के साथ-साथ एक मजबूत मानवता का संदेश भी है। स्वर्ण के शब्द वैश्विक समस्याओं को उजागर करते हैं, जो युद्ध के पीड़ितों, विधवाओं, अनाथों और विस्थापित लोगों की कठिनाइयों को दिखाते हैं।स्वर्ण कहती हैं कि कविता में इलाज करने और एकजुट करने की शक्ति है

ए बेजूवेल्ड टीयारा मेरी प्रेम, शांति और मानवता की निर्भीक अभिव्यक्ति है – यह युद्ध और दुख के खिलाफ एक आवाज है।लिली स्वर्ण को 70 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कार मिल चुके हैं। वह इंटरनेशनल बीट पोएट लॉरेट (इंडिया, 2023-2024) हैं और साहित्यिक उत्कृष्टता के लिए सीज़र वैलिजो पुरस्कार की प्राप्तकर्ता हैं।

उनकी कविता, जो 21 भाषाओं में अनुवादित हो चुकी है, ने वैश्विक साहित्यिक मंच पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है।ए बीजूवेल्ड टीयारा सिर्फ एक किताब नहीं है; यह उम्मीद और मजबूत इरादों का प्रतीक है। पाठकों से इसके संदेश को अपनाने और दुनिया भर में प्रेम और शांति फैलाने की अपील की जाती है।

उन्हें वर्ल्ड यूनियन ऑफ पोएट्स द्वारा ग्लोबल पोएट इंकॉमिम ऑफ पीस एंड यूनिवर्सल लव से सम्मानित किया गया और वर्ल्ड इंस्टिट्यूट ऑफ पीस ने नाइजीरिया में उन्हें “ग्लोबल आइकॉन ऑफ पीस” की उपाधि दी। लिली पीस और ह्यूमैनिटी की अम्बेसडर के रूप में पेरू, घाना, मोरक्को और नाइजीरिया के विभिन्न संस्थानों के लिए काम कर रही हैं।

मनसिमरन संधू का नया गाना ‘डब्ल्यूवाईडी’ रिलीज‘डब्ल्यूवाईडी’ एक जोशीला और मजेदार गाना है, जो युवाओं की पहली मोहब्बत और आकर्षण की चिंगारी को सुलगाता है

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चंडीगढ़, 25 फरवरी 2025: अपने लेटेस्ट सिंगल ट्रैक ‘मिल्डे मिल्डे’ में सफलता के बाद, उभरते हुए पंजाबी सिंगर मनसिमरन संधू एक धमाकेदार गाने ‘डब्ल्यूवाईडी’ को रिलीज किया है। यह गाना स्टाइल और मस्ती से भरपूर है, जो युवाओं के पहले आकर्षण के एहसास को बयान करता है। ‘डब्ल्यूवाईडी’ में जाने-माने प्रोड्यूसर हितेन का जबरदस्त म्यूजिक है, जो पंजाबी वाइब्स और अर्बन पॉप का शानदार मेल है। यही वजह है कि यह गाना नया भी लगता है और सदाबहार भी।यह गाना खुद मनसिमरन ने लिखा और गाया है, जिस में दो लोगों के बीच के आकर्षण की रोमांचक कहानी बयान की गई है, जो जानते हैं कि उन्हें क्या चाहिए। यह एक मज़ेदार लेकिन जोशीली बातचीत है, जहाँ एक लड़का और लड़की एक-दूसरे को स्टाइल और कॉन्फिडेंस के खेल में टक्कर देते हैं। गाने के दमदार बोल और मंसिमरन की स्मूथ आवाज़ इस रोमांच को और भी खास बना देती है, जिससे ‘डब्ल्यूवाईडी’ हर उस इंसान के लिए परफेक्ट साउंडट्रैक बन जाता है, जो फ्लर्टिंग के इस मजेदार एहसास का हिस्सा है।

गाने के बारे में बात करते हुए, मनसिमरन संधू ने बताया कि, “डब्ल्यूवाईडी मस्ती और जोश का परफेक्ट मेल है। यह उस खास इंसान के बारे में है जो आपको हर पल उसके इर्द गिर्द घुमाता है, और आप उसकी ओर खींचे चले जाते हैं। इस गाने को लिखना मेरे लिए बहुत आसान था क्योंकि यह एक असली एहसास है। ये ऐसी वाइब है, जो सिर्फ तब आती है जब केमिस्ट्री एकदम सही हो। हितेन के म्यूजिक ने इस गाने में जबरदस्त एनर्जी डाल दी है। मैं उम्मीद करता हूं कि लोग इस गाने के खास आकर्षण को महसूस कर हर बीट का मजा लेंगे।

“मनसिमरन पहले ही ‘मिल्दे मिल्दे’ और ‘पानी वर्गियां आखां’ जैसे वायरल गानों से अपनी पहचान बना चुके हैं। ‘डब्ल्यूवाईडी’ भी उसी शानदार म्यूजिकल स्टाइल को आगे बढ़ाता है, जिसमें खूबसूरत मेलोडी और बेहतरीन कम्पोजिशन है।