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महान कवि शिव कुमार बटालवी की 89वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्राचीन कला केंद्र एक विशेष संध्या का आयोजन किया

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ / महान कवि शिव कुमार बटालवी की 89वीं जयंती पर उनकी स्मृति में प्राचीन कला केंद्र द्वारा आयोजित भावपूर्ण संध्या “की पुछदे ओ हाल फकीरां दा”,” प्रमुख सांस्कृतिक संस्था प्राचीन कला केंद्र ने महान कवि शिव कुमार बटालवी की 89वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनकी स्मृति में भावपूर्ण संगीत की एक विशेष संध्या का आयोजन किया।

यह कार्यक्रम आज चंडीगढ़ के सेक्टर 35/बी स्थित केंद्र परिसर के एम.एल. कौसर सभागार में सायं 6:30 बजे से आयोजित किया गया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर , सचिव श्री सजल कौसर और वरिष्ठ कला समीक्षक श्री एस.डी. शर्मा भी उपस्थित थे। आज की इस शाम को जाने माने गायक श्री सुनील डोगरा ने अपनी भावपूर्ण आवाज़ से सजाया। आज के कलाकार श्री सुनील डोगरा ने मंच संभाला और शिव बटालवी के अमर गीतों से जादू बिखेरा।

उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच प्रसिद्ध गीत “मेनू ता मेरे दोस्त मेरे गम ने मारया के साथ शुरुआत की, इसके बाद उन्होंने शिव के कुछ चुने हुए प्रसिद्द गीतों जैसे “रात गई कर तारा तारा”, “सिखर दोपहरे सिर ते मेरे ढल चल्या परछावा”, “लूना”, “कुछ रुख मेनू पुत्त लगदे”, “की पुछदे ओ हाल फकीरां दा”, “असां तन जोबन रुते मरना” गाए जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके उपरांत सुनील ने कुछ और खूबसूरत गीत जैसे “एक कुड़ी जिहदा नां मोहब्बत”, “भाठी वालिये चम्बे दिए डालिये ” और “मेनू हीरे हीरे आखे” पेश किया जिसका दर्शकों ने भरपूर आंनद लिय। सुनील ने शिव बटालवी की अलंकृत कविता के मूड और सार को बेहद संजीदा रूप से पेश किया।

सुनील के साथ संगत कलाकारों में हरप्रीत सोनू (कीबोर्ड), नंद लाल ठाकुर (तबला), सतीश यशी (गिटार), ओंकार मट्टू (ढोलक), बॉबी अरोड़ा (परकशन ) और राजेश कुमार (सारंगी) ने बखूबी संगत की। केंद्र के सचिव श्री सजल कौसर सहित अन्य गणमान्य लोगों ने कलाकारों को मोमेंटो से सम्मानित किया।

ब्राह्मण सभा चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर-37 स्थित भगवान परशुराम भवन में आयोजित 22वें रक्तदान शिविर

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ । भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश के सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि देशभक्त शहीदों की जयंती पर सेवाभाव से जुड़े रक्तदान के साथ नई पीढ़ी को देशभक्ति के भाव के साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को आजादी दिलाने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को जानने का मौका मिलता है।

संजय टंडन शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती के उपलक्ष्य में श्री ब्राह्मण सभा चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर-37 स्थित भगवान परशुराम भवन में आयोजित 22वें रक्तदान शिविर में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित करके विधिवत रूप से रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं का बैज लगाकर हौसला बढ़ाया और आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को रक्तदान के लिए प्रेरित करें।

भाजपा नेता संजय टंडन ने कहा कि रक्तदान महादान है, रक्तदान के जरिये मानवता की सेवा में अपना योगदान दिया जा सकता है। युवाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक होना होगा। साथ ही उन्होंने आह्वान किया कि युवा सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, इसके उनमें समाज सेवा के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा।

इस अवसर पर पूर्व महापौर रविकांत शर्मा, मंडल अध्यक्ष योगेश कुमावत, प्रदीप, लेखराज शर्मा, अजय सूद, पी.एन. शाही, सुरिंदर सहित अनेक वरिष्ठ सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

दुसरी विशाल पैदल कांवड़ यात्रा हरिद्वार से चल कर आज श्री विष्णु बाबा रामदेव शिव मंदिर मे स्वागत किया गया

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़/ श्री आदियोगी रामलीला ड्रामेटिक क्लब राम दरबार चण्डीगढ़ की दुसरी विशाल पैदल कांवड़ यात्रा हरिद्वार से चल कर आज श्री विष्णु अवतार बाबा रामदेव शिव मंदिर में अरूण कुमार व सभी शिव भगतों ने सामूहिक रूप से भगवान शिव जी का अभिषेक किया पंडित धर्मेंद्र पांडे द्धारा जल अभिषेक पूजा की गई। श्री विष्णु अवतार बाबा रामदेव मंदिर सभा की ओर से सभी शिव भगतों का भव्य स्वागत किया गया।

मंदिर प्रधान कुंदन बैरवा ने सभी शिव भगतों को मां तुलसी का पौधा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मंदिर कमेटी सदस्य बंसती देवी, मंजू दुबे, संतोष,खेम चंद, हर्ष मेधवाल, सुरेश कुमार,सोनिया,पारस, वंदना तथा ज्ञानेश्वर,चंदन, दीपक गुप्ता तथा मनीष मोजूद रहें।

कारगिल विजय दिवस: सजोबा मैराथन आयोजित कर भारतीय सेना को श्रद्धांजलि देगी

मैराथन में 500 से ज़्यादा प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ / सजोबा मैराथन 2025, रीजन की सबसे इनक्लूसिव और बहुप्रतीक्षित दौड़ आयोजनों में से एक, कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर शनिवार, 26 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। सेंट जॉन्स ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (सजोबा) द्वारा आयोजित यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान का सम्मान करते हुए स्मरण, एकता और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी के संदेशों को बढ़ावा देगा।

सेंट जॉन्स हाई स्कूल में सिटीन्यूज़ नॉउ से बातचीत करते हुए सजोबा के प्रेसिडेंट हरपाल सिंह मलवई ने बताया कि मैराथन सुबह 5:00 बजे स्कूल परिसर से शुरू होगी और वहीं समाप्त भी होगी।सजोबा के प्रेसिडेंट हरपाल सिंह मलवई ने कहा कि “यह मैराथन 26 जुलाई को कारगिल दिवस के उपलक्ष्य में, रन फॉर द ऑर्म्ड फोर्सेज, रन फॉर पीस, रन फॉर द प्लेनेट, और स्वर्गीय श्री फौजा सिंह की स्मृति में आयोजित की जा रही है, जो जिंदगी भर दौड़ के दिग्गज रहे और हम सभी के लिए प्रेरणा थे।

वर्तमान प्रेसिडेंट के अलावा, सजोबा के संस्थापक प्रेसिडेंट मैक सरीन और सजोबा के पूर्व प्रेसिडेंट एसपीएस घई भी उपस्थित थे। सजोबा टीम के साथ ट्राइसिटी के इंडस्ट्रियल सेक्टर के दिग्गज संजीव अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर, स्कॉट एडिल, जो फार्मा सेक्टर की प्रमुख कंपनी है, भी मौजूद थे। स्कॉट एडिल सजोबा मैराथन 2025 का मुख्य स्पांसर है, और वही पर मैराथन की टी-शर्ट को भी लॉन्च किया।

सजोबा के सचिव दानिश सिंह मांगट ने कहा कि हमें पूरे भारत से 500 से अधिक प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है। इस आयोजन में 21 किमी, 10 किमी, 5 किमी और 3 किमी की दौड़ श्रेणियां होंगी, जो सभी आयु वर्ग के पुरुषों और महिलाओं के लिए खुली होंगी। यह केवल एक दौड़ नहीं है – यह स्वास्थ्य, एकता और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव है। प्रतिभागियों की आयु 14 वर्ष से 80 वर्ष तक है, जो इस उद्देश्य के लिए व्यापक और उत्साही समर्थन को दर्शाता है। इस आयोजन में 9 व्हीलचेयर-बेस्ड एथलीट और कई दिव्यांग भाग लेंगे, जो मैराथन की सुगमता और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सजोबा मैराथन 2025 के मुख्य प्रायोजक स्कॉट एडिल हैं, जबकि राही केयर सह-प्रायोजक है। प्रतिष्ठित सहयोगी प्रायोजकों में इंडियन ऑयल, फोर्टिस, हॉल्ट, कोका-कोला (कंधारी बेवरेजेज), एचडीएफसी बैंक, सहायक एसोसिएट्स और वेरका शामिल हैं।सजोबा फाउंडेशन शिक्षा और खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप्स भी प्रदान करती है।

अंकुर स्कूल में नृत्य उत्सव और शास्त्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया

चंडीगढ़ / स्वर्णिम वर्ष समारोह के एक भाग के रूप में, अंकुर स्कूल, सेक्टर 14, पंजाब विश्वविद्यालय परिसर, चंडीगढ़ ने 22 जुलाई, 2025 को एक अंतर-विद्यालय लोक नृत्य और शास्त्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में ट्राइसिटी के 24 स्कूलों और 95 छात्रों ने गरबा, भांगड़ा, भरतनाट्यम और कथक जैसी पारंपरिक नृत्य शैलियों का प्रदर्शन किया। प्रसिद्ध विशेषज्ञ सुश्री राखी और श्री वरुण खन्ना ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी थे– एकल जूनियर शास्त्रीय: अनाया (कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर- 9, चंडीगढ़)- एकल सीनियर शास्त्रीय: स्नेहप्रीत (अंकुर स्कूल)- लोक समूह नृत्य: (अंकुर स्कूल)सभी विजेताओं को एकल और समूह श्रेणियों में ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

पारस हेल्थ ने बढ़ती न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया – वर्ल्ड ब्रेन डे

तनाव, स्क्रीन टाइम और खराब दिनचर्या से बिगड़ रही है युवाओं की ब्रेन हेल्थ: डा. अनुराग लांबा

पंचकूला / वर्ल्ड ब्रेन डे के अवसर पर पारस हेल्थ ने ब्रेन से जुड़ी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने और समय पर इलाज के महत्व को रेखांकित करने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की। इस वर्ष की वैश्विक थीम “ब्रेन हेल्थ फॉर ऑल” के अंतर्गत अस्पताल ने आमजन से अपील की कि वे अपने मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

पारस हेल्थ पंचकूला के वरिष्ठ निदेशक, न्यूरोलॉजी विभाग, डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा, “स्ट्रोक, मिर्गी, डिमेंशिया और पार्किंसंस जैसी बीमारियों में समय ही सबसे बड़ा इलाज है। एक मिनट की देरी ब्रेन को स्थायी नुकसान पहुँचा सकती है। भारत में लगातार बढ़ती उम्र, शहरीकरण, अनियमित दिनचर्या और तनाव जैसे कारणों से न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए पारस हेल्थ पंचकूला ने अपने न्यूरोसाइंसेज विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञों की टीम से सुसज्जित किया है।

डा. अनुराग लांबा, निदेशक, न्यूरोलॉजी, ने बताया कि आज की तनावपूर्ण जीवनशैली और बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण अब युवा भी माइग्रेन, एंग्जायटी और नींद संबंधी विकारों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ब्रेन हेल्थ अब सिर्फ बुजुर्गों का मुद्दा नहीं रहा। डिजिटल डिटॉक्स, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल जैसे कदम आज की ज़रूरत हैं।

जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए अस्पताल द्वारा निशुल्क स्क्रीनिंग कैंप, हेल्थ टॉक्स और सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। पारस हेल्थ का उद्देश्य है, हर उम्र के व्यक्ति को उच्च गुणवत्ता वाली न्यूरोलॉजिकल देखभाल प्रदान कर एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण करना।

मैक्स अस्पताल में टॉन्सिल कैंसर का हुआ रोबोटिक सर्जरी से इलाज

सिटीन्यूज़ नॉउ

मोहाली / टॉन्सिल कैंसर से पीड़ित सुंदरनगर के एक 73 वर्षीय व्यक्ति का हाल ही में मैक्स अस्पताल, मोहाली में एक उन्नत न्यूनतम इनवेसिव रोबोटिक सर्जरी से इलाज किया गया।जानकारी देते हुए पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के पूर्व विभागाध्यक्ष और डीन अकादमिक तथा वर्तमान में मैक्स अस्पताल में ईएनटी विभाग के निदेशक डॉ. नरेश कुमार पांडा ने कहा किरोगी को लगातार गले में दर्द और खाना निगलने में कठिनाई हो रही थी।

डॉ. पांडा ने आगे कहा, “ट्यूमर लोकलइज्ड था और लिम्फ नोड्स या शरीर के दूर के हिस्सों में नहीं फैला था। गले के अंदर ट्यूमर के गहरे स्थान को देखते हुए, हमने दा विंची एक्सऑय रोबोटिक प्रणाली का उपयोग करके गर्दन के विच्छेदन के साथ ट्रांसओरल रोबोटिक सर्जरी करने का फैसला किया। ट्यूमर को पूरी तरह से हटा दिया गया। सर्जरी के बारे में बात करते हुए, डॉ. पांडा ने कहा कि यह सिर और गर्दन के कैंसर के इलाज के लिए एक न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल तरीका है। उन्होंने बताया कि इस उन्नत तकनीक से हम मुँह के माध्यम से ऑपरेशन कर सकते हैं

टॉन्सिल का कार्सिनोमा एक प्रकार का सिर और गर्दन का कैंसर है, जो अक्सर धूम्रपान, शराब के सेवन या एचपीवी संक्रमण से जुड़ा होता है। इसके लक्षण गले में खराश, निगलने में कठिनाई, कान में दर्द या गर्दन में गांठ जैसे हो सकते हैं। लक्षणों को जल्दी पहचानकर कैंसर को मेटास्टेसाइज़ होने से पहले ही शुरुआती चरण में ही ठीक किया जा सकता है।

रोटरी क्लब्स ने चलाया सर्वाइकल कैंसर जागरूकता अभियान

60 बच्चियों को लगाया मुफ्त टीका

सिटीन्यूज़ नॉउ

अमृतसर। रोटरी क्लब्स ऑफ अमृतसर और बॉम्बे पीयर ने एक्सपीडी इंडिया एंड बियॉन्ड तथा इसुज़ु इंडिया के सहयोग से #4 कॉर्नरइंडियाड्राइव अभियान को मजबूती दी गई जो कि 40 दिनों में 15 हजार किमी की यात्रा कवर करेगी। इसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद बच्चियों को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराना है।

अभियान के तहत सोमवार को अमृतसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें रोटरी क्लब ऑफ अमृतसर सिविल लाइन्स, रोटरेक्ट क्लब ऑफ खालसा कॉलेज और रंधावा अस्पताल ने सहभागिता निभाई। डॉ. शगुन रंधावा की देखरेख में अस्पताल ने 60 बच्चियों को मुफ्त में एचपीवी वैक्सीन लगाई।

यह ड्राइव देशभर के 15 राज्यों के 38 शहरों से होकर गुजरेगी, जिसमें शैक्षणिक सत्र और मुफ्त टीकाकरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का लक्ष्य 1,00,000 बच्चियों का टीकाकरण करना और एक एचपीवी -फ्री भारत की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है।सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं की कैंसर से होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण बना हुआ है, जिससे हर साल करीब 70,000 महिलाएं अपनी जान गंवा देती हैं।

अभियान के बारे में बात करते हुए रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे पीयर की अध्यक्ष रोटेरियन नूपुर देसाई ने कहा की रोटरी का उद्देश्य लोगों के दिलों और समुदायों तक पहुँच बनाकर ज़िंदगियों को बचाना है।

आगामी 26 जुलाई को विक्की मिड्डूखेड़ा फाउंडेशन पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में लगाएगी 50,000 पौधे

पौधारोपण अभियान छात्र नेता विक्की को होगी भावभीनी श्रद्धांजलि-अजयपाल मिड्डूखेड़ा

सिटीन्यूज़ नॉउ

मोहाली। स्टूडेंट लीडर स्वर्गीय विक्की मिड्डूखेड़ा के जन्मदिन के मौके पर आगामी 26 जुलाई को विक्की मिड्डूखेड़ा फाउंडेशन उत्तर भारत में पर्यावरणीय स्थिरता हेतू पौधारोपण अभियान की शुरुआत करेगी।बड़े भाई अजयपाल मिड्डूखेड़ा ने इस मौके पर ‘गो ग्रीन 2025’ नामक इस पहल की घोषणा की।

ज्ञात रहे कि पीयू मे एसओआई सफल पार्टी विक्की के दम पर ही बन पाई। विक्की मिड्डूखेड़ा बहुत कम उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कह गए।फाउंडेशन के प्रेसिडेंट अजयपाल मिड्डूखेड़ा ने कहा कि ‘गो ग्रीन 2025’ के माध्यम से समाज की भलाई के लिए विक्की की सोच और कार्यों को आगे बढ़ाना जारी रखा जाएगा।

यह अभियान एक ग्रीन और हेल्दी मोहाली की दिशा में एक सार्थक कदम होगा। विक्की मिड्डूखेड़ा फाउंडेशन की स्थापना उनके भाई विक्की मिड्डूखेड़ा की स्मृति में की गई है । पिछले साल भी उनके जन्मदिन पर एक पौधारोपण अभियान शुरू किया था, जिसके तहत हमने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और जम्मू के कई क्षेत्रों में 15 हज़ार से ज़्यादा पौधे लगाए गए।

इस साल पंजाब और अन्य सभी राज्यों में लगभग 50,000 पौधे लगाने का लक्ष्य है। निकट भविष्य में 1 लाख पौधे लगाए जाएंगे।उल्लेखनीय है कि फाउंडेशन के पास लक्षित क्षेत्रों में लगभग 20,000 समर्पित वालंटियर हैं, जो इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वनीकरण के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।

फाउंडेशन एरोसिटी क्षेत्र (एयरपोर्ट रोड) में जागरूकता यात्राएं आयोजित करेगा ताकि लोगों को जलवायु परिवर्तन से लडऩे के लिए ग्रीन कवर के महत्व का एहसास कराया जा सके। चपरचिड़ी मेेंं वनरोपण अभियान चलाया जाएगा। अजयपाल मिड्डूखेड़ा ने बताया कि फाउंडेशन ने पंजाब में युवाओं में मादक द्रव्यों के सेवन से निपटने के लिए पुनर्वास केंद्रों के साथ मिलकर नशे के खिलाफ और नशा मुक्ति जागरूकता अभियान भी चलाए हैं।

इसके अलावा प्रसिद्ध सरबत दा भला ट्रस्ट जैसे अन्य प्रमुख सामाजिक संगठनों के सहयोग से फ्री मेडिकल चैकअप कैम्प भी आयोजित किए हैं और रक्तदान शिविर भी आयोजित किये गए हैं। फाउंडेशन ने आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों को नि:शुल्क स्कूल सामग्री वितरित करने, स्कॉलरशिप्स प्रदान करने और यहां तक कि मार्गदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से भी मदद की है।

चंडीगढ़ में 36 सालों से बनी फर्नीचर मार्केट बुलडोजर से ध्वस्त- प्रशासन ने 116 दुकानों के ढांचों को गिराया

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़/ करीब 36 सालों से चंडीगढ़ के सेक्टर 53/54 में बसी फर्नीचर मार्केट को आखिरकार प्रशासन द्वारा तोड़ दिया गया। मार्किट में टीन शेड और लकड़ी से बनाई गई करीब 116 दुकानों पर इस्टेट ऑफिस ने जेसीबी मशीनों से कार्रवाई करते हुए ढांचों को गिरा दिया।

चंडीगढ़ पुलिस के भारी बंदोबस्त के बीच प्रशासन के अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में तड़के ही अमला मौके पर पहुंच गया था। जिसके बाद दुकानदारों को दो घंटे की मोहलत देने के बाद ढांचों को मशीनों से उखाड़ा गया और ट्रैक्टर ट्रॉलियां में लोड कर भेज दिया।

दुकानदारों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध भी किया लेकिन अधिकारियों का कहना था कि कई बार समय देने के बावजूद दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली नहीं की जिसके चलते रविवार को यह कार्रवाई करने से पहले 2 घंटे का समय देकर फिर ढांचों को गिराया गया। बता दें कि बीती 12 जुलाई को प्रशासन ने दुकानदारों को तीन दिनों का अल्टीमेटम देकर दुकान खाली करने को कहा था। 116 दुकानदारों में से कुछ ने ही दुकानों में से अपना सामान उठाया था जबकि अन्य प्रशासन से राहत की मांग कर रहे थे।

प्रशासन ने उन्हें सामान उठाने तक की मोहलत नहीं दी और उनकी दुकानें तोड़ दी। कई दुकान में करीब 15 लाख का सामान था। हालांकि, समय रहते उन्होंने सामान हटा दिया था। लेकिन अब इस सामान को वे कहां लेकर जाएंगे। फर्नीचर मार्केट से 5000 परिवारों का पालन होता था जो अब सड़कों पर आ गए हैं।

एक साल पहले शुरू हुई फर्नीचर मार्केट तोड़ने की कवायदमार्किट में मौजूद अधिकारियों का कहना था कि करीब एक साल पहले दुकानदारों को फर्नीचर मार्केट को तोड़ने से पहले अपना सामान उठाने के लिए कहा था। लेकिन दुकानदारों ने ऐसा नहीं किया। इसके बा लगातार प्रशासन उन्हें नोटिस तो कभी मौखिक रूप से फर्नीचर मार्केट पर कार्रवाई होने की बात से अवगत करवाते रहे। दुकानदारों ने ऐसा नहीं किया। सुबह को दुकानदारों ने 2 घंटों के दौरान अपना सामान दुकानों से निकाल दिया था। पिछले एक महीने से दुकानों पर कार्रवाई की बात की जा रही थी।

मंगलवार को कोर्ट में थी सुनवाईफर्नीचर मार्केट को तोड़ने से पूर्व 12 जुलाई को प्रशासन के आदेश जारी होने के बाद कुछ दुकानदार न्यायालय की शरण में चले गए थे। कोर्ट ने मामले में याचिका पर सुनवाई के लिए मंगलवार को सुनवाई तय की, मगर रविवार को ही प्रशासन द्वारा बुलडोजर चला कर मार्किट को हटा दिया। दुकानदारों ने कहा शहर के रेजिडेंट्स के साथ प्रशासन ने मखौल किया है।