सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: मेहर चंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय (एमसीएम) के गृह विज्ञान विभाग की ओर से ‘धरोहर 3.0’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विशेषकर पंजाब की पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प से जोड़ना और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा।
विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने फुलकारी एवं बाग कढ़ाई, क्रॉस-स्टिच, क्रोशिया, बुनाई, रंगोली, नाला एवं परांदा बनाना, गुड़ियाँ-पटोले, खिड्डो बनाने और मेहंदी सज्जा जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक तकनीकों के साथ रचनात्मकता, धैर्य और शिल्प-कौशल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में फुलकारी, बाग, परांदा और गुड़ियाँ-पटोले जैसे पंजाबी हस्तशिल्प विशेष आकर्षण रहे। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिल्पों की तकनीक और निर्माण प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव मिला, जिससे उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सौंदर्यबोध विकसित हुआ।
‘धरोहर 3.0’ ने पारंपरिक शिल्पों की आधुनिक उपयोगिता और उद्यमिता की संभावनाओं को भी उजागर किया। आयोजन ने युवा पीढ़ी को पंजाब की सांस्कृतिक पहचान और विरासत से जोड़ते हुए इनके संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।

