सिटीन्यूज़ नॉउ
मंडी गोबिंदगढ़: देश भगत विश्वविद्यालय (डीबीयू) के स्कूल ऑफ फार्मेसी द्वारा “नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उन्नत चिकित्सीय प्रौद्योगिकियों के माध्यम से औषधि विज्ञान का रूपांतरण” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का सफल समापन हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को औषधि विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नैनो प्रौद्योगिकी, प्रिसिजन मेडिसिन और आधुनिक चिकित्सीय तकनीकों से अवगत कराना था।कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल ऑफ फार्मेसी की प्राचार्य एवं निदेशक डॉ. पूजा गुलाटी के स्वागत संबोधन से हुई।
कुलाधिपति डॉ. ज़ोरा सिंह ने अपने संदेश में कहा कि एआई और उन्नत तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं एवं फार्मेसी शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। उन्होंने शिक्षकों से नवाचार अपनाने और ज्ञान को लगातार अद्यतन रखने का आह्वान किया।
एफडीपी के दौरान विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी), गुड डॉक्यूमेंटेशन प्रैक्टिसेज (जीडीपी), एआई आधारित औषधि अनुसंधान, मशीन लर्निंग, प्रिसिजन मेडिसिन, नैनो टेक्नोलॉजी, प्रेडिक्टिव मॉडलिंग तथा एआई-सहायित न्यूरोफार्माकोलॉजी जैसे समकालीन विषयों पर व्याख्यान दिए। संवादात्मक सत्रों में प्रतिभागियों ने उन्नत अनुसंधान तकनीकों और गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की व्यावहारिक जानकारी भी प्राप्त की।
समापन सत्र में कुलपति डॉ. हर्ष सदावर्ती ने आयोजन समिति, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि संकाय विकास और अनुसंधान आधारित शिक्षा समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से उभरती प्रौद्योगिकियों को शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

