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वीर बाल दिवस(Safar E Shahadat) पर आयोजित कार्यक्रमों में संजय टंडन ने माथा टेका

देश और धर्म की रक्षा की खातिर अपना सर्वस्व न्योछावर किया दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चारो लाल ने

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ : सिक्ख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों के शहीदी दिवस की याद में मनाये जा रहे वीर बाल दिवस (Safar E Shahadat) के अवसर पर चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में श्री सुखमनी साहिब के पाठ , शब्द कीर्तन और लंगर आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन ने भाग लिया |

संजय टंडन ने सेक्टर 22 में चंडीगढ़ रोटरी ट्राइसिटी द्वारा आयोजित लंगर सेवा ,सेक्टर 20, चंडीगढ़ में यूथ क्लब 20 द्वारा आयोजित चाय सेवा के लंगर और पालिका बाजार सेक्टर 19 में लंगर की सेवा की और साथ ही साहिबजादों के ऊपर प्रदर्शित की गयी फिल्म को भी देखा |

सिक्ख धर्म के गुरुओं ने न केवल अपनी कुर्बानी दी बल्कि दसवीं पातशाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने तो अपने चारों साहिबजादों के साथ साथ अपने पूरे परिवार को ही इसके ऊपर न्योछावर किया पर अपना धर्म नहीं छोड़ा | 17 वर्ष के बाबा अजीत सिंह और 13 वर्ष के जुझार सिंह चमकौर की जंग मुगलों से लड़ते हुए 22 दिसम्बर 1704 को और शहीद हो गए |

वहीँ 27 दिसंबर को महज 8 वर्ष के बाबा जोरावर सिंह और मात्र 5 वर्ष के बाबा फ़तेह सिंह को सरहंद के सूबेदार वजीर खान ने जिंदा दीवारों में चिनवा दिया था परन्तु चारों शहीदों ने देश और धर्म की रक्षा की खातिर अपने आप को कुर्बान करना तो मंजूर किया पर जुल्मियों के आगे सर नहीं झुकाया |

हम सभी को अपने बच्चों को ऐसे वीर योद्धाओं की गाथाओं से अवगत करवाना अति आवश्यक है ताकि वे भी जान सकें कि आज हमारा देश और हमारा धर्म जिसकी हम पालना कर रहे हैं वो इन शहीदों की ही देन है |

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