सिटीन्यूज़ नॉउ
मोहाली: बड़े आकार के यूट्रस से पीड़ित महिला की लिवासा हॉस्पिटल, खन्ना में सफल जटिल टोटल लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी की गई।ऑब्सटेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट कंसल्टेंट, डॉ मंजू वर्मा ने बताया कि मरीज़ को पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, लगातार पेट के निचले हिस्से में दर्द, और गर्भाशय के बहुत ज्यादा बढ़ जाने की समस्या थी, जिससे उनकी ज़िंदगी की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ रहा था।
डॉ वर्मा ने बताया कि गर्भाशय के आकार और इसमें शामिल जटिलताओं की वजह से यह केस सर्जरी के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण था।उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया लेप्रोस्कोपिक तरीके से की गई, जिससे पेट पर बड़ा चीरा लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ी।डॉ वर्मा ने आगे कहा, गर्भाशय में बड़े फाइब्रॉयड (रसौली) महिला की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर काफी असर डाल सकते हैं। पहले इतने बड़े गर्भाशय वाले मरीज़ों को अक्सर ओपन सर्जरी करवानी पड़ती थी और ठीक होने में लंबा समय लगता था।
मिनिमली इनवेसिव गायनेकोलॉजिकल सर्जरी में हुई तरक्की की वजह से अब कई जटिल मामलों का इलाज लैप्रोस्कोपी से किया जा सकता है। इससे मरीजों को कम दर्द होता है,ए वे जल्दी ठीक होते हैं, खून कम बहता है और वे जल्द ही अपनी सामान्य गतिविधियों में लौट पाते हैं।

