सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 मई से 15 जून 2026 तक पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) रहेगा। सेक्टर-24 स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पंडित राम गोपाल ने बताया कि इस माह को मलमास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु की आराधना, दान-पुण्य, जप-तप तथा मंत्र-यंत्र साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।उन्होंने कहा कि अधिक मास लगभग तीन वर्ष बाद आता है।
इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ और देव प्रतिष्ठा जैसे मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। पंचांग के अनुसार चंद्र और सौर वर्ष के बीच समय अंतर को संतुलित करने के लिए अतिरिक्त माह जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है।
पंडित राम गोपाल ने बताया कि इस बार पुरुषोत्तम मास में दो संक्रांतियां, दो पूर्णिमा और दो अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही दो गुरु पुष्य योग भी पड़ेंगे, जो धार्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं। उन्होंने श्रीमद्भागवत और नारद पुराण का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान विष्णु ने स्वयं इस मास को “पुरुषोत्तम मास” का नाम दिया था। इस अवधि में विष्णु पूजा, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना का विशेष महत्व रहेगा।

