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सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक जागरूकता का सशक्त माध्यम है रंगमंच: डॉ. ज़ोरा सिंह

सिटीन्यूज़ नॉउ

मंडी गोबिंदगढ़: सुचेतक रंगमंच द्वारा प्रसिद्ध नाटककार सी. टी. खानोलकर की चर्चित कृति पर आधारित पंजाबी नाटक ‘वक्त तैनूं सलाम है’ का सफल मंचन टैगोर थिएटर, चंडीगढ़ में किया गया। प्रभावशाली अभिनय, सशक्त निर्देशन और सामाजिक संदेश से भरपूर इस नाटक ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम में देश भगत विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. ज़ोरा सिंह और प्रोकुलाधिपति डॉ. तजिंदर कौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं पंजाब राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष बालमुकंद शर्मा तथा गौरव सोनी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने सुचेतक रंगमंच के प्रयासों की सराहना करते हुए पंजाबी रंगमंच की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

नाटक का निर्देशन अनीता शबदीश ने किया, जबकि इसका पंजाबी रूपांतरण शबदीश द्वारा किया गया। प्रस्तुति ने अपनी प्रभावशाली कथा और उत्कृष्ट अभिनय के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचाया।इस अवसर पर डॉ. ज़ोरा सिंह ने कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक प्रेरणा और सांस्कृतिक जागरूकता की सशक्त शक्ति है।

डॉ. तजिंदर कौर ने कहा कि ऐसे नाट्य प्रयोग समाज में संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।आयोजकों ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाज को सार्थक संदेश देने वाली प्रस्तुतियां आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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