सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: गर्भावस्था के दौरान लगातार पड़ने वाली भीषण गर्मी नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने से कम वजन वाले बच्चों के जन्म और समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ जाता है।
पंजाब के लिए यह निष्कर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य का बड़ा हिस्सा गर्म और आर्द्र जलवायु वाले क्षेत्र में आता है।”इफेक्ट ऑफ एक्सट्रीम हीट स्ट्रेस ऑन एडवर्स प्रेगनेंसी आउटकम्स इन इंडिया” शीर्षक से प्रकाशित इस अध्ययन में 2015 से 2020 के बीच दर्ज 2.09 लाख से अधिक जन्मों का विश्लेषण किया गया।
शोध के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान लगातार पड़ने वाले प्रत्येक अतिरिक्त भीषण गर्मी वाले दिन से कम जन्म वजन वाले शिशु के जन्म का जोखिम लगभग एक प्रतिशत बढ़ जाता है। पहली तिमाही में गर्मी का संबंध समय से पहले प्रसव, जबकि दूसरी तिमाही में कम जन्म वजन से पाया गया।अध्ययन में यह भी सामने आया कि कम शिक्षित, गरीब और कुपोषित महिलाओं में यह जोखिम अधिक है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को जलवायु और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों का अहम हिस्सा बनाया जाना चाहिए। यह अध्ययन आईआईटी दिल्ली, क्वींसलैंड विश्वविद्यालय तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से किया गया है।

