Friday, February 13, 2026
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खालसा कॉलेज.अमृतसर ऑफ टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस स्टडीज में इंटर कॉलेज फेस्ट ‘हुनर 2025’ का आयोजन

सिटीन्यूज़ नॉउ

मोहाली, 12 मार्च 2025: खालसा कॉलेज (अमृतसर) ऑफ टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस स्टडीज द्वारा कॉलेज की प्रिंसीपल डॉ. हरीश कुमारी के नेतृत्व में इंटर कॉलेज फेस्ट ‘हुनर 2025’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, प्रतिभा और नेतृत्व कौशल को मंच प्रदान करना था, जिससे वे शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता हासिल कर सकें।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रुपिंदर कौर, सहायक निदेशक, युवा सेवा पंजाब एवं राज्य एनएसएस अधिकारी ने शिरकत की।

उनका कॉलेज की प्रिंसिपल एवं संकाय सदस्यों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।फेस्ट में विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और डिबेट, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, कोलाज मेकिंग, फोटोग्राफी, पेंटिंग, कविता पाठ, लोकगीत, मिमिक्री, फैंसी ड्रेस, एलोक्यूशन, विज्ञापन डिज़ाइनिंग, वीडियो मेकिंग, लोगो डिज़ाइनिंग, स्टार्टअप पिचिंग जैसे अनेक प्रतिस्पर्धात्मक कार्यक्रमों में अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया।

फेस्ट में सचप्रीत कौर खीवा सामाजिक कार्यकर्ता व कला प्रेमी; डॉ. तरन्नुम मोहन, असिस्टेंट प्रोफेसर, रीजनल सेंटर फॉर आईटी एंड मैनेजमेंट, फेज-7, मोहाली; भवनप्रीत कौर भाटिया, असिस्टेंट प्रोफेसर, ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मोहाली ने निर्णायक मंडल के रूप में शिरकत की और सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन कर विजेताओं की घोषणा की।कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. हरीश कुमारी ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र व मोमेंटोस देकर सम्मानित किया गया।

कालीबाड़ी चंडीगढ़ में आज से शुरू होगी श्री रामकृष्ण की चार दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ । कालीबाड़ी चंडीगढ़ अपने मंदिर परिसर में भगवान श्री रामकृष्ण की प्राण प्रतिष्ठा शनिवार से प्रारम्भ करेगा। शनिवार शाम को पवित्र अनुष्ठान शुरू होने के साथ ही रामकृष्ण मिशन (आरकेएम) के विभिन्न केंद्रों से भिक्षु आ रहे हैं।प्राण प्रतिष्ठा की प्रमुख रीति “आधिबास” अनुष्ठान में मूर्ति को शुद्ध करने और किसी भी दोष की पहचान करने के लिए जल, अनाज और अन्य पवित्र पदार्थों में विसर्जित करना होता है ।

यह आवश्यक कदम दिव्य ऊर्जा के साथ मूर्ति के अभिषेक से पहले होता है। इसके बाद अमृता गांगुली द्वारा परिकल्पित और निर्देशित ‘सिद्धार्थ से बुद्ध तक – श्रीरामकृष्ण की दिव्य लीला’ नामक एक आत्मा को झकझोर देने वाली नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। यह मेगा प्रोडक्शन गौतम बुद्ध और श्रीरामकृष्ण के जीवन और आध्यात्मिक मिशनों के बीच गहरी समानताएं दर्शाता है।

चार दिवसीय पवित्र प्राण प्रतिष्ठा समारोह का नेतृत्व गुरुग्राम के रामकृष्ण मिशन के स्वामी शांतात्मानंद और भुज के रामकृष्ण मिशन के स्वामी सुखानंद रविवार को तंत्रधारक के रूप में करेंगे। प्रत्येक दिन काली पूजा, मंगल आरती, भक्ति गीत और प्रामाणिक बंगाली शाकाहारी प्रसाद जैसे पारंपरिक अनुष्ठान होंगे। सांस्कृतिक आकर्षणों में हिंदी नाटक ‘दिव्य स्पर्श’ शामिल है।

प्रसिद्ध कीर्तनिया पड्डा पोलाश और उनका समूह भक्ति कीर्तन प्रस्तुत करेंगे। समापन दिवस पर विशेष काली पूजा, रक्तदान अभियान और समुदाय के लिए निःशुल्क चिकित्सा और नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।

एसडी कॉलेज के प्रिंसिपल ने पहुंचे वरिष्ठ एनसीसी अधिकारियों का स्वागत किया

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज ने चंडीगढ़ ग्रुप मुख्यालय से वरिष्ठ राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिकारियों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल का कॉलेज पहुंचने पर स्वागत किया।

इन गणमान्य व्यक्तियों में ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर विक्रम सिंह चौहान, वाईएसएम, कर्नल परमजीत सिंह, वीएसएम, ऑफिसर कमांडिंग 2 चंडीगढ़ बटालियन एनसीसी, सूबेदार मेजर सिया राम गुर्जर और ट्रेनिंग जेसीओ सूबेदार अजय कुमार शामिल थे, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से कॉलेज परिसर को गौरवान्वित किया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और कॉलेज के एनसीसी कैडेटों द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया जो यूनिट के अटूट अनुशासन और उत्साही प्रतिबद्धता को दर्शाता था।

अधिकारियों ने कैडेटों के साथ उत्साहपूर्वक बातचीत की तथा उन्हें प्रोत्साहन एवं प्रेरणा के शब्द कहे। उनके समृद्ध व्यक्तिगत अनुभव से प्राप्त टिप्पणियों ने युवा कैडैट्स पर गहरी छाप छोड़ी, जिनमें से कई सशस्त्र बलों या सिविल सेवाओं के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करने की आकांक्षा रखते हैं। कैडेटों ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी तथा बातचीत के दौरान अपने अनुभवों और आकांक्षाओं को गर्व के साथ साझा किया।

इन सम्मानित अधिकारियों के दौरे ने न केवल कॉलेज की एनसीसी यूनिट की उपलब्धियों को मान्यता मिली, बल्कि युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रीय सेवा के मूल्यों को स्थापित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका की भी पुष्टि की। जीजीडीएसडी कॉलेज एक मजबूत और गतिशील एनसीसी प्रोग्राम के माध्यम से जिम्मेदार नागरिकों और भविष्य के लीडर्स को पोषित करने के अपने मिशन में दृढ़ है।

ड्रग जागरूकता पर विशेषज्ञ सत्र और वाडा क्लब की विदाई समारोह

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन सेक्टर 50, चंडीगढ़ ने कॉलेज कांफ्रेंस रूम में ड्रग जागरूकता पर एक विशेषज्ञ सत्र और उसके बाद वाडा क्लब की विदाई समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करना और शैक्षणिक सत्र के दौरान वाडा क्लब के समर्पित छात्र सदस्यों द्वारा किए गए योगदान को मान्यता देना था।

इस सत्र में 100 से अधिक छात्र और संकाय सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर की मुख्य अतिथि डॉ. मीनाक्षी गुप्ता, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ की एक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ थीं। डॉ. गुप्ता ने मादक पदार्थों की लत के स्वास्थ्य और समाज पर विनाशकारी प्रभाव के बारे में बात की और छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने ध्यान और माइंडफुलनेस को प्रभावी उपकरण के रूप में जोर दिया जो सहकर्मी दबाव का विरोध करने और मादक पदार्थों से बचने में मदद करते हैं।प्राचार्य डॉ. शशि वाहि खुल्लर ने सभा को संबोधित किया और वाडा क्लब के निरंतर और प्रशंसनीय प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने जागरूकता फैलाने और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को संलग्न करने में उत्कृष्ट कार्य किया।

कार्यक्रम का समापन वाडा क्लब के संयोजक गुरजिंदर सिंह द्वारा दिए गए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने क्लब की पहलों की सफलता के लिए कॉलेज प्रशासन, संकाय सदस्यों और छात्र स्वयंसेवकों के समर्थन को स्वीकार किया।

पार्किंसंस के शुरुआती संकेतों को नज़र अंदाज़ न करें : डॉ. अनुराग लांबा

सिटीन्यूज़ नॉउ

पंचकूला । विश्व पार्किंसंस दिवस के अवसर पर पारस हेल्थ पंचकूला ने शुक्रवार को एक स्वास्थ्य वार्ता और जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पार्किंसंस बीमारी, इसके लक्षणों और समय पर पहचान के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना था।

पार्किंसंस जागरूकता माह के अंतर्गत आयोजित इस पहल में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि यह केवल एक मूवमेंट डिसऑर्डर नहीं, बल्कि नींद, मनोदशा और सोचने-समझने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। भारत में अनुमानित 5.76 लाख लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

डॉ. अनुराग लांबा, डायरेक्टर – न्यूरोलॉजी, पारस हेल्थ पंचकूला ने सिटीन्यूज़ नॉउ से बात करते हुए कहा के , “पार्किंसंस धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है। हल्का कंपन, धीमी आवाज़, या छोटी लिखावट जैसी छोटी बातें भी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान की प्रगति के साथ अब इस बीमारी के प्रभाव को धीमा करना और मरीज को बेहतर जीवन देना संभव है।

डॉ. पार्थ बंसल, कंसल्टेंट – न्यूरोलॉजी ने बताया कि पार्किंसंस के शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान इलाज की दिशा में पहला और सबसे जरूरी कदम है। “मरीज की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य है।

कार्यक्रम के अंत में जागरूकता और एकजुटता के प्रतीक स्वरूप अस्पताल परिसर में 100 ग्रे गुब्बारे छोड़े गए। इस मौके पर वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. अनिल ढींगरा और डॉ. दिनेश वर्मा भी उपस्थित रहे। पारस हेल्थ का उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए जागरूक, सहानुभूतिपूर्ण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

द फैशन हबीब ने जीरकपुर में खोला अपना 5वां स्मार्ट सैलून और अकादमी

सिटीन्यूज़ नॉउ

जीरकपुर। वीरवार को द फैशन हबीब स्मार्ट सैलून एंड अकादमी ने सुषमा इन्फिनियम में अपने पांचवें ब्रांच का भव्य उद्घाटन किया। ज्ञात रहे कि द फैशन हबीब अब सुंदरता के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दे रहा है। द फैशन हबीब ने मिस्टिक वेलनेस क्लब के साथ साझेदारी की है जो होलिस्टिक न्यूट्रिशन और वेलनेस सेवाओं में अग्रसर है। इस शुभावसर पर मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब, द फैशन हबीब के सीईओ संदीप कुमार और मिस्टिक वेलनेस क्लब के सीईओ जतिन चौहान मौजूद रहे।

सिटीन्यूज़ नॉउ से बातचीत करते हुए संदीप कुमार ने कहा कि अब हम सिर्फ लोगों को स्टाइल नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें हेल्दी, हैप्पी और नैचुरली ग्लोइंग बनाने में मदद कर रहे हैं, जो सुंदरता की नई परिभाषा है। जतिन चौहान ने कहा कि सच्ची सुंदरता भीतर से शुरू होती है। इस साझेदारी के माध्यम से हम हर घर तक वेलनेस एजुकेशन, ब्यूटी केयर और पर्सनलाइज्ड हेल्थ सॉल्यूशन्स पहुंचाना चाहते हैं।

संदीप कुमार ने कहा कि इस सहयोग से देशभर के सभी फैशन हबीब सैलून, जिसमें जीरकपुर की नई ब्रांच भी शामिल है, वेलनेस हब के रूप में कार्य करेंगे। यहां ग्राहकों को कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक कैंप्स और मिस्टिक वेलनेस क्लब के साथ मिलकर तैयार किए गए पर्सनलाइज्ड ब्यूटी-वेलनेस प्लान्स मिलेंगे।

जीएमएसएसएस-16 उत्तर भारत का पहला तथा भारत का दूसरा वातानुकूलित सरकारी स्कूल बना

सिटीन्यूज़ नॉउ

चण्डीगढ़ : सेक्टर 16 का गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल चण्डीगढ़ के बेहतरीन स्कूलों में शुमार है। इस प्रतिष्ठित स्कूल के 1975 बैच के सेक्शन ए के पूर्व विद्यार्थियों का स्वर्ण जयंती मिलन समारोह आज स्कूल परिसर में आयोजित किया जिसमें स्कूल के पूर्व छात्र अरविन्द जैन, जो शहर के जाने-माने समाज सेवी हैं एवं अनेक संस्थाओं से जुड़ें हुए हैं, ने विद्यालय के सभी 35 क्लासरूम्स में हिटाची कंपनी के लिए 1.5 टन इन्वर्टर एयर कंडीशनर भेंट किए।

यह सरकारी स्कूल अब पूरी तरह वातानुकूलित हो गया है और यह उत्तर भारत का पहला तथा भारत का दूसरा ऐसा सरकारी स्कूल बन गया है।इस ऐतिहासिक अवसर पर एयर कंडीशनर प्रोजेक्ट का औपचारिक शुभारंभ शिक्षा एवं अभियंत्रण सचिव प्रेरणा पुरी, आईएएस द्वारा किया गया।अरविन्द जैन ने इस अवसर पर कहा कि यह अवसर न केवल पुरानी यादों को ताज़ा करने का है, बल्कि एक-दूसरे से फिर से जुड़ने और अपने विद्यालय के प्रति अपना सम्मान प्रकट करने का भी है।

वर्तमान प्रिंसिपल भवनीत कौर और स्कूल कोऑर्डिनेटर सुश्री शीतल की मौजूदगी में इस अवसर पर तत्कालीन 14 पूर्व शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।अरविन्द जैन ने इसके साथ ही वर्तमान में विद्यालय में पढ़ रहे सभी 2726 छात्रों को गिफ्ट हैम्पर प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, सफाई कर्मचारियों, मालियों, चपरासियों और अन्य सहायक कर्मचारियों को भी उपहार भेंट किए।कार्यक्रम में स्कूल के वर्तमान विद्यार्थियों ने पूर्व विद्यार्थियों के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके स्वागत किया।

शिवा इंटरनेशनल निर्मित ड्राई सिरप और आई ड्रॉप बोतल सेट फार्मा टेक एक्सपो में उपलब्ध

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल मे चल रहे तीन दिवसीय फार्मा टेक एक्सपो मे नालागढ़- बद्दी की विख्यात पैकेजिंग इंडस्ट्री शिवा इंटरनेशनल द्वारा निर्मित प्लास्टिक कंटेनर और कैप्स, विशेष रूप से ड्राई सिरप और आई ड्रॉप बोतल सेट के उत्पादों के बारे मे जानकारी हासिल करने के लिए आगुंतको का जमावाड़ा देखने को मिला।

शिवा इंटरनेशनल के सीईओ राजन चोपड़ा ने सिटीन्यूज़ नॉउ को बताया कि शिवा इंटरनेशनल एक पार्टनरशिप फर्म है। उन्होने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त, नवीनतम प्रौद्योगिकी मशीनें और इनहाउस स्लीविंग सुविधाओं के साथ-साथ स्वयं की लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध है।

राजन चोपड़ा ने बताया कि वे पूरे उत्तर भारत और कुछ मध्य भारत राज्यों में सफलतापूर्वक सामग्री की आपूर्ति कर रहे हैं। निकट भविष्य में उनके कई एक्सपेंशन प्लान्स हैं, जिससे दवा उधोग के अधिक बड़े वर्ग तक अपनी पहुंच बनाना उनका लक्ष्य भी है। जानकारी हेतू वेबसाइट 222.ह्यद्धद्ब1ड्डद्बठ्ठह्ल.ष्शद्व पर सम्पर्क किया जा सकता है।

पार्किंसन रोग मे खाने से एक घंटा पहले और खाने के दो घंटे बाद दवा करती है -जिसमें कंपन, शरीर में अकडऩ, गति में कमी, नींद में समस्या और डिप्रेशन जैसे लक्षण होते हैं

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। फोर्टिस के प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट्स ने पार्किंसन रोग के इलाज के लिए समग्र और व्यक्ति-विशेष दृष्टिकोण अपनाने की सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि जेनेटिक्स (वंशानुगत कारण), पोषण (डाइट) और उन्नत सर्जरी के क्षेत्र में हो रहे नए विकास इस बीमारी के इलाज को बेहतर बना रहे हैं। जेनेटिक टेस्टिंग, मिलेट्स (जैसे-बाजरा) आधारित डाइट और डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) जैसी तकनीकें अब रोगियों की देखभाल और लक्षणों के नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

डॉ. सुदेश प्रभाकर, न्यूरोलॉजी डायरेक्टर; डॉ. अनुपम जिंदल, एडिशनल डायरेक्टर, न्यूरोसर्जरी; डॉ. निशित सावल, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी; और डॉ. रवनीत कौर, एसोसिएट कंसल्टेंट, मेडिकल जेनेटिक्स ने पार्किंसन रोग के कारणों, लक्षणों और इलाज के विभिन्न तरीकों पर जानकारी दी।

डॉ. सुदेश प्रभाकर ने बताया कि यह बीमारी आमतौर पर 60 साल से ऊपर के लोगों में होती है, लेकिन कभी-कभी युवा लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसके मुख्य लक्षण हैं -हाथ-पैर कांपना, शरीर में अकडऩ, गति में कमी, लिखने और बोलने में परेशानी। इसके अलावा नींद न आना और डिप्रेशन जैसे लक्षण भी देखे जाते हैं। गंभीर कब्ज की समस्या पार्किंसन रोग के शुरुआती लक्षणों में से एक है।

डॉ. रवनीत कौर ने कहा कि कुछ विशेष जीन में बदलाव (म्यूटेशन) पार्किंसन रोग के होने का खतरा बढ़ा सकते हैं, खासकर जब परिवार में इसका इतिहास हो। बढ़ती जागरूकता और जेनेटिक टेस्टिंग की उपलब्धता के साथ, अब लोग अपनी वंशानुगत जोखिम को समझ सकते हैं कि उन्हें यह स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।डॉ. अनुपम जिंदल ने कहा कि पार्किंसन रोग का सर्जिकल इलाज आमतौर पर तब किया जाता है जब मरीज को बीमारी का निदान हुए कम से कम दो साल हो चुके हों। दो प्रकार के इलाज उपलब्ध हैं। पहला है डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस), जिसमें दिमाग में दो पतली इलेक्ट्रोड्स डाली जाती हैं और इन्हें छाती में स्थित बैटरी से जोड़ा जाता है।

डॉ. अंबेडकर के विचारों, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया गया – शिक्षा व समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को किया गया सम्मानित

सिटीन्यूज़ नॉउ,

चण्डीगढ़ : सेक्टर-37 स्थित लॉ भवन में भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा कमेटी द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में समाजसेवी, धर्मगुरु, बुद्धिजीवी वर्ग और आम नागरिकों ने भाग लिया।

इस ऐतिहासिक आयोजन में डॉ. अंबेडकर के विचारों, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया गया, साथ ही शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई कमेटी के चेयरमैन समदर्श वेद जोसफ और ओमपाल चावर सिंह ने की। समदर्श वेद जोसफ ने इस अवसर पर कहा कि वाल्मीकि हमारी आस्था हैं, अंबेडकर हमारा रास्ता हैं, जो समाज के लिए प्रेरणा का संदेश है।

समारोह में मुख्य अतिथि कुलदीप चंद अग्निहोत्री, संजय टंडन, विक्रांत खंडेलवाल, देवेंद्र सिंह, मनीष बंसल, ओपी ड्रेविड, जय नारायण, यशवीर बेदी समेत कई धर्मगुरु और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में समदर्श वेद जोसफ, पवन अटवाल और काली आदिवाल की प्रमुख भूमिका रही, वहीं सहयोगियों में विशाल (कालू), शिवा चौहान, पंकज मास्टर, विशाल बिल्ला, रवि आदिवाल, लव कुमार, दिवेश, सुभाष तमोली, रविता खेरवाल, सुनील पहलवान, मुकेश बॉक्सर, आनंद बॉक्सर, रजत बॉक्सर, उदेश पोहाल, सोनिया चड्डा, ज्योति हंस, बबिता (डड्डूमाजरा), सोनिया दुग्गल, मीणा चड्डा और सुरजीत खेड़ा सहित सैकड़ों लोगों ने अपनी ज़िम्मेदारियां निभाईं।

यह आयोजन न केवल डॉ. अंबेडकर की विरासत को सहेजने की एक कोशिश रहा, बल्कि समाज में एकता, जागरूकता और बदलाव की दिशा में भी एक सशक्त संदेश बनकर उभरा।