Thursday, February 12, 2026
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गीतांजलि कालरा गवर्नमेंट कॉलेज डेराबस्सी की नई प्रिंसिपल

सिटीन्यूज़ नॉउ

डेराबस्सी- गवर्नमेंट कॉलेज डेराबस्सी मे सोमवार को गीतांजलि कालरा ने कॉलेज की नई प्रिंसिपल के रूप में पद का कार्यभार संभाला। ज्ञात रहे कि इससे पहले वह गवर्नमेंट कॉलेज (बॉयज़), सेक्टर-11, चंडीगढ़ में अंग्रेजी के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे। गौरतलब है कि गीतांजलि कालरा के पास छात्रों को पढ़ाने का लगभग 30 वर्षों का विशाल अनुभव है, जिसमें से 18 वर्ष उन्होंने चंडीगढ़ के एक सरकारी कॉलेज में बिताए हैं।

उनकी शैक्षणिक यात्रा छात्रों की शैक्षणिक विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नवनियुक्त गीतांजलि कालरा के आगमन के अवसर पर महाविद्यालय के तीनों शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया।

ओजस में फिजिशियन-मॉडिफाइड फेनेस्ट्रेटेड एंडोवैस्कुलर एनेयुरिज़्म रिपेयर सर्जरी उपलब्ध

सिटीन्यूज़ नॉउ

पंचकूला: अल्केमिस्ट हॉस्पिटल्स की यूनिट ओजस हॉस्पिटल, पंचकूला में बुजुर्ग महिला मरीज के लिए खतरा बनी ऐऑर्टिक (महाधमनी) एन्यूरिज़म का क्षेत्र की पहली फिजिशियन-मॉडिफाइड फेनेस्ट्रेटेड एंडोवैस्कुलर एनेयुरिज़्म रिपेयर (ईवीएआर) सर्जरी द्वारा सफलतापूर्वक इलाज किया गया। मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, वैस्कुलर केयर के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है।

सिटीन्यूज़ नॉउ से जानकारी सांझा करते हुए डॉ अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मरीज की ऐऑर्टिक में 6 सेंटीमीटर चौड़ा एन्यूरिज़म दिल से पूरे शरीर में खून पहुंचाने वाली मुख्य धमनी फूल गई थी। समय रहते इलाज न मिलने से इसके फटने का खतरा होता है। उन्होने कहा कि ओपन सर्जरी बुज़ुर्ग मरीजों के लिए अत्यधिक जोखिम भरी होती है चूंकि इसमे 7-8 घंटे की सर्जरी और दोनों किडनियों व आंतों की धमनी के बायपास शामिल होते हैं।

इन जटिलताओं से बचने के लिए, ओजस और एल्केमिस्ट हॉस्पिटल के वरिष्ठ वैस्कुलर सर्जन डॉ अंकुर अग्रवाल के नेतृत्व में वैस्कुलर टीम ने फिजिशियन-मॉडिफाइड फेनेस्ट्रेटेड तकनीक अपनाई। डॉ अग्रवाल ने बताया, यह अत्याधुनिक प्रक्रिया हमें ऑपरेशन टेबल पर ही स्टेंट में छोटी-छोटी फेनेस्ट्रेशन (होल) बनाकर उसे मरीज की स्थिति के अनुसार अनुकूलित करने की सुविधा देती है, ताकि मुख्य धमनी से निकलने वाली किडनी और आंतों की महत्वपूर्ण धमनियों में रक्त प्रवाह बना रहे।

स्टेंट शरीर के अंदर लगाने के बाद इन फेनेस्ट्रेशन के माध्यम से चार अतिरिक्त स्टेंट डाले जाते हैं ताकि आवश्यक अंगों तक निरंतर रक्त आपूर्ति बनी रहे। पूरी सर्जरी केवल 3 सेंटीमीटर की छोटी सी चीरा से की गई जो पारंपरिक ओपन सर्जरी में लगने वाले बड़े चीरे की तुलना में कहीं कम है, और मरीज को मात्र दो दिन बाद ही स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने जीरकपुर में अपना पहला एक्सक्लूसिव शोरूम का किया शुभारम्भ

सिटीन्यूज़ नॉउ

जीरकपुर । किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने पंजाब के जीरकपुर में अपने पहले एक्सक्लूसिव शोरूम का शुभारंभ किया। यह शोरूम कॉस्मो मॉल के बिल्कुल सामने फ्रेंड्स एन्क्लेव में स्थित है। इस शोरूम के साथ ही किसना का यह देशभर में 71वां एक्सक्लूसिव शोरूम है। इस अवसर पर हरी कृष्णा ग्रुप के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर घनश्याम ढोलकिया भी मौजूद थे। इस मौके अरविंदर जीत सिंह कार्यकारी निदेशक, टाइनोर ऑर्थोपेडिस्ट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस लॉन्च के अवसर पर किसना ग्राहकों को हीरे के आभूषणों के मेकिंग चार्ज पर 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट और सोने के आभूषणों के मेकिंग चार्ज पर 25 प्रतिशत की छूट दे रहा है। बैसाखी के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए किसना ने अपनी नई ‘अक्षय कलेक्शन’ भी पेश की है, जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम है।इस मौके हरी कृष्ण समूह के संस्थापक और प्रबंध निदेशक घनश्याम ढोलकिया ने कहा कि पंजाब अपनी जीवंत संस्कृति और उत्सव के प्रति प्रेम के लिए जाना जाता है, यहां आभूषण बाजार के लिए अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ‘हर घर किसना’ यानी हर महिला का डायमंड ज्वेलरी पहनने का सपना पूरा करना और भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला आभूषण ब्रांड बनना है। किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी के निदेशक पराग शाह ने कहा कि हमारा ज़ीरकपुर शोरूम पंजाबी ग्राहकों की पसंद के अनुसार से डिज़ाइन किया गया है।

चण्डीगढ़ तमिल संगम का 10वां वार्षिक विद्या दानम कार्यक्रम सम्पन्न

सिटीन्यूज़ नॉउ

चण्डीगढ़ : चण्डीगढ़ तमिल संगम ने अपना 10वां वार्षिक विद्या दानम कार्यक्रम भारती भवन, सेक्टर 30 में आयोजित किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चण्डीगढ़, पंचकूला व मोहाली के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों से संबंध रखने वाले 585 स्कूली बच्चों को सहायता दी गई।

इन बच्चों को पाठ्यपुस्तकें, अभ्यास पुस्तिकाएं, स्कूल बैग, लेखन सामग्री, यूनिफॉर्म, जूते, पानी की बोतलें, साइकिल आदि वितरित किए गए।कार्यक्रम में न्यायपालिका, विधि, चिकित्सा, अभियंत्रण सहित विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों और आईएएस, आईपीएस, आईएफएस सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था, ताकि वे बच्चों को प्रेरित कर सकें व इन बच्चों के लिए आदर्श बन सकें।

मुख्य अतिथि पूर्व आईएएएस दीन दयालम थे जबकि आईएएस अधिकारी रजनी कांतम, अरविन्द कुमार, आई ऍफ़ एस नारायणन एवं डीएसपी अभिनंदन आदि भी इस अवसर पर मौजूद रहे। संस्था के अध्यक्ष माधवन (पूर्व आईएएस), महासचिव एसपी राजशेखरन व कोषाध्यक्ष वी शिवा सुब्रह्मण्यन ने बताया कि चण्डीगढ़ तमिल संगम एक सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था है जो पिछले 55 वर्षों से मानवता की सेवा कर रही है।

यह संस्था तमिलों की सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उच्च आदर्शों को अपनाए हुए है, ताकि चंडीगढ़, मोहाली (पंजाब) और पंचकूला (हरियाणा) में बसे तमिल समुदाय स्थानीय लोगों और उनकी परंपराओं के साथ सामंजस्य स्थापित कर सके। उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि यह कार्यक्रम हमारे और देश के भविष्य में एक सार्थक निवेश है।

श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने आयोजित किया अपना 159वां अन्न भंडारा

सिटीन्यूज़ नॉउ

पंचकूला । अष्ठमी के पावन अवसर पर श्री श्याम करुणा फाउंडेशन द्वारा 159वां ‘अन्न भंडारा’ श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया। यह आयोजन पंचकूला औद्योगिक क्षेत्र, फेज-1 में फाउंडेशन के संस्थापक एवं पंचकूला के प्रमुख समाजसेवी श्री अमिताभ रूंगटा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।इस अवसर पर अमिताभ रूंगटा ने अष्ठमी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिन देवी माँ के नौ स्वरूपों की आराधना का पर्व है। इस दिन भंडारा लगाने से एक ओर जहाँ जनकल्याण होता है, वहीं घर में सुख-समृद्धि भी आती है।

इसका धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक महत्व भी अत्यंत गहरा है। इससे लोग अधिक से अधिक अन्न भंडारे आयोजित करने के लिए प्रेरित होते हैं और दूसरों को भी ऐसी सेवा के लिए प्रोत्साहन मिलता है।भंडारे के दौरान फाउंडेशन के सदस्य अनुपमा रुंगटा, चैतन्य रुंगटा, सुशांत सिंह, मनोज सिंह और सुरेश जांगड़ा ने सक्रिय भूमिका निभाई और आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

दो दिवसीय एसडीएमयूएन 2025 संपन्न, पांच प्रमुख समितियों के बेस्ट डेलीगेट पुरस्कृत

सिटीन्यूज़ नॉउ,

चंडीगढ़। इंटरनेशनल एसडी मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एसडीएमयूएन) 2025 का 12 वां संस्करण जीजीडीएसडी कॉलेज, सेक्टर-32 में यादगार समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि पंजाब यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के एमेरिटस प्रोफेसर व पूर्व डीयूआई प्रोफेसर भूपिंदर सिंह बराड़ के स्वागत से हुई। जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा, डॉ. मोनिका सोनी और डॉ. रूपिंदर औलख ने पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।

अपने संबोधन में प्रो. बराड़ ने प्रतिभागियों और आयोजकों दोनों के उत्साह और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसडीएमयूएन जैसे कार्यक्रम भविष्य के राजनेताओं और चेंज मेकर्स के लिए प्रशिक्षण का मैदान हैं। कार्यक्रम में उन्होंने जो ऊर्जा, प्रतिबद्धता और गहन चर्चा देखी है, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि वैश्विक शासन और नागरिक समाज के भविष्य के लिए भी अत्यंत आश्वस्त करने वाली है।

डॉ. शर्मा और प्रो. बराड़ ने वूमेन लीडर्स डॉ. मोनिका सोनी और डॉ. रूपिंदर औलख के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनके सहयोग ने एसडीएमयूएन 2025 के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज के प्रिंसिपल और मुख्य अतिथि द्वारा दोनों को सम्मानित भी किया गया। पांच प्रमुख समितियों के बेस्ट डेलीगेट और हाई कमेंडेशन पुरस्कार विजेताओं को पचास हजार की नकद राशि प्रदान की गई। पुरस्कार मुख्य अतिथि प्रो. बराड़ और प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा द्वारा डॉ. सोनी और डॉ. औलख की उपस्थिति में प्रदान किए गए।

समारोह के माहौल को और भी बेहतर बनाने के लिए छात्रों द्वारा प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं। इनमें विभिन्न वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुत की गई भावपूर्ण फ्यूजन कव्वाली और एक शक्तिशाली और ऊर्जावान लोक नृत्य भांगड़ा शामिल थे। डॉ. सोनी ने मुख्य अतिथि, कॉलेज प्रशासन, छात्र आयोजकों, फैकल्टी मेंटर्स, प्रतिभागियों और प्रायोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

उन्होंने इस आयोजन के लिए महीनों तक की गई कड़ी मेहनत और समन्वय की सराहना की तथा सूचित संवाद, वैश्विक जागरूकता और छात्र नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए एसडीएमयूएन क्लब की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की। एसडीएमयूएन 2025 उपलब्धि और सौहार्द की भावना के साथ संपन्न हुआ, जो न केवल एक सम्मेलन का अंत था, बल्कि कई युवा प्रतिनिधियों के लिए एक यात्रा की शुरुआत भी थी ।

एरोप्लाजा पंचकूला गोल्फ लीग 2025 का शानदार आयोजन 7 से 23 अप्रैल तक गोल्फ लीग में 224 खिलाड़ियों सहित 16 टीमें लेंगी भाग

सिटीन्यूज़ नॉउ

पंचकूला । पंचकूला गोल्फ क्लब 7 से 23 अप्रैल तक उद्घाटन एरोप्लाजा पंचकूला गोल्फ लीग की मेजबानी करेगा। यह लीग एक टीम चैम्पियनशिप है जिसमें 16 टीमें भाग लेंगी, जिनमें से प्रत्येक में 14 मेंबर होंगे। यह लीग 2 स्टेज में खेली जाएगी।

राउंड रॉबिन स्टेज और उसके बाद नॉकआउट स्टेज, प्रत्येक में अलग-अलग स्कोरिंग सिस्टम होंगे जो खिलाड़ियों के स्किल्स, रणनीति और टीम भावना को व्यापक तौर पर परखेंगे और उनका दमखम देखेंगे। इस रीजन में गोल्फ को प्रोत्साहित करने के अपने उद्देश्यों के अनुरूप, लीग में एक बहुत ही इनक्लूसिव स्ट्रक्चर है जो सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक टीम में एक महिला गोल्फर, 70 वर्ष से अधिक आयु का एक सीनियर गोल्फर और विभिन्न हैंडीकैप कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल हों।

लीग के बारे में विस्तार से जानकारी रविवार को क्लब कैम्पस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई, जिसे वीएस कुंडू (आईएएस), चेयरमैन, ऑर्गेनाइजिंग कमेटी ऑफ एपीजीएल,कर्नल एएस ढिल्लों (सेवानिवृत्त), जनरल मैनेजर, पंचकूला गोल्फ क्लब, मेंबर सेक्रेटरी, आर्गेनाइजिंग कमेटी, एपीजीएल,स्वाधीन पटेल, चीफ रेफरी, एपीजीएल और दिगराज सिंह, टूर्नामेंट डायरेक्टर, एपीजीएल ने संबोधित किया। विशाल ढल्ल, मैनेजिंग डायरेक्टर, एरोप्लाजा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। एरोप्लाजा पंचकूला गोल्फ लीग का टाइटल स्पांसर है ।

टीमों को मीडिया से भी परिचित कराया गया और प्रत्येक टीम का एक ओनर-प्रतिनिधि ‘टूर्नामेंट ड्रेस’ में मौजूद था।वीएस कुंडू (आईएएस), चेयरमैन, ऑर्गेनाइजिंग कमेटी ऑफ एपीजीएल ने कहा कि आयोजन समिति ने इस लीग को शुरू करने के लिए कड़ी मेहनत की है और हमें विश्वास है कि यह पंचकूला गोल्फ क्लब के सदस्यों के बीच गोल्फ स्पोर्ट के स्टैंडर्ड्स और सौहार्द को बढ़ाने में प्रेरक का काम करेगा।

कर्नल एएस ढिल्लों (सेवानिवृत्त), जनरल मैनेजर, पंचकूला गोल्फ क्लब और मेंबर सेक्रेटरी ,ऑर्गेनाइजिंग कमेटी, एपीजीएल ने कहा कि आगामी 3 सप्ताह के लिए गोल्फ कोर्स और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने में बहुत प्रयास किए गए हैं। हमारे सभी सदस्य इस आयोजन को लेकर काफी उत्साहित हैं और हमारे पास इसे सफल बनाने के लिए क्वालिटी टीमें भी हैं।

खराब खानपान की आदतें और निष्क्रिय जीवन शैली युवाओं के स्वास्थ्य पर डाल रही हैं प्रभाव: वर्ल्ड हेल्थ डे पर डॉक्टरों की सलाह

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़, : वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम “स्वस्थ शुरुआत, आशावान भविष्य” के तहत, फोर्टिस अस्पताल, मोहाली की न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स विभाग की प्रमुख डॉ. सोनिया गांधी ने बताया कि बच्चों और किशोरों में बढ़ रही गैर-संक्रामक बीमारियों (एनसीडी) का मुख्य कारण खराब खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली है।

डॉ. गांधी ने आगे कहा कि खराब खानपान वाली आदतों वाले बच्चों को उनके विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिलते, जिससे वे या तो कुपोषित रह सकते हैं या अधिक वजन वाले हो सकते हैं। ऐसे बच्चे कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के चलते अधिक बीमार पड़ते हैं।युवाओं में खानपान की बदलती प्रवृत्तियों पर बात करते हुए डॉ. गांधी ने प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय और पोषक तत्वों से रहित भोजन के बढ़ते सेवन की ओर इशारा किया।उन्होंने आगे कहा कि संतुलित और विविध आहार की कमी — जिसमें साबुत अनाज, फल, सब्जियां, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स शामिल हों — बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव डालती है। अनियमित खानपान और बार-बार भोजन छोड़ना किशोरों में मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है।डॉ. गांधी ने स्क्रीन टाइम में तेजी से हो रही वृद्धि पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि“टीवी, कंप्यूटर और स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग न केवल निष्क्रियता से जुड़ा है, बल्कि खराब खानपान की आदतों से भी जुड़ा है।

डॉ. गांधी के अनुसार, कई सामाजिक और पर्यावरणीय कारक इन अस्वस्थ प्रवृत्तियों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिनमें शैक्षणिक दबाव, ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता, जंक फूड का आकर्षक विज्ञापन, सुरक्षित खेल स्थलों की कमी और बदलती स्वाद प्राथमिकताएं शामिल हैं।

डॉ. गांधी ने प्रारंभिक जीवनशैली हस्तक्षेपों के महत्व को दोहराते हुए बताया कि स्वस्थ शुरुआत से ही आशावान भविष्य का निर्माण होता है। बचपन से ही पोषक आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और सजग जीवनशैली को प्रोत्साहित करना अगली पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित कर सकता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ | विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आई एम् ए चंडीगढ़ का सराहनीय प्रयास 6 अप्रैल 2025 को, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) चंडीगढ़ चैप्टर ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में सेक्टर 35 स्थित IMA हाउस में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया।

इस शिविर में वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क प्रदान की गईं, जिनमें सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप और शुगर की जांच, आंखों और सुनने की जांच, CPR डेमो, ECG, और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श शामिल था। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव पर संवादात्मक सत्र और योग-व्यायाम प्रदर्शन भी आयोजित किए गए।IMA चंडीगढ़ के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार कंसल ने बताया कि यह स्वास्थ्य शिविर समाज के प्रति सेवा और वरिष्ठ नागरिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। उन्होंने सभी वरिष्ठ नागरिकों से ऐसे शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। शिविर में 300 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की जांच की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस वर्ग में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम गंभीर हैं।

IMA की मानद सचिव डॉ. निर्मल भसीन ने इस अवसर पर कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में अधिक योगदान देना चाहिए ताकि चंडीगढ़ को वरिष्ठ नागरिकों के लिए और अधिक स्वस्थ बनाया जा सके।इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, चंडीगढ़ चैप्टर डॉक्टरों का एक पेशेवर संगठन है, जो चिकित्सा क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और चिकित्सकों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित है।

अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस पर एआईईएसईसी चंडीगढ़ ने मैराथन का आयोजन किया- सूखना झील पर 350 से भी ज्यादा लोगों ने ग्लोबल गोल्स रन मैराथन में दोड़

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़, 06 अप्रैल 2025 : एआईईएसईसी चंडीगढ़ ने अपने टाइटल पार्टनर्स ग्लोबल गोल्स रन और बेटर एग्स के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस के मौके पर सुखना झील पर 7 किलोमीटर की शानदार मैराथन और व्हीलचेयर स्पेशल डिसेबिलिटी मैराथन का आयोजन किया गया। ग्लोबल गोल्स रन मैराथन का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। इस कार्यक्रम में कई स्थानीय निवासियों, छात्रों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस पर सूखना झील पर 350 से भी ज्यादा लोगों ने ग्लोबल गोल्स रन मैराथन में दोड़ लगाकर स्वास्थ्य संबंधी संदेश दिया। ग्लोबल गोल्स रन मैराथन में 7 किलोमीटर दौड़ में हिमांशु पहले स्थान, राजकुमार दूसरे स्थान और सुजीत तीसरे स्थान पर रहे। वहीं 7 किलोमीटर व्हीलचेयर स्पेशल डिसेबिलिटी मैराथन में कुमारसन पहले स्थान, रवि कुमार दूसरे स्थान, राजन ढाकल तीसरे स्थान पर रहे और व्हीलचेयर 3.5 किलोमीटर स्पेशल डिसेबिलिटी मैराथन में मदन गोयल पहले स्थान पर और विद्या कुमारी दूसरे स्थान पर रहे। वहीं 7 किलोमीटर वॉक में राघव पहले स्थान, आरुष दूसरे स्थान और कृष तीसरे स्थान पर रहे। ग्लोबल गोल्स रन मैराथन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, और पहले तीन विजेताओं को केश प्राइज और विशेष पुरस्कार भी दिए गए। ग्लोबल गोल्स रन मैराथन समाप्ति के पश्चात्‌ सांझी वार्तालाप में एआईईएसईसी चंडीगढ़ के विजय सौम्यीनी, चान्सी, मयंक और कृष्ण बाजवा ने बताया कि, “हमारा लक्ष्य केवल दौड़ना नहीं है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना भी है।

इस मैराथन की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि जब लोग एकजुट होते हैं, तो वे स्वस्थ और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। एआईईएसईसी चंडीगढ़ का यह प्रयास निश्चित रूप से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में मदद मिलेगी बल्कि समुदाय के लोगों को एक साथ लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”