सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़। उत्कल सांस्कृतिक संघ द्वारा सेक्टर-31 स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। फूलों से सजे रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।रथयात्रा से पूर्व मुख्य राजा डॉ. देबादत्ता पानिग्रही ने परंपरागत ‘छेरा पहरा’ (स्वर्ण झाड़ू से रथ की सफाई) की रस्म निभाई।
दोपहर एक बजे पूजा-अर्चना के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि चंडीगढ़ प्रशासन के वित्त सचिव आईएएस दीप्रवा लकड़ा तथा पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल ने भगवान का आशीर्वाद लेकर यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर पद्मश्री प्रो. (डॉ.) दिगंबर बेहरा, प्रो. (डॉ.) राधाकांत राठ, डॉ. सुशांत कुमार साहू सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रथयात्रा सेक्टर-31 से शुरू होकर सेक्टर-32, 29, 30, 20, 21, 34, 44, 45 और 47 से होते हुए देर शाम पुनः मंदिर पहुंची। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह से रथ की रस्सी खींची और कीर्तन करते हुए यात्रा में भाग लिया।
विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने रथयात्रा का स्वागत किया तथा भंडारे का आयोजन भी किया गया।उत्कल सांस्कृतिक संघ के वाइस चेयरमैन एस.के. भुइयां ने बताया कि भगवान जगन्नाथ मौसी मां के घर विराजमान रहेंगे तथा 17 से 24 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 8 से 10 बजे तक मंदिर परिसर में भजन संध्या आयोजित होगी।
संयुक्त सचिव बी. पात्रा ने बताया कि मौसी मां के घर भगवान के सम्मान में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रथयात्रा सामाजिक एकता, धार्मिक सौहार्द और भगवान जगन्नाथ के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक बनी।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष प्रो. आर.के. राठ, एस.के. नायक, बसंत कुमार दास, पी.एन. मलिक, रतिकांत, प्रशांत कुमार, दिवाकर सहित अनेक पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

