सिटीन्यूज़ नॉउ
राजपुरा: चितकारा यूनिवर्सिटी में नौवीं विश्व इंजीनियरिंग कॉन्फ्रेंस ‘विकॉन 2026’ का आयोजन किया गया। दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से सामाजिक एवं औद्योगिक बदलाव की संभावनाओं पर विचार साझा किए।‘सामाजिक और औद्योगिक परिवर्तन के लिए एआई प्रौद्योगिकियां’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में करीब 15 विशेषज्ञ सत्र हुए।
आईआईटी, एनआईटी, सीएसआईआर-सीएसआईओ और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान सहित प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने एआई के नवीनतम विकास, चुनौतियों और व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा की। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी के प्रतिभागियों की भागीदारी ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
सम्मेलन को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रायोजित चितकारा यूनिवर्सिटी के टेक्नोलॉजी एनेबलिंग सेंटर का सहयोग मिला।यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट एवं सह-संस्थापक डॉ. मधु चितकारा ने कहा कि बदलती तकनीक और समाज की जरूरतों के अनुरूप संस्थानों को निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकॉन शिक्षा, उद्योग और शोध जगत के बीच सहयोग का प्रभावी मंच बनकर उभरा है।सम्मेलन में जिम्मेदार, टिकाऊ और मानव-केंद्रित एआई के उपयोग तथा वैश्विक शोध सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

