सिटीन्यूज़ नॉउ
लुधियाना: भारत ने पॉपकॉर्न मक्का खेती में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के मुसुनुरु स्थित गॉरमेट पॉपकॉर्निया के कारखाने में भारत की पहली उच्च-विस्तार क्षमता वाली गैर-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड किस्मों ‘कृष्णा459’ और ‘गोदावरी234’ का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे।इन दोनों हाइब्रिड किस्मों को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से पांच फसल मौसमों में विकसित और परीक्षण किया गया है। इनमें बेहतर उपज, कम अवधि में तैयार होने और प्रोसेसर-ग्रेड पॉपिंग गुणवत्ता जैसी विशेषताएं हैं।
इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ आयातित बीजों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।गॉरमेट पॉपकॉर्निया के अनुसार, आठ राज्यों में करीब 40,000 एकड़ भूमि पर 17,500 से अधिक किसान कंपनी के साथ पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर रहे हैं। किसानों को सुनिश्चित खरीद और अनुबंध मूल्य का लाभ मिलेगा।
भारत का पॉपकॉर्न मक्का बाजार 2014-15 के करीब 50 हजार टन से बढ़कर 2025-26 में लगभग 1.3 लाख टन हो गया है। घरेलू उत्पादन अब मांग का करीब 70 प्रतिशत पूरा कर रहा है, जिससे 2025-26 में लगभग 810 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचत होने का अनुमान है।

