सैकड़ों प्राणियों ने ग्रहण की ‘अमृत की दात’; पंथ प्रसिद्ध रागियों और कथावाचकों ने संगत को नाम-बाणी से जोड़ा
सिटीन्यूज़ नॉउ
मोहाली: सोहना स्थित गुरुद्वारा गुरशब्द प्रकाश अकाल आश्रम साहिब में चल रहे तीन दिवसीय वार्षिक गुरमत समागम के दूसरे दिन शनिवार को हजारों की संख्या में संगत ने हाजिरी भरी। यह समागम पंथ रत्न भाई साहिब भाई जसबीर सिंह जी खालसा (खन्ने वाले) की मीठी याद में और संत बाबा अत्तर सिंह जी मस्तूआणा साहिब वालों के आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है।
समागम की जानकारी देते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण ‘अमृत संचार’ रहा, जिसमें सैकड़ों प्राणियों ने खंडे-बाटे की पाहुल प्राप्त कर गुरु वाले बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि अमृत छकाने का यह कार्य समागम के अंतिम दिन 29 मार्च को भी जारी रहेगा।
दिन भर चले दीवान में भाई सुरजीत सिंह, भाई जसपाल सिंह और भाई मनजिंदर सिंह रबाबी सहित कई प्रसिद्ध जत्थों ने कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। सिंह साहिब ज्ञानी रंजीत सिंह (बंगला साहिब) और ज्ञानी सरबजीत सिंह लुधियाना वालों ने गुरबाणी की व्याख्या करते हुए गुरु के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
रात के विशेष दीवान में श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी अमरजीत सिंह और भाई साहिब भाई दविंदर सिंह जी खालसा खन्ने वालों ने विशेष रूप से शिरकत की। प्रधान गुरमीत सिंह ने संगत का धन्यवाद करते हुए अपील की कि 29 मार्च को समागम के अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में पहुँचकर गुरबाणी कीर्तन का लाभ उठाएं।

