सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मोहाली के डॉक्टरों ने ‘इनकॉन्टिनेंशिया पिगमेंटी’ नामक अति-दुर्लभ जेनेटिक स्किन डिसऑर्डर से पीड़ित 31 वर्षीय महिला की दुर्लभ और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया। यह डिसऑर्डर मुख्य रूप से महिलाओं को प्रभावित करता है और गर्भावस्था तथा प्रसव के दौरान गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकता है।
आईवीएफ के जरिए गर्भधारण, व्यापक स्किन डिसऑर्डर, मोटापा और गर्भावस्था के कारण हाइपरटेंशन जैसी कई चिकित्सीय चुनौतियों के बावजूद, डॉक्टरों की टीम ने एक स्वस्थ बच्ची का सुरक्षित प्रसव कराया।
महिला को 36 सप्ताह की गर्भावस्था में मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे गंभीर खुजली और पूरे शरीर पर स्किन लीजंस की समस्या थी। पेट और जननांग क्षेत्र सहित शरीर पर व्यापक त्वचा संबंधी विकार के कारण सर्जिकल योजना बनाना और प्रसव कराना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
गायनेकोलॉजी डायरेक्टर, डॉ. शवेता गुप्ता के नेतृत्व में एक मल्टीडिसीप्लिनरी टीम ने डर्मेटोलॉजी टीम के साथ मिलकर पूरी जांच की और एक विशेष उपचार योजना तैयार की। मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सफलतापूर्वक सिजेरियन सेक्शन प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें स्थिर स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया है।
डॉ. शवेता गुप्ता ने कहा: “यह एक अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण गर्भावस्था थी, जिसके लिए सूक्ष्म योजना और कई विशेषज्ञों के बीच आपसी सहयोग की आवश्यकता थी।
मरीज की स्थिति को देखते हुए उसकी देखभाल के हर पहलू को विशेष रूप से तैयार करना पड़ा। हमारे समन्वित प्रयासों की बदौलत ही हम इस गर्भावस्था को सुरक्षित रूप से संभालने और माँ व बच्चे दोनों के लिए बेहतर परिणाम देने में सफल रहे।”

