HomeNewsब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति ही मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य

ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति ही मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य

सिटीन्यूज़ नॉउ

मनीमाजरा: संत निरंकारी सत्संग भवन, मौली जागरां, ब्रांच मनीमाजरा में जोन नंबर-2 का इंग्लिश मीडियम समागम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोलन जोन के जोनल इंचार्ज श्री विवेक कालिया ने की। इसमें चंडीगढ़, मोहाली, टीडीआई सिटी, खरड़, रोपड़, लालड़ू, पंचकूला, कालका और रायपुर रानी सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

समागम में लघु नाटिकाओं, गीतों और आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की शिक्षाओं और संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया। श्री विवेक कालिया ने कहा कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है। सत्संग, सेवा और सिमरन के द्वारा मनुष्य अपने जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से सच्चे जिज्ञासुओं को सहज रूप से ब्रह्मज्ञान प्राप्त हो रहा है। संत कबीर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति में जाति, रंग या किसी भी प्रकार के भेदभाव का कोई स्थान नहीं है।उन्होंने श्रद्धालुओं से सत्संग के दौरान मन को एकाग्र रखने और गुरु के विचारों से जुड़ने का आह्वान किया।

चंडीगढ़ जोन के जोनल इंचार्ज श्री ओपी निरंकारी ने सभी संतों, संयोजकों, मुखी महात्माओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

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