सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़/पानीपत: हरियाणा सरकार प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों और लेक्चरर्स को कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स की तर्ज पर सेवा सुरक्षा देने के लिए ‘हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर/लेक्चरर्स (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2026’ लाने जा रही है।
उच्चतर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा तथा फतेहाबाद विधायक बलवान दौलतपुरिया के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह घोषणा की।
ढांडा ने बताया कि हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन और हरियाणा यूनिवर्सिटी पार्ट टाइम टीचर एसोसिएशन की मांग पर एमडीयू, रोहतक के कुलपति की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने सेवा सुरक्षा की सिफारिश की है। प्रस्तावित अधिनियम के लिए छह प्रमुख मापदंड तय किए गए हैं।
इनमें 30 जून 2023 तक निर्धारित योग्यता, 15 अगस्त 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की निरंतर सेवा, उस तारीख को 60 वर्ष से कम आयु, 2019-20 से 2023-24 के दौरान प्रतिमाह कम से कम 16 घंटे शिक्षण, वर्तमान में प्रति सप्ताह कम से कम 16 घंटे अध्यापन तथा विज्ञापन एवं विधिवत चयन समिति के माध्यम से नियुक्ति शामिल है।
ढांडा ने कहा कि एचआरडी की आपत्तियों का शीघ्र समाधान कर आगामी कार्रवाई की जाएगी। रिसोर्स पर्सन और टीचिंग असिस्टेंट जैसे पदनाम भी दायरे में होंगे।
हुकटा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक ने फैसले का स्वागत करते हुए बताया कि संगठन करीब 1,400 अनुबंधित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए लंबे समय से संघर्षरत है।

