Friday, February 13, 2026
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बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने स्टाफ द्वारा दिए गए बहुमूल्य योगदान के लिए उनकी सराहना की

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़, 25 अप्रैल:पंजाब के पन-बिजली क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं, जिससे बिजली उत्पादन संबंधी अनेक नए मानदंड स्थापित किए गए हैं। बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आज यहां बताया कि पंजाब राज्य पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधीन तीन बड़े पन-बिजली प्रोजेक्टों ने अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के साथ-साथ पिछले तीन वर्षों में अपना सबसे अधिक उत्पादन भी दर्ज किया है।

जोगिंदर नगर में स्थापित शानन पावर हाउस में 512.656 मिलियन यूनिट (एम.यू.) बिजली उत्पादन के साथ बेमिसाल उपलब्धि हासिल की गई है, जो कि इसके वार्षिक लक्ष्य 480 एम.यू. से 6.80 प्रतिशत अधिक है। सुचारू संचालन, अनुकूल हाइड्रोलॉजिकल स्थितियों और समय पर रखरखाव के अभ्यासों के कारण यह बेमिसाल उपलब्धि हासिल हो सकी। इसी तरह आनंदपुर साहिब हाइडल प्रोजेक्ट (एएसएचपी) में 486.14 एम.यू. बिजली उत्पादन किया गया, जो कि इसके 470 एम.यू. के लक्ष्य से 3.43 प्रतिशत अधिक है।मुकेरियां हाइडल प्रोजेक्ट, जो कि क्षमता के मामले में तीनों में सबसे बड़ा है, में 1326.81 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन दर्ज किया गया, जो कि इसके 1110 मिलियन यूनिट के वार्षिक लक्ष्य से 19.53 प्रतिशत अधिक है।

बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने बताया कि 2024-25 के दौरान हमारे हाइडल प्रोजेक्टों का शानदार प्रदर्शन टिकाऊ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये आंकड़े ऊर्जा उत्पादन के न केवल आंतरिक मानदंडों को पार करते हैं बल्कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को भी पार करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि यह प्राप्ति हमारे इंजीनियरों, तकनीकी स्टाफ और प्रबंधन टीमों के अथक प्रयासों का प्रमाण है जिन्होंने उत्पादन क्षमता बढ़ाने और संसाधनों को अनुकूलित करने के लिए अथक मेहनत की है।मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने साफ-सुथरी और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के रूप में पन-बिजली के महत्व पर अधिक जोर दिया जो पंजाब के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बेहतर बनाने के व्यापक लक्ष्यों का समर्थन करता है।

उन्होंने राज्य सरकार के समर्थन का भी स्वागत किया और आगामी वर्षों में इसी तरह के विकास को बनाए रखने का भरोसा जताया। उन्होंने आगे कहा कि रणनीतिक निवेशों, आधुनिक तकनीक और हमारे स्टाफ के समर्पण के कारण पंजाब का पन-बिजली क्षेत्र एक और बड़ी सफलता के लिए तैयार है।शानन, आनंदपुर साहिब और मुकेरियां पन-बिजली प्रोजेक्टों का शानदार प्रदर्शन न केवल पंजाब की बिजली उत्पादन क्षमताओं की कुशलता को मजबूत करता है बल्कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करके राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण में भी सकारात्मक योगदान देता है।

डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर जी के जन्म दिवस के अवसर पर रामदरबार मे जरूरतमंद बच्चों को निःशुलक बैग बांटे

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ :- रामदरबार युवा संगठन की टीम में पूजनीय भारत रतन संविधान के निर्माता डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर जी के जन्म दिवस के अवसर पर अपने सहयोग से गारमेंट मॉडल हाई स्कूल करसन फेस 1 चंडीगढ़ के जरूरत मंद बच्चों को बैग निःशुल्क वितरित किया स्कूल के प्रिंसिपल डॉक्टर धर्मेन्द्र शास्त्री जी ने हमारे एरिया में जो स्कूल की बिल्डिंग बनवाई है हम सब प्रिंसिपल साहब का दिल से धन्यवाद करते है,

इस प्रोग्राम को सफल बनाने में रामदरबार युवा संगठन के प्रधान रोहित चौटाला जी,उप प्रधान हिमांशु जी,चेयरमैन सरदार प्रीतम सिंह जी,उप चेयरमैन सुनील कुमार जी,जर्नल सेकेट्री विकास जी नरेंद्र पल जी, सोनू जी सहायक समाज सेवक गुरुचरण जी ,ओमपाल जी आशु,रोशन,राजेश,आशीष,आशु,रवि,मोहित,अंशु,सीबी,बाबू, रोहिता, अक्षय,आकाश,बिजेंद्र, सुरिंदर ये सभी मौके पर उपस्थित रहे वे अन्य दानी सजन सभी ने बहुत सहयोग दिया आप सभी का दिल से धन्यवाद

डिज्नीलैंड कार्निवाल का सिटी ब्यूटीफुल मे आज होगा आगाज़-भव्य प्रवेश द्वार और झूले रहेंगे आकर्षण का केंद्र

सिटीन्यूज़ नॉउ

चडीगढ़। इस बार सेक्टर 34 एग्जीबिशन ग्राउंड में शनिवार से आगामी 25 मई तक चलने वाले डिज्नीलैंड कार्निवाल में मे डायनासौर, गेटवे ऑफ इंडिया, लाल किला जैसे प्रवेश द्वार सिटी ब्यूटीफुल मे आकर्षक का केंद्र होगें। जी हां, विख्यात जिंदल इवेंट ने एक बार फिर से मेला देखने के शौकीनों के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डिज्नीलैंड तैयार किया है।

सिटीन्यूज़ नॉउ से जानकारी सांझा करते हुए डिज्नीलैंड कार्निवाल के संचालक बिपन जिंदल ने बताया कि अच्छा वीकेंड बिताने के लिए एक बार इस डिज्नीलैंड कार्निवल का रुख अवश्य करे चूंकि रंगों से भरपूर इस कार्निवल मे मनोरंजन व मस्ती से यकीनन खुशी का अनुभव मिलेगा। उन्होने कहा कि फूड स्टॉलों पर पंजाबी, साउथ इंडियन और अलग-अलग व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। बच्चों और वयस्कों के लिए लगभग 10 झूलों में ड्रैगन व्हील, कोलंबस, ब्रेक डांस, मिककी माउस, ड्रैगन ट्रैन, जायंट व्हील, स्कारी हाउस और मेरी गो राउंड इत्यादि शामिल हैं। सभी झूलों का भी फिटनेस परीक्षण किया गया है। शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाने कार्निवाल में प्रवेश शुल्क मात्र ₹50 रखा गया है।

रेडीमेड कपड़े, टेराकोटा मूर्तियां, राजस्थानी प्योर गचक, वुडन डिज़ाइनर फर्नीचर, पानीपत हैंडलूम, बदोई कारपेट, कश्मीरी गर्म वस्त्र, और मैग्नेटिक अक्यूप्रेशर मशीन, किताबें आदि उपलब्ध हैं।उधर सुरेश कपिला और रिंकू ने बताया कि कार्निवाल में सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त किए गए हैं। जगह जगह पर सीसीटीवी और किसी भी अप्रिय घटना से निबटने के लिए फायर सुरक्षा उपकरणो के पुख्ता इंतजाम है।

देश की 30 मिलियन वयस्क आबादी मोटापे से है ग्रस्त: डॉ. अमित गर्ग-मोटापे से निपटने के लिए अकेले सर्जरी ही सबसे अच्छा विकल्प होता है

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। देश की 30 मिलियन वयस्क आबादी या तो अधिक वजन वाली या मोटापे से जूझ रही है। जबकि एक अध्ययन के अनुसार भारत की शहरी आबादी का 70 प्रतिशत मोटापे से ग्रस्त है। सिटीन्यूज़ नॉउ से जानकारी सांझा करते हुए पार्क अस्पताल मोहाली के सीनियर एसोसिएट डायरेक्टर-बेरियाट्रिक एंड मेटाबोलिक सर्जरी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि एक अध्ययन के अनुसार, मोटापे से ग्रस्त लोगों की सबसे अधिक संख्या वाले शीर्ष 10 देशों की सूची में भारत, अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है।

अब ओबेसिटी हेल्पलाइन नंबर 7562000000 पर मरीज कॉल कर वजन घटाने के लिए फ्री कंसल्टेशन बुक करा पाएगें। सीनियर कंसल्टेंट जनरल सर्जरी और मेडिकल डायरेक्टर पार्क हॉस्पिटल मोहाली डॉ. विमल विभाकर ने कहा कि एक आम मिथक है कि मोटापा अमीर लोगों की बीमारी है। दरअसल मोटापा सिर्फ अधिक खाने से ही नहीं बल्कि खान-पान की गलत आदतों को अपनाने से भी होता है। वजऩ का 5-10 प्रतिशत भी कम करने से मोटापे के कारण होने वाली बीमारियों को रोका जा सकता है। लेकिन ऐसी स्थितियाँ भी होती हैं जब मोटापे से निपटने के लिए अकेले सर्जरी ही सबसे अच्छा विकल्प होता है।

सर्जिकल विकल्पों के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. अमित गर्ग ने कहा कि बेरिएट्रिक सर्जरी मोटापे से ग्रस्त रोगियों को वजन घटाने की सर्जरी के बाद एक वर्ष के भीतर 60-70 प्रतिशत अतिरिक्त वजन कम करने में मदद करती है। जो मरीज मधुमेह शुरू होने के पांच साल के भीतर मधुमेह या मेटाबोलिक सर्जरी कराते हैं, उनके टाइप 2 मधुमेह से ठीक होने की 90 से 95 प्रतिशत संभावना होती है।

पार्क हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ (नॉर्थ) आशीष चड्ढा ने कहा कि पार्क अब ईसीएचएस, सीजीएचएस, ईएसआई, हरियाणा सरकार, हिमाचल सरकार और सभी प्रमुख टीपीए, कॉरपोरेट्स के साथ सूचीबद्ध है।

अल्केमिस्ट हॉस्पिटल उन्नत हृदय उपचारों में बना अग्रणी

सिटीन्यूज़ नॉउ

पंचकूला। कैल्शियम मॉड्यूलेशन तकनीक, ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट(टीएवीआर), इन्ट्रावास्कुलर अल्ट्रासाउंड और इवेंट लूप रिकॉर्डर प्रक्रिया जैसी हार्ट उपचार विधियों को मुहैया कर अल्केमिस्ट हॉस्पिटल ने हार्ट केयर को मजबूती दी है।शुक्रवार को सिटीन्यूज़ नॉउ से बातचीत करते हुए एसोसिएट डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ रोहित परती ने बताया कि कैल्शियम मॉड्यूलेशन अत्यधिक कैल्सीफाइड कोरोनरी धमनियों के प्रबंधन में एक बड़ी उपलब्धि है।

अल्केमिस्ट के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट्स से रोगियों के इलाज करने मे मदद मिलेगी। यह तकनीक स्टेंट लगाने की प्रभावशीलता को बढ़ाते हुए दीर्घकालिक जटिलताओं को कम करने मे अहम भूमिका निभाएगी। वही प्रमुख कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग अल्केमिस्ट हॉस्पिटल डॉ रंजन मेहरा ने कहा कि अस्पताल ने टीएवीआर को अपनाया है जो एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है जिसमे संकीर्ण एओर्टिक वाल्व को बदले जाने के लिए खुली हृदय शल्य चिकित्सा की आवश्यकता नहीं होती।

वरिष्ठ सलाहकार और प्रमुख कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग अल्केमिस्ट हॉस्पिटल डॉ अश्वनी नय्यर ने बताया कि टीएवीआर ने एओर्टिक वाल्व रोग के उपचार से नई दिशा मिली है। इवेंट लूप रिकॉर्डर डिवाइस के जरिए निरंतर हृदय गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए समय पर निदान और उपचार संभव हो सकेगा।

शहत गिल का नया गाना ‘बांब’ हुआ रिलीज: पंजाबी म्यूजिक जगत में नई धूम

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़, 25 अप्रैल 2025 : पंजाबी पॉप स्टार शहत गिल ने अपने नए गाने ‘बांब’ के जरिए एक बार फिर से म्यूजिक इंडस्ट्री में धमाल मचा दिया है। जोश और स्टाइल से भरे इस गाने ने साबित किया है कि शहत किसी भी म्यूजिक ट्रेंड पर महारत रखती हैं। ‘बांब’ एक जोशीला और धमाकेदार ट्रैक है, जिसे रॉनी और गिल की सुपरहिट प्रोड्यूसर जोड़ी ने तैयार किया है। यह गाना आत्म-प्रेम, पहचान बनाने और आत्मविश्वास का जश्न है, जिसमें तेज बीट्स और दमदार हुक लाइन शामिल हैं।

इस गाने का उद्देश्य दर्शकों को अपने प्रति प्रेरित करना है। शहत गिल पहले ही ‘हुलारे’ और ‘एवरीडे’ जैसे हिट गानों के जरिए पंजाबी म्यूजिक जगत में अपनी एक मजबूत पहचान बना चुकी हैं। ‘बांब’ एक बोल्ड और शरारती गाना है, जो खासकर उन लोगों के लिए है जो अपनी गरिमा और मुस्कान को बनाए रखना चाहते हैं। उनकी आवाज़ में एक अद्भुत ऊर्जा है, जो हर पल को जीवित कर देती है।अपने नए गाने के बारे में बात करते हुए शहत ने कहा, “पंजाबी म्यूजिक हमेशा एक इमोशनल और एनर्जेटिक एहसास के साथ आता है। मैं इस जज़्बे को ताकत और नारीत्व की नजर से व्यक्त करना चाहती थी। ‘बांब’ हर उस लड़की के लिए है जो आत्मविश्वासी है और अपनी पहचान बनाना चाहती है। यह गाना उन सभी के लिए भी है जो बिना किसी बहाने के खुद को साबित करने का माद्दा रखते हैं।

बांब’ का म्यूज़िक वीडियो शानदार विज़ुअल्स के साथ गाने की ऊर्जा को बखूबी पेश करता है। इसमें मनमोहक हुक लाइन्स और शहत की दमदार आवाज़ है, जो इसे बेहद खास बनाती है। इस गाने ने पहले ही श्रोताओं के बीच चर्चा बटोर ली है और यह इस सीजन में आपकी प्लेलिस्ट में नंबर एक स्थान हासिल करने का वादा करता है, साथ ही क्लब्स में धमाल मचाने की संभावना भी रखता है। शहत गिल की इस नई पेशकश के साथ, वो एक बार फिर से साबित कर रही हैं कि पंजाबी म्यूजिक का वे एक बड़ा नाम हैं।

बायोलॉजिकल्स के उन्नत उपयोग से किसानों को समग्र रूप से सशक्त बनाने के लिए सिंजेंटा इंडिया में पेश की अपनी कार्ययोजना – सिंजेंटा बायोलॉजिकल्स जल्द ही अपने नए उत्पादों और पहलों के साथ भारतीय बाजार में अग्रणी

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सिटीन्यूज़ नॉउ

पंजाब (चंडीगढ़), 24 अप्रैल 2025: सभी के लिए खाद्य सुरक्षा और सस्ता भोजन उपलब्ध हो, इसके लिए किसानों को वर्ष 2050 तक 50 प्रतिशत अधिक फसलें उगानी होंगी। इस लक्ष्य को सतत कृषि समाधान के जरिये हासिल करने के उद्देश्य से, सिंजेंटा इंडिया ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित बायोएग वर्ल्ड कांग्रेस (BioAg World Congress) में विज्ञान आधारित बायोलॉजिकल उत्पादों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने के लिए अपनी कार्ययोजना पेश की । सिंजेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कंट्री हेड एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील कुमार ने कहा, ‘खेती कई जटिल चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में पर्यावरण-अनुकूल और संतुलित खेती सुनिश्चित करने के लिए हमें बहु-आयामी रणनीति अपनानी होगी। नए बायोलॉजिकल उत्पाद हमारे उन सर्वोत्तम उपायों में से एक हैं, जो मिट्टी की गुणवत्ता को सुधारते हैं, फसलों की सहनशक्ति बढ़ाने और किसानों को समग्र समाधान देने के लिए बनाए गए हैं।

श्री सुशील कुमार ने टेक्नॉलजी की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसान कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य श्रृंखला और खाद्य अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के प्रति जनता का दबाव, खेती के विकल्पों को और सीमित कर देता है। कीटों में प्रतिरोध क्षमता विकसित होने और उनके व्यवहार में बदलाव के कारण समाधान की प्रभावशीलता कम हो रही है, जिससे नई कार्यप्रणालियों की आवश्यकता है।इस मौके पर सिंजेंटा इंडिया के बायोलॉजिकल्स प्रमुख श्री संजय कुमार टोकाला ने कहा कि वैश्विक बायोलॉजिकल्स उत्पाद क्षेत्र वर्ष 2030 तक 20 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की ओर बढ़ रहा है और भारत का बाजार भी तेज़ी से विकास कर रहा है। सिंजेंटा, इस क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में से एक होने के नाते, इसमें महत्वपूर्ण हिस्सेदारी निभाने जा रही है।

भारत में बदलते नियामक ढांचे को ध्यान में रखते हुए, हम अपने मौजूदा बायोलॉजिकल्स उत्पादों की शृंखला को और मजबूत करने के लिए अल्पकालिक साझेदारियों के विकल्प खुले रखे हुए हैं। नयी तकनीक वाले बायोलॉजिकल्स की संभावनाओं के प्रति आत्मविश्वास जताते हुए श्री संजय टोकाला ने कहा कि इनका उपयोग जैव विविधता को बढ़ावा देता है साथ ही, बायोलॉजिकल्स पारंपरिक फसल सुरक्षा समाधानों को पूरक और अधिक प्रभावी बनाते हैं, जिससे किसानों को अधिक लचीलापन मिलता है। इससे वे उपभोक्ताओं, समाज और नीति-नियामकों की संतुलित कृषि पद्धतियों की बढ़ती मांग को बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एकीकृत फसल प्रबंधन के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में, बायोलॉजिकल्स किसानों को पौधों के स्वास्थ्य और कीट समस्याओं का प्रभावी और सुरक्षित समाधान देने में मदद करते हैं।

अंत में विवेक ने कहा कि सौ वर्षों से अधिक की यात्रा के साथ, सिंजेंटा बायोलॉजिकल्स, सिंजेंटा ग्लोबल के व्यापक ढांचे के अंतर्गत एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसने आज अपनी उपलब्धियों में एक और सफलता जोड़ी है, जहां वह दुनियाभर के किसानों को नवीनता से भरपूर उत्पादों की शृंखला के माध्यम से सेवा दे रही है- न केवल फसल सुरक्षा क्षेत्र में, बल्कि सब्ज़ी और अन्य बड़ी फसलों के बीज, बीज संरक्षण और अब बायोलॉजिकल्स उत्पादों के क्षेत्र में भी।

टीएचडीसीआईएल ने देश के प्रथम 1000 मेगावाट वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट की प्रथम इकाई को पंप कंडेंसर मोड में सिंक्रोनाइज़ करके ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की

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सिटीन्यूज़ नॉउ

ऋषिकेश, 24.04.2025:- श्री आर. के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल ने अवगत कराया कि टीएचडीसीआईएल ने टिहरी में देश के प्रथम वेरिएबल स्पीड 1000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) के सफल कमीशनिंग की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही इसकी प्रथम यूनिट (250 मेगावाट) को पंप कंडेनसर मोड में भारतीय ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज़ किया गया। पंप कंडेनसर सिंक्रोनाइज़ेशन 23 अप्रैल, 2025 को किया गया, जिसके फलस्‍वरूप देश के नवीकरणीय विद्युत बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई।

सिंक्रोनाइज़ेशन के दौरान, यूनिट का प्रचालन संतोषजनक रहा और लगभग 10 मिनट के भीतर लगभग 4 मेगावाट, 13.6 एमवीएआर की सफलतापूर्वक खपत की गई। श्री विश्नोई ने इस असाधारण उपलब्धि के लिए पीएसपी की टीम को हार्दिक बधाई देते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि यह एक नया मानक है, जो देश के सबसे बड़े जल विद्युत काम्‍पलेक्‍स, टिहरी जल विद्युत काम्‍पलेक्‍स को 2,400 मेगावाट की कुल संस्थापित क्षमता के साथ पूर्ण परिचालन के परिधि में ले जाएगा।श्री विश्नोई ने आगे कहा कि यह उपलब्धि भारत के अक्षय ऊर्जा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स को एक सतत और लचीले विद्युत भविष्य की ओर देश की प्रगति में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करती है। टिहरी पीएसपी लाखों उपभोक्ताओं को एक सतत और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए अधिशेष ऑफ-पीक विद्युत को पीकिंग पावर में परिवर्तित करके उत्तरी ग्रिड को संतुलित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्‍य रूप से उच्च मांग के समय 1000 मेगावाट की कुल क्षमता के साथ, इस संयंत्र को ग्रिड को महत्वपूर्ण पीकिंग पावर सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। श्री शैलेन्‍द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक), टीएचडीसीआईएल द्वारा इस असाधारण उपलब्धि के लिए टिहरी पीएसपी टीम की हार्दिक सराहना की गई | उन्‍होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि देश की नवीकरणीय विद्युत यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय है |

टिहरी पीएसपी हमारी प्रौ‍द्योगिकी कौशल और अत्याधुनिक तकनीकों के साथ देश की स्वच्छ विद्युत महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के हमारे संकल्प को दर्शाता है।श्री सिपन कुमार गर्ग, निदेशक (वित्त), टीएचडीसीआईएल ने 1000 मेगावाट के टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की प्रथम इकाई को पंप कंडेंसर मोड में सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज़ करने पर टिहरी पीएसपी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की विद्युत के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में इस परियोजना के रणनीतिक महत्व को दर्शाती है और सतत एवं लचीले विद्युत समाधानों के लिए हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

इस विशेष अवसर पर श्री एल.पी. जोशी, कार्यपालक निदेशक (टिहरी कॉम्प्लेक्स), श्री ए.आर. गैरोला, मुख्‍य महाप्रबंधक/ईआईसी(पीएसपी), श्री एस.के. साहू, अपर महाप्रबंधक/प्रभारी(ईएम एंड एचएम पीएसपी), टीएचडीसीआईएल तथा मेसर्स जीईपीआईएल, टीएचडीसीआईएल सलाहकार मेसर्स ट्रैक्टबेल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

खादी और ग्रामोद्योग आयोगसूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार — प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने रचा नया कीर्तिमान

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सिटीन्यूज़ नॉउ

देश में आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त करने वाले खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई)मंत्रालय के मार्गदर्शन में न केवल नई ऊँचाइयों को छुआ है, बल्कि करोड़ों ग्रामीणों के जीवन में भीनयी रोशनी का संचार किया है। पूज्य बापू की विरासत खादी अब केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण का प्रतीक बन चुकी है।सोमवार को नई दिल्ली के राजघाट स्थित कार्यालय में खादी और ग्रामोद्योग के वित्तवर्ष 2024-25 के अनंतिम आंकड़े (Provisional Data) जारी करते हुए यह बातें अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कही। उन्होंने बताया कि केवीआईसी ने वित्तवर्ष2024-25 में उत्पादन, बिक्री और नये रोजगार सृजन का नया रिकॉर्ड बनाया है। बीते 11 वर्षों में बिक्री में 447 प्रतिशत, उत्पादन में 347 प्रतिशतऔररोजगार सृजन में 49.23 प्रतिशतकी बढ़ोत्तरी हुई है।बता दें कि वित्त वर्ष 2023-24 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 399.69%और उत्पादन में 314.79% की वृद्धि दर्ज की गयी थी।अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि केवीआईसी के इस शानदार प्रदर्शन नेवर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’के संकल्प कोसाकार करने और भारत को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बड़ा योगदान दिया है।

ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य केवीआईसी ने वित्तवर्ष 2021-22 के 25.65 करोड़ रुपये के बजट में 134 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ इसे दो गुना से अधिककरते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में 60 करोड़ रुपये कर दिया है। ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अभी तक 39244 विद्युत चालित चाक, 227049 मधुमक्खी बॉक्स और मधु कालोनी, 2344 ऑटोमैटिक और पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण मशीन, 7735 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग और रिपेयरिंग टूलकिट, 964 पेपर प्लेट और दोना निर्माण मशीन, 3494 एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर टूलकिट, 4555 टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट, लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीन के साथ ही 2367 पामगुड़, तेल घानी और इमली प्रसंस्करण मशीन का वितरण किया गया है। पिछले तीन वित्त वर्ष की बात करें तो वर्ष 2022-23 में कुल 22284, वित्तवर्ष 2023-24 में 29854 और वित्तवर्ष 2024-25 में सबसे अधिक 37218 मशीन और उपकरणों का वितरण किया गया है। ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक कुल 287752 मशीन, टूलकिट और उपकरणों का वितरण कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी केवीआईसी ने अहम योगदान दिया है। पिछले 10 वर्षों में केवीआईसी के 18 विभागीय और 17 गैर-विभागीय प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से 7,43,904 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें 57.45 प्रतिशत यानी 4,27,394 महिलाएं हैं। इसके अलावा 5 लाख खादी कारीगरों में भी 80 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। पिछले 11 वर्षों में खादी कारीगरों की पारिश्रमिक में 275 प्रतिशत जबकि पिछले तीन वर्षों में शत-प्रतिशत यानी 100 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।

प्रतिभागियों ने अपने दैनिक जीवन में संतुलित और पौष्टिक आहार को अपनाने और बढ़ावा देने का संकल्प लिया

चण्डीगढ़ : पोषण जागरूकता को बढ़ावा देने के पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, सेक्टर 42 ने पोषण पखवाड़ा मनाया। इस राष्ट्रव्यापी पहल के हिस्से के रूप में, विद्यार्थियों में स्वस्थ भोजन की आदतों को प्रोत्साहित करने और विकसित करने के लिए एक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम डॉ. बिनू डोगरा, प्रधानाचार्य के नेतृत्व में शुरू हुआ, जिन्होंने 50 एनएसएस स्वयंसेवकों और सभी कार्यक्रम अधिकारियों को शपथ दिलाई।

इस शपथ के माध्यम से, प्रतिभागियों ने अपने दैनिक जीवन में संतुलित और पौष्टिक आहार को अपनाने और बढ़ावा देने का संकल्प लिया।डॉ. तेजिंदर कौर (एनएसएस प्रभारी) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एक प्रेरणादायक संदेश दिया, जिसमें उन्होंने एक स्वस्थ भविष्य के निर्माण में पोषण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सही पोषण, देश रोशन पर बल देते हुए कहा कि सही पोषण एक उज्ज्वल और समृद्ध राष्ट्र की कुंजी है।