Friday, February 13, 2026
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जागरूकता की कमी से बढ़ रही लिवर संबंधित बीमारियां

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़: लिवर समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने और इम्यूनिटी, डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लिवर में गड़बड़ न केवल पाचन तंत्र, बल्कि गुर्दे, फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

आज लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली बढ़ती चिंताओं में से एक अत्यधिक वसा का एकम्यूलेशन है, जो अगर अनदेखा किया जाए तो गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है, मैक्स हॉस्पिटल मोहाली में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. गुरबख्शीश सिंह सिद्धू ने कहा कि लिवर की बीमारी के कुछ सबसे आम लक्षणों में भूख न लगना, पेट में दर्द, पीलिया और बिना किसी कारण के वजन कम होना शामिल है।

भारत में, लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कारण हेपेटाइटिस बी और सी और अत्यधिक शराब का सेवन और गैर-अल्कोहल फैटी लिवर रोग हैं। दुर्भाग्य से, लिवर से संबंधित मौतों की बढ़ती संख्या अक्सर कम जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य सेवा की कमी का परिणाम है।”समय पर निदान के महत्व पर जोर देते हुए डॉ. सिद्धू ने बताया कि स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान प्रभावी लिवर रोग प्रबंधन की आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि बीमारी को उसके साइलेंट फेज में पहचानना और रोगियों को उचित देखभाल से जोड़ना अपरिवर्तनीय क्षति को रोक सकता है और अनगिनत लोगों की जान बचा सकता है।

रोकथाम पर बोलते हुए, डॉ. सिद्धू ने सलाह दी कि नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन बनाए रखना और संतुलित आहार का पालन करना लिवर की क्षति के जोखिम को काफी कम कर सकता है।

हिप्नोटिज्म साइंस है और ऑटो सजेशन से ही साइकोसोमेटिक डिसीज़ का होता है निवारण -ग्रैंडमास्टर गुरु दीपक पाटिल

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। साइकोसोमैटिक डिसीज़ के निवारण हेतु हिप्नोटिज्म, मैग्नेटिज्म, त्राटक और मेस्मेरिसम पर महारत हासिल करने से ही सम्भव हो सकता है। वह भी तब जब किसी योग्य ग्रैंडमास्टर गुरु का मार्गदर्शन मिल जाये। इंटरनेशनल प्रशिक्षण प्राप्त ग्रैंडमास्टर गुरु दीपक पाटिल ने गुरुवार सिटी ब्यूटीफुल मे एक फ्री वर्कशॉप के तहत आम नागरिकों से इस हुनर की जानकारी सांझा की।

गुरु दीपक ने बताया कि मेडिकल हिप्नोसिस की यह पद्धति हजारों वर्ष पुरानी है, जिसे हमारे पूर्वज प्रभावी रूप से इस्तेमाल करते रहे हैं। अंग्रेजी दवाओं के साइड इफेक्ट और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर बढ़ते रुझान के चलते अब यह पद्धति इन दिनों पुन: लोकप्रियता हासिल कर रही है व लोगों को तनाव,भय,फोबिया से मुक्ति मिलती व पूर्ण एकाग्रता व फोकस द्वारा अपने लक्ष्य निर्धारित करने में मददगार साबित होता है।

अगले दो दिन गुरु दीपक शहर में वर्कशॉप का आयोजन कर लोगों को माइंड फ़ोकस की तकनीक सिखाएंगे। हिप्नोटिज्म हेल्पलाइन 9371768876 के जरिये उनसे संपर्क साध सकते हैं।

सीएचआरएस राइडर्स ने नेशनल क्वालीफायर और दिल्ली हॉर्स शो में जीते 20 पदक

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। चंडीगढ़ हॉर्स राइडर्स सोसाइटी (सीएचआरएस) ने एक बार फिर देश के दो सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों – जूनियर नेशनल इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप (जेएनईसी) के लिए नेशनल क्वालीफायर और दिल्ली कैंट में गत 3 से 13 अप्रैल को आयोजित दिल्ली हॉर्स शो 2025 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करके भारतीय घुड़सवारी खेलों में शानदार प्रदर्शन किया है।

ज्ञात रहे कि इस क्षेत्र में आधिकारिक तौर पर एक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (ईएफआई) से संबद्ध एकमात्र क्लब के रूप में, सीएचआरएस राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के इच्छुक युवा घुड़सवारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करवा रहा है। यह दर्जा इसके राइडर्स को ईएफआई-स्वीकृत प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देता है। दिल्ली हॉर्स शो मे इस वर्ष 400 से अधिक एंट्रीज और प्रत्येक स्पर्धा में 100 से अधिक सवारों की प्रतिस्पर्धा के साथ, सीएचआरएस ने शो जंपिंग और ड्रेसेज में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में कुल 20 पदक हासिल किए।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में सिफत ने ओपन 40 जंपिंग (अंडर 14) में स्वर्ण पदक जीता और ओपन 70 जंपिंग और लेडीज हैक्स में दो रजत पदक जीते। ज़ैना ने ओपन 50 जंपिंग और लेडीज हैक्स दोनों में स्वर्ण और ओपन 40 जंपिंग में रजत जीतकर अपनी निरंतरता से प्रभावित किया। कबीर ने अंडर-10 श्रेणी में ओपन 40 जंपिंग में रजत और ओपन 50 जंपिंग में स्वर्ण जीतकर सबको पीछे छोड़ दिया। मनकीरत ने ओपन 70 जंपिंग में स्वर्ण जीता जबकि विशाल ने ओपन 100 जंपिंग में कांस्य जीता। ओपन हैक्स स्पर्धा में साविया, ज़ैना और सिफत ने संयुक्त रूप से कांस्य पदक जीता। रुबैयात ने लेडीज हैक्स और ग्रुप-2 हैक्स में कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराया।

सीएचआरएस ने टीम स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया। साविया और अनहद ने जंपिंग ग्रुप-2 में रजत पदक जीता, जबकि साविया ने ग्रुप-2 ड्रेसेज व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में रजत पदक जीतकर अपना योगदान दिया। इंद्रवीर ने 95 ओपन जंपिंग टॉप स्कोर में रजत पदक जीतकर पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराया। नेशनल क्वालीफायर में, सीएचआरएस ने 10 राइडर्स और 8 घोड़ों की टीम उतारी। इनमें से दो बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी – सिफत हंस और साविया कौर सिद्धू ने शो जंपिंग और ड्रेसेज दोनों ही स्पर्धाओं में क्वालीफाई किया।

सीएचआरएस ने अभी तक लगभग 3,000 सवारों को प्रशिक्षित किया है और ईएफआई स्वीकृत क्षेत्रीय घुड़सवारी लीग और टेंट पेगिंग में राष्ट्रीय घुड़सवारी चैम्पियनशिप सहित कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी की है।

फोर्टिस मोहाली में लेजऱ कोरोनरी एंजियोप्लास्टी द्वारा सफलतापूर्वक इलाज- डॉ. आर. के. जसवाल

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। फोर्टिस अस्पताल मोहाली में कार्डियोलॉजी व कैथलैब्स के निदेशक डॉ. आर. के. जसवाल के नेतृत्व में हाल ही में 88 वर्षीय मधुमेह पीडि़त बुज़ुर्ग का सफल इलाज किया गया। कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ से पीडि़त मरीज को तुरंत एक्ससीमेर लेजऱ कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (ईएलसीए) के लिए ले जाया गया।

दिल की कोरोनरी धमनियों में 30 साल पहले लगाए गए स्टेंट में भारी मात्रा में कैल्शियम, रक्त का थक्का (थ्रॉम्बस) और गंभीर ब्लॉकेज पाया गया।पटियाला निवासी इस मरीज की हालत नाज़ुक होने के कारण किसी भी अस्पताल ने किसी भी हाई-रिस्क कार्डियक इंटरवेंशन का जोखिम नहीं उठाया। मरीज को इलाज के लिए फोर्टिस मोहाली लाया गया। डॉ. जसवाल ने बिना किसी देरी लेजऱ कोरोनरी एंजियोप्लास्टी के जरिए उनकी बंद कोरोनरी धमनियों में मौजूद ब्लॉकेज को हटा दिया। सर्जरी के दो दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

सिटीन्यूज़ नॉउ से बात करते हुए डॉ. जसवाल ने कहा कि ईएलसीए दिल की बीमारियों के इलाज में यह क्रांतिकारी तकनीक है। पारंपरिक एंजियोप्लास्टी की तुलना में, जिसमें अचानक धमनियों के फिर से बंद होने या थक्का बनने का खतरा होता है, ईएलसीए दिल की धमनियों को बंद कर रहे पदार्थ को पूरी तरह नष्ट कर देती है, जिससे आगे किसी जटिलता का जोखिम नहीं रहता। जटिल कोरोनरी हृदय रोग, जैसे कि छोटे रक्तवाहिनियों की बीमारी, बाइफरकेशन ब्लॉकेज, या विफल स्टेंट और बाईपास ग्राफ्ट वाले मरीजों के लिए ईएलसीए एक गेम-चेंजर है।

बंगाली नववर्ष ‘पोइला बोइशाख’ का उत्सव बंगा भवन में भव्य समापन के साथ संपन्न

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़, 16 अप्रैल 2025: बंगीय सांस्कृतिक सम्मिलनी (बीएसएस), चंडीगढ़ ने बंगाली नववर्ष ‘पोइला बोइशाख’ को गर्व, उत्साह और आत्मीयता के साथ बंगा भवन परिसर में पारंपरिक बंगाली विरासत को जीवित रखते हुए धूमधाम से मनाया।सांस्कृतिक एकता हमारे जैसे विविधता भरे देश में एक महान एकीकृत शक्ति रही है, और बीएसएस पिछले पचास वर्षों से चंडीगढ़ में इस दिशा में शानदार कार्य कर रहा है, ऐसा कहना है कर्नल दीपक डे, एसएम (से.नि.), महासचिव, बीएसएस का।

सदस्यों ने खुले मंच पर ‘जात्रा’ नामक बंगाली पारंपरिक संगीत नाटक की प्रस्तुति दी, जो कई सदियों पुराने बंगाली रंगमंच की शैली का प्रतीक रही। ‘बंगाली’ नामक इस जात्रा में ऐतिहासिक महत्व, सामाजिक समरसता और धार्मिक सहिष्णुता के संदेश को समाहित किया गया था, जो दर्शकों को 16वीं सदी के उस भारत में ले गया जब दिल्ली के शासकों और बंगाल साम्राज्य के बीच युद्ध हुआ करते थे।

सांस्कृतिक प्रमुख भवानी पाल और संयोजक अंजना मेनन ने सम्मेलन के 30 सदस्यों को इस प्रस्तुति के लिए एकत्रित किया जिनमें शामिल थे: डालिम चटर्जी (निर्देशक), जयमाल्य सेनगुप्ता, बिश्वजीत सेन, सुभाषिष निओगी, संदीप चटर्जी, सुनील चटर्जी, शंकर संत्रा, दीपक ठाकुर, अनुभव सेन, अंगन रॉय, अम्बिका कुलावी, तमिस्रा बनर्जी, समीता दत्ता, बशुधा बंधोपाध्याय, काजोल चटर्जी, सुप्रिया सेनगुप्ता, प्रोजुषा, वंशिका, उमिका, आराध्या, आशीष डे, दीपांकर दास, प्रबल मित्रा।इस भव्य आयोजन में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी और बंगाल की समृद्ध विरासत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम के पश्चात एक विशिष्ट बंगाली पारंपरिक रात्रि भोज परोसा गया जिसमें माछेर झोल (मछली की करी) और चावल परोसा गया — जो बंगाल का पसंदीदा व्यंजन है।

बीएसएस के अध्यक्ष डॉ. अमित भट्टाचार्य ने आत्मविश्वास से कहा कि इतने वर्षों में बीएसएस की निरंतर प्रगति को देखना गर्व की बात है, जिसकी नींव हमारे वरिष्ठों ने बहुत मज़बूती से रखी थी। बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बीएसएस एक अनुशासित और क़ानून का पालन करने वाला संगठन रहा है, जो शहर में विभिन्न सामाजिक उत्तरदायित्वों में भी सदैव अग्रणी रहता है।

एरोप्लाजा पंचकूला गोल्फ लीग: राउंड रॉबिन मैच समाप्त , टी बर्ड्स और रेजिंग बुल्स क्वार्टर फाइनल में पहुंचे 18 अप्रैल को होंगे क्वार्टर फाइनल के मुकाबले

सिटीन्यूज़ नॉउ

पंचकूला, 16 अप्रैल, 2025: एरोप्लाजा पंचकूला गोल्फ लीग के राउंड रॉबिन मैच आज समाप्त हो गए। राउंड रॉबिन मैचों के 7वें और आखिरी दिन पंचकूला गोल्फ क्लब में कुछ रोमांचक मैच हुए। ग्रुप बी के शुरुआती मैच में टी बर्ड्स ने पार-टी क्रैशर्स के साथ क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए एक जरूरी मुकाबले में शानदार खेल दिखाया।

शुरुआत में पिछड़ने के बाद टी बर्ड्स ने शानदार वापसी करते हुए पार-टी क्रैशर्स को 38-33 से हराया और लीग के ग्रुप बी में तीसरा स्थान हासिल किया।ग्रुप बी से चौथे क्वार्टर फाइनलिस्ट का निर्धारण करने के लिए दूसरे मुकाबले में रेजिंग बुल्स ने शिवालिक स्विंगर्स को 37-36 से हराया, जिससे रेजिंग बुल्स ने अंतिम आठ में जगह बनाई।ग्रुप बी से अन्य 2 क्वार्टर फाइनलिस्ट हैं – ग्रीन वॉरियर्स और गोल्फिंग ईगल्स। 46-30 के स्कोर के साथ टी टाइटन्स से हारने के बावजूद, ग्रीन वॉरियर्स 18 अंकों के साथ ग्रुप में टॉप पर रहे, जबकि गोल्फिंग ईगल्स ने हंसा लीजेंड्स को 35-28 के अंतर से हराया और 15 अंकों के साथ टीम दूसरे स्थान पर रही ।इस बीच, ग्रुप ए में, स्नीकिन गोल्फर्स और एडीएस फाल्कन्स के बीच एक मैच खेला गया। स्नीकिन गोल्फर्स अपने विरोधी पर 39-36 की जीत के साथ विजयी हुई और क्वार्टर-फ़ाइनल में आगे बढ़ी ।

उन्होंने शानदार गोल्फिंग स्किल्स दिखाए और एक करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की। अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए, विक्ट्री वेव्स ने हाईलैंड किंग्स को 39-36 से हराया और राउंड रॉबिन स्टेज में एकमात्र अपराजित टीम बनी रही और 7 जीत और 21 अंकों के साथ ग्रुप ए में टॉप पर रही। हाईलैंड किंग्स और गोल्फिंग पैंथर्स ने 5-5 जीत हासिल कर 15 अंक जुटाए।

इन टीमों के खिलाड़ियों ने प्रत्येक मैच में शानदार गोल्फ खेला और टीम के लिए जीत हासिल की।विशेष रूप से, एरोप्लाजा पंचकूला गोल्फ लीग के नॉकआउट चरण में आगे बढ़ने वाली आठ टीमें हैं – विक्ट्री वेव्स, हाईलैंड किंग्स, गोल्फिंग पैंथर्स, स्नीकिन गोल्फर्स, ग्रीन वॉरियर्स, गोल्फिंग ईगल्स, टी बर्ड्स और रेजिंग बुल्स।क्वार्टर-फ़ाइनल्स के मैच 18 अप्रैल 2025 को होंगे।

क्वार्टर फ़ाइनल शेड्यूल:क्वार्टर-फ़ाइनल 1 में विक्ट्री वेव्स का सामना रेजिंग बुल्स से होगा, जबकि क्वार्टर-फ़ाइनल 2 में गोल्फिंग पैंथर्स का सामना टी बर्ड्स से होगा। क्वार्टर फाइनल 3 में हाईलैंड किंग्स का मुकाबला गोल्फिंग ईगल्स से होगा, और क्वार्टर फाइनल 4 में स्नीकिन गोल्फर्स का मुकाबला ग्रीन वॉरियर्स से होगा।

700 लोगों से ठगे 100 करोड़ – ओवरसीज कंपनी के खिलाफ भेजा पंजाब पुलिस को लीगल नोटिस – होगा विरोध प्रदर्शन

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ ; करीब 700 लोगों से 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुके फेज-1 स्थित ओवरसीज कंपनी के मालिक के खिलाफ पुलिस द्वारा सभी शिकायतकर्ताओं के खिलाफ संयुक्त एफआईआर न दर्ज करने व सभी कंप्लेंनेट के पासपोर्ट सहित ओरिजिनल डॉक्यूमेंट ना रिकवर करने के परिवार वालों को एफआईआर में नामजद न करने के विरुद्ध एडवोकेट गोपाल सिंह नहेल ने सभी पीड़ितों की ओर से पंजाब के डीजीपी व मोहाली के एस एस पी को लीगल नोटिस भेज के चेताया है ।

लीगल नोटिस में परिवार वालों पर तुरंत एक्शन लेने की मांग की गई है । एडवोकेट नेहल ने बताया कि कई शिकायतकर्ताओं के पुलिस ने 180 के बयान तो दर्ज किए हैं लेकिन अलग एफआईआर को मना कर दिया है जो कि उनका सैद्धांतिक अधिकार बनता है । क्या है मांगे : सभी शिकायतकर्ताओं की अलग-अलग एफआईआर तुरंत दर्ज की जिनके खातों में शिकायतकर्ताओं के पैसे का लेनदेन हुआ था को नाम जद किया जाएसभी शिकायतकर्ताओं के ओरिजिनल पासपोर्ट व सर्टिफिकेट आदि तुरंत वापस दिलवाए जाएक्या है

मामला फेस एक मोहाली में ओवरसीज कंपनी के नाम पर परिवार द्वारा लुभावने इश्तेहार व सोशल मीडिया के जरिए आम जनता को बाहर भेजने का झांसा देकर लाखों रुपए ठग लेता था , मालिक व 5 साथियों संग मिल दो बार लाइसेंस स्पेंड होने के बावजूद 100 करोड़ से अधिक जुटाने में कामयाब रहा है और अभी उनके खिलाफ 37 शिकायतों में जांच चल रही है.

पारंपरिक मेटल प्लेट तकनीक की बजाय फाइबुलर स्ट्रट ग्राफ्टिंग नामक नवाचारी प्रक्रिया ज्यादा कारगर – डॉ. शिव दास सिद्धू

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सिटीन्यूज़ नॉउ

नवांशहर। लिवासा हॉस्पिटल्स नवांशहर में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रस्त और कंधे की जटिल फ्रैक्चर से पीडि़त एक महिला की डॉ. शिव दास सिद्धू, ऑर्थोपेडिक कंसल्टेंट ने मेटल प्लेट तकनीक की बजाय फाइबुलर स्ट्रट ग्राफ्टिंग नामक नवाचारी प्रक्रिया से दुर्लभ ऑर्थोपेडिक सर्जरी की।

लिवसा हॉस्पिटल नवांशहर के यूनिट हेड लैइकुज्जमा अंसारी ने कहा कि विशेष रूप से वृद्ध महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित फ्रैक्चर तेजी से बढ़ रहे हैं। जागरूकता और तकनीकी संसाधनों के अभाव से मरीजों को उन्नत उपचार नहीं मिल पाता।

सिटीन्यूज़ नॉउ से बात करते हुए लिवासा हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर और सीईओ डॉ. पवन कुमार ने इस नवाचारपूर्ण सर्जरी की सराहना करते हुए कहा कि फाइबुलर स्ट्रट ग्राफ्टिंग एक प्रभावी तकनीक है और लिवासा हॉस्पिटल्स उन्नत मेडिकल तकनीकों और प्रमाण-आधारित अभ्यासों के साथ जटिल मामलों में भी बेहतरीन परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध है।डॉ. शिव दास सिद्धू ने बताया कि मरीज की ही फाइबुला हड्डी का एक हिस्सा निकालकर क्षतिग्रस्त ह्यूमरस बोन में ग्राफ्ट किया गया।

यह तकनीक आंतरिक रूप से हड्डी को मजबूती देने के साथ-साथ प्राकृतिक रूप से ठीक होने की प्रक्रिया मे सहायक सिद्ध हुई। सर्जरी के साथ-साथ मरीज को तीन महीने तक टेरेपैराटाइड इंजेक्शन्स भी दिए गए जो नई हड्डी बनने में मदद करते हैं। इस दोहरे इलाज से महिला अपेक्षा से कहीं तेजी से राहत पाकर चलने-फिरने लगी हैं।

सेव इंडियन फैमिली फाउंडेशन का चण्डीगढ़ चैप्टर भी दिल्ली में पुरुषों के लिए सत्याग्रह में भाग लेगा पुरुषों पर अत्याचारों के खिलाफ एवं पुरुष आयोग के गठन की मांग को लेकर दिल्ली में सत्याग्रह 19 अप्रैल

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चण्डीगढ़ : देश में पुरुषों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा एनजीओ सेव इंडियन फैमिली ( एसआईएफ) महिला आयोग की तरह ही पुरुष आयोग का गठन करवाने के संघर्षरत्त है क्योंकि पुरुषों में बढ़ती आत्महत्याएं, पतियों की चौंकाने वाली हत्या की घटनाएं, कानूनों का दुरुपयोग और सरकार, न्यायपालिका व समाज द्वारा पुरुषों की उपेक्षा अब चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है। ये कहना हैं इस एनजीओ के चण्डीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष रोहित डोगरा का। वे आज यहां चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान दिया जाए।

इन अन्यायों को उजागर करने और बदलाव की मांग को लेकर एनजीओ सेव इंडियन फैमिली द्वारा पुरुषों के लिए सत्याग्रह के बैनर तले एक शांतिपूर्ण धरना राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर में 19 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा जिसमें पूरे देश भर से एनजीओ के पदाधिकारी व सदस्यगण तथा पीड़ितजन भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इसी सिलसिले में वे भी अपने अधिकाधिक साथियों के साथ एनजीओ के चण्डीगढ़ चैप्टर की ओर से इस प्रदर्शन में भाग लेने जाएंगे। उन्होंने ये कैसा महिला उत्थान, जो ले रहा पुरुषों की जान का नारा भी दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत्त एनजीओ सेव इंडियन फैमिली फाउंडेशन के प्रयासों से ही दहेज़ के मामलों में धारा 498-ए के तहत दर्ज केसों में ससुरालियों की तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लग पाई थी।

हमें सभी नागरिकों के लिए, चाहे उनका लिंग कुछ भी हो, समतापूर्ण समाज की आवश्यकता है।कानूनों का दुरुपयोग, विशेष रूप से दहेज़ और बलात्कार से संबंधित, एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन गया है।बदला लेने या जबरन वसूली के साधन के रूप में अक्सर झूठे मामले दर्ज किए जाते हैं, जिससे पुरुष असहाय महसूस करते हैं और उनके पास कोई सुरक्षा नहीं होती।भारत में पुरुष आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या चौंकाने वाली है, जिसमें पारिवारिक और घरेलू समस्याएं प्रमुख कारण हैं। हर 4.5 मिनट में, देश में एक पुरुष आत्महत्या करता है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और लिंग-तटस्थ कानूनों, लिंग-आधारित कानूनों के दुरुपयोग के लिए सख्त दंड, और पुरुषों के मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक राष्ट्रीय आयोग की स्थापना के लिए जोर देना है। मूवमेंट की हेल्पलाइन, एसआईएफ वन (08882 498 498), कई पुरुषों के लिए एक जीवनरेखा रही है, जो संकट में हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसआईएफ, चंडीगढ़ के कार्यकर्ताओं में अंकुर शर्मा,महेश कुमार, जसदीप सिंह,रविंदर सिंह,सौमेंदु मुखर्जी, जसमीत सिंह, हरदीप कुमार, गुरचरण सिंह, नवीन कुमार और अन्य शामिल थे।सेव इंडियन फैमिली -चंडीगढ़ एक गैर-लाभकारी, स्व-वित्तपोषित, स्व-समर्थित स्वयंसेवी आधारित पंजीकृत गैर सरकारी संगठन है, जो पुरुषों और परिवारों के अधिकारों और कल्याण के लिए काम करता है। एक अन्य सदस्य अंकुर शर्मा ने कहा कि एसआईएफ 2005 से परिवार और वैवाहिक सद्भाव के लिए काम कर रहा है।

इन 20 वर्षों में, हमने भारत भर में और यहाँ तक कि विदेशों में भी अपनी निःशुल्क साप्ताहिक सहायता समूह बैठकों, हेल्पलाइनों, ऑनलाइन समूहों, ब्लॉगों और अन्य स्वयंसेवी आधारित समूहों के माध्यम से परामर्श के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाखों परिवारों को जोड़ा और उनकी मदद की है।

पंजाब सरकार द्वारा 66 के.वी. सबस्टेशन नेटवर्क के अपग्रेडेशन से बिजली बुनियादी ढांचे को मिली मजबूती: बिजली मंत्री हरभजन सिंह

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सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़, 15 अप्रैल: पंजाब के बिजली ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में एक और विशेष कदम उठाते हुए बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के दौरान पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) द्वारा 66 के.वी. सबस्टेशन ट्रांसमिशन नेटवर्क में व्यापक अपग्रेड को सफलतापूर्वक लागू करने की घोषणा की है।

हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि पंजाब सरकार अपने नागरिकों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली सप्लाई प्रदान करने के मिशन पर है और यह अपग्रेड इस दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य सरकार विकास और आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए राज्य के बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए समर्पित है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पीएसपीसीएल ने लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए 66 के.वी. ग्रिड सबस्टेशन और 101 पावर ट्रांसफार्मर लगाए हैं। इसके अतिरिक्त 160 करोड़ रुपये का निवेश कर 66 के.वी. ट्रांसमिशन लाइनों के साथ लगभग 200 सर्किट किलोमीटर को तैयार या अपग्रेड किया गया है।बताने योग्य है कि चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च 2025) के दौरान लगभग 82 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ विभिन्न जिलों में 354 एम.वी.ए. की कुल क्षमता वाले 37 पावर ट्रांसफार्मरों में बढ़ोतरी या नई स्थापना की गई है। इससे लुधियाना, बठिंडा, जालंधर, गुरदासपुर, बरनाला और संगरूर जैसे मुख्य क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है, जिसके साथ बेहतर लोड प्रबंधन और बिजली की विश्वसनीयता को सुनिश्चित किया गया है।पंजाब के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र लुधियाना के साथ-साथ राजगुरु नगर, आलमगीर, दुगरी, कंगनवाल और चंडीगढ़ रोड सहित कई मुख्य सबस्टेशनों पर पावर ट्रांसफार्मरों की बढ़ोतरी से काफी प्रोत्साहन मिला है।

बिजली मंत्री सिंह ने आगे कहा कि ऐसे सक्रिय विकास न केवल रोजाना बिजली सप्लाई में और सुधार करते हैं बल्कि भविष्य में बिजली की बढ़ती मांग के लिए भी एक मजबूत प्रणाली तैयार करते हैं।उन्होंने कहा कि पीएसपीसीएल के प्रयास ‘पावर सरप्लस पंजाब’ के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाते हैं, जहां उद्योग प्रफुल्लित होते हैं और नागरिकों को निर्बाध बिजली के साथ सशक्त बनाया जाता है।बिजली मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की बिजली प्रणालियों को आधुनिक बनाने, ट्रांसमिशन घाटे को और कम करने और अपने ग्राहकों को विश्व स्तर की सेवा प्रदान करने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश करना जारी रखेगी।