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चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज- लांडरां क्यूएस-आई गॉज कॉलेज रेटिंग्स में सर्वोच्च प्लेटिनम रेटिंग प्राप्त करने वाला पहला कॉलेज बना

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज, सीजीसी लांडरां, मोहाली क्यूएस-आई गॉज कॉलेज रेटिंग 2025 में प्रतिष्ठित सर्वोच्च प्लेटिनम रेटिंग प्राप्त करके देश का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज बन गया है।

ज्ञात रहे कि संस्थान ने सभी नौ क्राइटेरिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे उन्हें ओवरआल रूप से और हर केटेगरी में प्लेटिनम रेटिंग प्राप्त हुई है। सात मुख्य क्राइटेरिया इस प्रकार थे – टीचिंग एंड लर्निंग, फैकल्टी क्वालिटी, रोज़गार की संभावना, डाइवर्सिटी एक्सेसिबिलिटी, सुविधाएं, सोशल रिस्पांसिबिलिटी और गवर्नेंस स्ट्रक्चर। इसके अतिरिक्त, एडवांस्ड क्राइटेरिया रहा एंटरप्रेंयूर्शिप एंड इनोवेशन।

बता दें कि क्यूएस-आई गॉज रेटिंग प्रणाली भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों के विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन करती है और उन्हें ऐसे प्राइमरी पैरामीटर्स में डिवाइड करती है जो कॉलेज के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

इनका ये रिजल्ट प्रत्येक संस्थान के व्यक्तिगत प्रदर्शन को दर्शाता है।बुधवार को सचिन मजीठिया (सहायक प्रोफेसर, आईटी), डॉ. राजदीप सिंह (निदेशक-प्राचार्य), प्रो. (डॉ.) पी. एन. हृषिकेशा (कैंपस डायरेक्टर), और हरजोत सिंह लूथरा (प्रमुख,ब्रांडिंग विभाग) ने जानकारी देते हुए कहा कि सीईसी-सीजीसी लांडरां, मोहाली ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए टीचिंग क्वालिटी, स्टूडेंट सटिस्फैक्शन और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के प्रभावी उपयोग जैसे क्षेत्रों में पूर्ण अंक प्राप्त किए हैं। कॉलेज ने फैकल्टी सटिस्फैक्शन और शिक्षक रिटेंशन रेट्स में भी पूर्ण अंक हासिल किए हैं।

उत्कृष्ट इंडस्ट्रियल कोलैबोरेशन, सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस और स्टेट ऑफ़ द आर्ट लैब्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से एंटरप्रेंयूर्शिप और इनोवेशन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ावा देने के लिए सीजीसी लांडरां के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू और प्रेसिडेंट रशपाल सिंह धालीवाल ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी स्टेकहोल्डर्स को बधाई दी।

नागरिक जागरूकता समूह ने संजय टंडन को उत्कृष्ट सामाजिक सेवा के लिए किया सम्मानित

सिटीन्यूज़ नॉउ,

चंडीगढ़। नागरिक जागरूकता समूह ने संजय टंडन को समाज में उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। वे लंबे समय से रक्तदान शिविरों का आयोजन करने और जरूरतमंदों को खाद्य पैकेट वितरित करने जैसे कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।टंडन अपनी जनसेवा के लिए जाने जाते हैं और प्रतिदिन अपने निवास सह कार्यालय से नागरिकों की समस्याएं सुनते हैं। उनका शांत स्वभाव, सदैव मुस्कुराता चेहरा और समाज के प्रति समर्पण उन्हें जनसाधारण में विशेष सम्मान दिलाता है।

चंडीगढ़ पुलिस के सहयोग से टंडन ने शहर के युवाओं और किशोरों के लिए ‘गली क्रिकेट’ मैचों की शुरुआत भी की है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे और अपराध की ओर जाने से रोकना और उन्हें खेल तथा रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है।

सम्मान समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियों में सुरिंदर वर्मा (अध्यक्ष), शिखा निजहवन (संयुक्त सचिव), शप्रवेश चौहान (फोटो जर्नलिस्ट) और संचालन परिषद की सदस्याएं अर्चना सूद और करुणा शामिल रहीं।

होमलैंड ग्रुप ने किया ग्लोबल पार्क का भूमि पूजन, मोहाली

सिटीन्यूज़ नॉउ

मोहाली- पंजाब के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर होमलैंड ग्रुप ने मोहाली के सेक्टर 75, इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड पर अपने आगामी प्रोजेक्ट ‘होमलैंड ग्लोबल पार्क’ के लिए भूमि पूजन किया। कंपनी इस प्रोजेक्ट को 15 एकड़ भूमि पर विकसित करेगी, जिसमें करीब 5 मिलियन वर्ग फीट का मिश्रित उपयोग वाला निर्माण किया जाएगा।

यह प्रोजेक्ट ग्रुप के पहले से सफल सीपी.67 प्रोजेक्ट की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है और इसमें कई आकर्षक सुविधाएं शामिल होंगी। इसमें एक प्रीमियम मॉल, भारत का सबसे बड़ा इनडोर एरिना (जहां लाइव शो और एंटरटेनमेंट इवेंट्स होंगे), शानदार सर्विस्ड अपार्टमेंट, बड़े आईटी फ्लोर प्लेट वाले हाई-एंड रिटेल और बुटीक ऑफिस स्पेस शामिल होंगे।

होमलैंड ग्रुप के सीईओ उमंग जिंदल ने कहा, चंडीगढ़ और मोहाली अब कॉरपोरेट्स के लिए तेजी से उभरते हुए हब बन रहे हैं, लेकिन यहां ग्रेड-ए स्पेस की भारी कमी है। सीपी67 की शानदार परफॉर्मेंस के बाद हमने यह नया कदम उठाया है। हमारा लक्ष्य है कि हम इस क्षेत्र को एक बेहतरीन कॉरपोरेट और लग्जरी रिटेल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करें।

होमलैंड ग्रुप इस प्रोजेक्ट के जरिए न केवल कमर्शियल रियल एस्टेट को नया आयाम देना चाहता है, बल्कि इस पूरे क्षेत्र को एक प्रमुख बिजनेस और एंटरटेनमेंट हब के रूप में स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है।

खेल मंत्री गली क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में होंगे मुख्य अतिथि

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़, यूटी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) के अध्यक्ष संजय टंडन ने नई दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात की और आगामी 11 मई, को होने वाले गली क्रिकेट टूर्नामेंट के ग्रैंड फिनाले के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। डॉ. मंडाविया ने निमंत्रण स्वीकार किया और समापन समारोह के मुख्य अतिथि बनने के लिए सहमति व्यक्त की।

बैठक के दौरान, टंडन ने मंत्री को गली क्रिकेट टूर्नामेंट के सफर से अवगत कराया, जो अपने पिछले संस्करणों में लोकप्रिय रहा है। उन्होंने पहल के पीछे के मुख्य उद्देश्य पर जोर दिया, युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से दूर रखने और खेल और फिटनेस में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए “बल्ला घुमाओ, नशा भगाओ” के मोटो को बढ़ावा देना।

टंडन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे टूर्नामेंट ने शहर के विभिन्न कोनों से हजारों युवा क्रिकेट प्रेमियों को सफलतापूर्वक जोड़ा है। टूर्नामेंट के प्रभाव को प्रदर्शित करने के लिए, टंडन ने गली क्रिकेट टूर्नामेंट के सफर, प्रेरक कहानियों और जीवंत क्षणों का वर्णन करते हुए एक विशेष रूप से क्यूरेट की गई कॉफी टेबल बुक भेंट की।

खेल मंत्री ने खेलों को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ने में यूटीसीए के प्रयासों की सराहना की और आगामी समापन के लिए हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया।

मात-पिता मंदिर में ‘मात-पिता पूजन दिवस’10 अप्रैल को – विजेताओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़: मोहाली जिले के बनूड़-अंबाला रोड पर खल्लौर गांव में दुनिया के पहले और एकमात्र निर्माणाधीन मात-पिता मंदिर में 10 अप्रैल को ‘मात-पिता पूजन दिवस’ धूमधाम से मनाया जाएगा।स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद गिरि जी महाराज मुख्य अतिथि होंगे, जबकि वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम जाजू विशिष्ट अतिथि होंगे।

एसबीएस और हारमनी ग्रुप ऑफ कॉलेज के अध्यक्ष धर्मपाल बंसल और अग्रोहा विकास ट्रस्ट पंजाब के मुख्य संरक्षक श्री शाम लाल सिंगला विशेष अतिथि होंगे।मंगलवार को यहां पत्रकार वार्ता के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए माता-पिता गोधाम महातीर्थ के संस्थापक गोचर दास ज्ञान चंद वालिया ने बताया कि इस अवसर पर अखिल भारतीय गौ कथा वाचक के श्री चंद्रकांत अपने प्रेरणादायी विचार साझा करेंगे तथा भजन गायक प्रवीन वाधवा अपने मधुर भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।कार्यक्रम की शुरुआत नंदिनी गौ महायज्ञ के साथ होगी, जिसके बाद माता पिता पूजन होगा।

इस अवसर पर रंग भरने की प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। संस्कार ज्योति द्वारा रंग भरने की प्रतियोगिता फरवरी में स्कूली स्तर पर भावी पीढ़ी में माता-पिता और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना पैदा करने की एक अनूठी पहल के तहत शुरू की गई थी। हमारे युवा मन में संस्कारों के बीज बोने की इस पहल के तहत 11 स्कूलों को चित्र सौंपे गए, जिसमें छात्रों को उनके माता-पिता और शिक्षकों की मदद से चित्र के पीछे की कहानी को समझते हुए चित्रों में रंग भरने और 3-5 पंक्तियों में विवरण लिखने के लिए कहा गया था ।

पहला पुरस्कार एसडी मॉडल स्कूल राजपुरा से रिद्धि कुमार, स्टेलर इंटरनेशनल स्कूल बासमा से कनव धीमान और केके हाई स्कूल राजपुरा से प्रभजीत सिंह ने जीता।दूसरा पुरस्कार पटेल पब्लिक स्कूल राजपुरा से निरवैर कौर, डीएवी पब्लिक स्कूल राजपुरा से जानवी और सीएम पब्लिक स्कूल राजपुरा से आराध्या बदलहान ने जीता। चौथा पुरस्कार स्टेलर इंटरनेशनल स्कूल बासमा की पवनीत कौर, एसडी पब्लिक स्कूल राजपुरा की रिद्धि और एसडी मॉडल स्कूल राजपुरा की हिमानी ने जीता। पांचवां पुरस्कार एसडी पब्लिक स्कूल राजपुरा के कुणाल पासी, सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल चंडीगढ़ की अर्शिया जैसवाल और पटेल पब्लिक स्कूल राजपुरा के नवदीप सिंह ने जीता।

माता-पिता पूजन दिवस के दौरान मेहर अस्पताल जीरकपुर में निशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाया जाएगा, जिसमें निशुल्क बीपी, शुगर, ईसीजी और आंखों की जांच के अलावा निशुल्क दवाइयां भी वितरित की जाएंगी।वालिया ने बताया कि मंदिर के दूसरे चरण का कार्य पूरा हो चुका है तथा तीसरे चरण का कार्य 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। मंदिर 10 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि यह मंदिर विश्व का पहला व एकमात्र ऐसा मंदिर होगा, जहां किसी भगवान की मूर्ति नहीं होगी। बल्कि यह हमारे माता-पिता की पूजा का स्थान होगा। इस मंदिर को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड (लंदन) में विश्व का पहला मंदिर होने का गौरव भी प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर अमरजीत बंसल, मामन राम, पंकज जयसवाल, सुभाष सिंगला, कुलदीप ठाकुर, कपिल वर्मा, जीवन बब्बू, सुरनेश सिंगला, के के अग्रवाल,सुरेश बंसल, सुभाष अग्रवाल, जुनेजा, अश्वनी गर्ग, नवदीप गुडवानी, कश्मीरी लाल गुप्ता, दीपक मित्तल और जय गोपाल बंसल भी उपस्थित थे।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने जम्मू-कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग की ढलान स्थिरता के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन के साथ

सिटीन्यूज़ नॉउ

ऋषिकेश, 08-04-2025: टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर. के. विश्नोई ने बताया कि टीएचडीसीआईएल विद्युत क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम होने के नाते विद्युत क्षेत्र में नए मानक स्थापित करते हुए निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। जल विद्युत के क्षेत्र में अपनी प्रखरता प्राप्त करने वाले टीएचडीसीआईएल ने उच्च स्तरीय अभियांत्रिकी समाधानों में भी अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया है, विशेष रूप से ढलान स्थिरीकरण, भूस्खलन शमन और भू-तकनीकी परामर्श के क्षेत्रों में, विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हिमालयी भूविज्ञान में।

इसके अलावा, राष्ट्रीय विद्युत नीति के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता, ‘सभी को 24X7 किफायती, विश्वसनीय विद्युत प्रदान कराने के साथ ही इसने हमेशा समाज को लाभ पहुंचाने एवं जनसमुदाय के उत्थान और राष्ट्र की समग्र प्रगति में योगदान देने का प्रयास किया है। माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल देश के लोगों के मध्य असीम आस्था और श्रद्धा का स्रोत है। इसी विशेष कार्य में एक विश्वसनीय तकनीकी भागीदार के रूप में अपनी भूमिका को सुदृढ़ करते हुए, टीएचडीसीआईएल ने श्री माता वैष्णो देवी, कटरा, जम्मू-कश्मीर के श्राइन बोर्ड और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

8 अप्रैल, 2025 को कटरा, जम्मू-कश्मीर में श्राइन बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय में औपचारिक रूप से किए गए इस समझौते का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी भवन की ओर जाने वाले यात्रा मार्ग का ढलान स्थितिकरण का अध्ययन करना है। इस सहयोग के माध्यम से, टीएचडीसीआईएल आधुनिक तकनीक द्वारा ढलान स्थिरीकरण, भू-तकनीकी और भूगर्भी अन्वेषण में अपने व्यापक अनुभव द्वारा परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे तीर्थयात्रा मार्ग की दीर्घकालिक सुरक्षा व आवागमन सुनिश्चित होगा।

निगम की यह विंग केंद्र और राज्य सरकार के निकायों के साथ-साथ अन्य वैधानिक प्राधिकरणों को विशेष रूप से भूस्खलन शमन और ढलान स्थिरीकरण के क्षेत्र में विशेषज्ञ समाधान प्रदान करती है। पिछले वर्षों में, टीएचडीसीआईएल ने देश भर में परामर्श सेवाओं के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले, टीएचडीसीआईएल ने बुनाखा (180 मेगावाट) और संकोश (2585 मेगावाट) जलविद्युत परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अद्यतन करने के लिए भूटान की शाही सरकार को परिकल्प एवं अभियांत्रिकी सेवाएं प्रदान करके अपनी विशेषज्ञता का विस्तार किया है।

इसके अलावा, टीएचडीसीआईएल ने ढलान स्थिरीकरण परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें उत्तरकाशी, उत्तराखंड में वरुणावत पर्वत भूस्खलन शमन परियोजना और श्री माता वैष्णो देवीजी के ट्रैक के साथ उच्च पहाड़ी ढलानों के लिए ढलान संरक्षण उपाय शामिल हैं।हस्ताक्षर समारोह में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ श्री अंशुल गर्ग (आईएएस) और टीएचडीसीआईएल के निदेशक (कार्मिक) श्री शैलेन्द्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति इस पहल के सामरिक महत्व पर प्रकाश डालती है। श्री शैलेन्द्र सिंह, टीएचडीसीआईएल के निदेशक (कार्मिक) इस अवसर पर वार्ता करते हुए इस बात पर जोर दिया कि टीएचडीसीआईएल जून 2011 से श्राइन बोर्ड के लिए तकनीकी सलाहकार के रूप में काम कर रही है, जो संगठन की क्षमताओं में विश्वास का प्रमाण है।

यह सहयोग तीर्थयात्रा ट्रैक की विश्वसनीयता, सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। श्री सिंह ने कहा कि अपने परामर्श कार्य के एक भाग के रूप में, टीएचडीसीआईएल ने भूस्खलन शमन उपायों के लिए 430 से अधिक डीपीआर तैयार किए हैं, जिनमें उत्तराखंड राज्य सरकार, श्री माता वैष्णो देवी जी के श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच), और जम्मू-कश्मीर, पुणे, अरुणाचल प्रदेश और शिलांग सहित देश भर में अन्य स्थानों पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के लिए परियोजनाएं शामिल हैं।श्री शैलेन्द्र सिंह ने आगे कहा कि टीएचडीसीआईएल ने प्रमुख भूमिगत घटकों के साथ मेगा हाइड्रो परियोजनाओं के परिकल्प, निर्माण और ओ एंड एम में विशेषज्ञता हासिल की है।

टीएचडीसीआईएल के निदेशक (तकनीकी) श्री भूपेंद्र गुप्ता ने समझौता ज्ञापन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टीएचडीसीआईएल की परामर्श सेवाएं विभिन्न क्षेत्रों में इंजीनियरिंग उत्कृष्टता के लिए संगठन की प्रतिबद्धता को मूर्त रूप देती हैं। भू-तकनीकी इंजीनियरिंग, जल विद्युत और ढलान स्थिरीकरण में अपनी गहन विशेषज्ञता के साथ, टीएचडीसीआईएल भूवैज्ञानिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

यह समझौता ज्ञापन राष्ट्र निर्माण में एक विश्वसनीय तकनीकी साझेदार के रूप में टीएचडीसीआईएल की यात्रा में एक और मील का पत्थर है।एमओयू पर टीएचडीसीआईएल के महाप्रबंधक, परिकल्प(सिविल-II) डॉ. नीरज अग्रवाल, श्राइन बोर्ड के एडिशनल सीईओ (आईएफएस) श्री आलोक कुमार मौर्य तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से श्री संजीव कुमार, उप महानिदेशक (एनआर) ने हस्ताक्षर किए ।

इस अवसर पर जीएसआई जम्मू के निदेशक श्री प्रवीण कुमार, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की प्रबंधक श्री रविंदर कौल, टीएचडीसीआईएल के सहायक प्रबंधक श्री ईशान भूषण और टीएचडीसीआईएल के भू-तकनीकी अभियंता श्री अमनिन्दर सिंह नय्यर भी उपस्थित थे।

लिवासा अस्पताल होशियारपुर ने किडनी देखभाल और नेफ्रोलॉजी की नई सुविधाएँ जोड़ीं

सिटीन्यूज़ नॉउ

होशियारपुर, 8 अप्रैल 2025 – लिवासा अस्पताल, होशियारपुर, अपनी किडनी देखभाल सेवाओं में सुधार करने की घोषणा की है। अब अस्पताल में 24 घंटे डायलिसिस सेवा उपलब्ध है, जिसमें छह आधुनिक डायलिसिस मशीनें हैं, जो किडनी मरीजों को लगातार देखभाल प्रदान करेंगी। इसके अलावा, अस्पताल ने पांच खास नेफ्रोलॉजी क्रिटिकल केयर बेड्स भी जोड़े हैं, जिससे जटिल किडनी मामलों का बेहतर इलाज हो सकेगा।यह कदम लिवासा अस्पताल की मरीजों के बेहतर इलाज और देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता की घोषणा की जाती है।

अब तक 250 से ज्यादा मरीजों ने अस्पताल में इलाज करवाया है, जो इस अस्पताल के किडनी देखभाल कार्यक्रम की सफलता को साबित करता है। अस्पताल की नेफ्रोलॉजी विभाग की अगुवाई डॉ. आकाश सरकार कर रहे हैं, जो किडनी के इलाज में विशेषज्ञ हैं और उनकी टीम पूरी तरह से तैयार है।

लिवासा अस्पताल के निदेशक और सीईओ, डॉ. पवन कुमार ने सिटीन्यूज़ नॉउ से बात करते हुए कहा, “हमारी किडनी देखभाल सेवाओं का विस्तार हमारे स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पण की घोषणा की जाती है। यह हमारे मिशन का हिस्सा है, जिसमें हम बेहतर इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ समाज में स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। हम तकनीक और इंसानियत का सही मेल देते हुए इलाज प्रदान करने में विश्वास रखते हैं। लिवासा अस्पताल, होशियारपुर के जनरल मैनेजर, अभिनव श्रीवास्तव ने कहा, हमारे नेफ्रोलॉजी और डायलिसिस यूनिट का विस्तार होशियारपुर में किडनी रोगियों को बेहतर इलाज कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम की घोषणा की ।

डॉ. आकाश सरकार, नेफ्रोलॉजिस्ट, लिवासा अस्पताल ने कहा, “हमारी टीम और नई सुविधाएँ किडनी रोगियों को समय पर और प्रभावी इलाज देने के लिए तैयार हैं, जिससे उनकी सेहत में सुधार हो सके।”लिवासा अस्पताल किडनी रोगों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी काम कर रहा है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि अधिक से अधिक लोग उन्नत डायलिसिस उपचार का लाभ उठा सकें।

अस्पताल के पांच प्रमुख केंद्र मोहाली, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर और खन्ना में स्थित हैं।लिवासा अस्पताल में 750+ बेड्स, 38 विशेषज्ञताएँ, 250+ डॉक्टर, 28 आईसीयू, 20 ऑपरेशन थिएटर और 6 कैथ लैब्स हैं। यहाँ के डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवा टीम अत्याधुनिक तकनीक और संवेदनशील देखभाल के साथ रोगियों का इलाज करते हैं, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।

गीतांजलि कालरा गवर्नमेंट कॉलेज डेराबस्सी की नई प्रिंसिपल

सिटीन्यूज़ नॉउ

डेराबस्सी- गवर्नमेंट कॉलेज डेराबस्सी मे सोमवार को गीतांजलि कालरा ने कॉलेज की नई प्रिंसिपल के रूप में पद का कार्यभार संभाला। ज्ञात रहे कि इससे पहले वह गवर्नमेंट कॉलेज (बॉयज़), सेक्टर-11, चंडीगढ़ में अंग्रेजी के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे। गौरतलब है कि गीतांजलि कालरा के पास छात्रों को पढ़ाने का लगभग 30 वर्षों का विशाल अनुभव है, जिसमें से 18 वर्ष उन्होंने चंडीगढ़ के एक सरकारी कॉलेज में बिताए हैं।

उनकी शैक्षणिक यात्रा छात्रों की शैक्षणिक विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नवनियुक्त गीतांजलि कालरा के आगमन के अवसर पर महाविद्यालय के तीनों शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया।

ओजस में फिजिशियन-मॉडिफाइड फेनेस्ट्रेटेड एंडोवैस्कुलर एनेयुरिज़्म रिपेयर सर्जरी उपलब्ध

सिटीन्यूज़ नॉउ

पंचकूला: अल्केमिस्ट हॉस्पिटल्स की यूनिट ओजस हॉस्पिटल, पंचकूला में बुजुर्ग महिला मरीज के लिए खतरा बनी ऐऑर्टिक (महाधमनी) एन्यूरिज़म का क्षेत्र की पहली फिजिशियन-मॉडिफाइड फेनेस्ट्रेटेड एंडोवैस्कुलर एनेयुरिज़्म रिपेयर (ईवीएआर) सर्जरी द्वारा सफलतापूर्वक इलाज किया गया। मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, वैस्कुलर केयर के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है।

सिटीन्यूज़ नॉउ से जानकारी सांझा करते हुए डॉ अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मरीज की ऐऑर्टिक में 6 सेंटीमीटर चौड़ा एन्यूरिज़म दिल से पूरे शरीर में खून पहुंचाने वाली मुख्य धमनी फूल गई थी। समय रहते इलाज न मिलने से इसके फटने का खतरा होता है। उन्होने कहा कि ओपन सर्जरी बुज़ुर्ग मरीजों के लिए अत्यधिक जोखिम भरी होती है चूंकि इसमे 7-8 घंटे की सर्जरी और दोनों किडनियों व आंतों की धमनी के बायपास शामिल होते हैं।

इन जटिलताओं से बचने के लिए, ओजस और एल्केमिस्ट हॉस्पिटल के वरिष्ठ वैस्कुलर सर्जन डॉ अंकुर अग्रवाल के नेतृत्व में वैस्कुलर टीम ने फिजिशियन-मॉडिफाइड फेनेस्ट्रेटेड तकनीक अपनाई। डॉ अग्रवाल ने बताया, यह अत्याधुनिक प्रक्रिया हमें ऑपरेशन टेबल पर ही स्टेंट में छोटी-छोटी फेनेस्ट्रेशन (होल) बनाकर उसे मरीज की स्थिति के अनुसार अनुकूलित करने की सुविधा देती है, ताकि मुख्य धमनी से निकलने वाली किडनी और आंतों की महत्वपूर्ण धमनियों में रक्त प्रवाह बना रहे।

स्टेंट शरीर के अंदर लगाने के बाद इन फेनेस्ट्रेशन के माध्यम से चार अतिरिक्त स्टेंट डाले जाते हैं ताकि आवश्यक अंगों तक निरंतर रक्त आपूर्ति बनी रहे। पूरी सर्जरी केवल 3 सेंटीमीटर की छोटी सी चीरा से की गई जो पारंपरिक ओपन सर्जरी में लगने वाले बड़े चीरे की तुलना में कहीं कम है, और मरीज को मात्र दो दिन बाद ही स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने जीरकपुर में अपना पहला एक्सक्लूसिव शोरूम का किया शुभारम्भ

सिटीन्यूज़ नॉउ

जीरकपुर । किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने पंजाब के जीरकपुर में अपने पहले एक्सक्लूसिव शोरूम का शुभारंभ किया। यह शोरूम कॉस्मो मॉल के बिल्कुल सामने फ्रेंड्स एन्क्लेव में स्थित है। इस शोरूम के साथ ही किसना का यह देशभर में 71वां एक्सक्लूसिव शोरूम है। इस अवसर पर हरी कृष्णा ग्रुप के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर घनश्याम ढोलकिया भी मौजूद थे। इस मौके अरविंदर जीत सिंह कार्यकारी निदेशक, टाइनोर ऑर्थोपेडिस्ट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस लॉन्च के अवसर पर किसना ग्राहकों को हीरे के आभूषणों के मेकिंग चार्ज पर 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट और सोने के आभूषणों के मेकिंग चार्ज पर 25 प्रतिशत की छूट दे रहा है। बैसाखी के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए किसना ने अपनी नई ‘अक्षय कलेक्शन’ भी पेश की है, जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम है।इस मौके हरी कृष्ण समूह के संस्थापक और प्रबंध निदेशक घनश्याम ढोलकिया ने कहा कि पंजाब अपनी जीवंत संस्कृति और उत्सव के प्रति प्रेम के लिए जाना जाता है, यहां आभूषण बाजार के लिए अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ‘हर घर किसना’ यानी हर महिला का डायमंड ज्वेलरी पहनने का सपना पूरा करना और भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला आभूषण ब्रांड बनना है। किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी के निदेशक पराग शाह ने कहा कि हमारा ज़ीरकपुर शोरूम पंजाबी ग्राहकों की पसंद के अनुसार से डिज़ाइन किया गया है।