सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: वट्टीकुटी फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘न्यूरोनेक्स्ट फोरम’ मूवमेंट डिसऑर्डर से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा। “फोकस्ड अल्ट्रासाउंड के जरिए जिंदगी को फिर से बेहतर बनाना” थीम पर आयोजित इस देशव्यापी जागरूकता अभियान में अहमदाबाद, चेन्नई, दिल्ली और चंडीगढ़ के 400 से अधिक मरीजों, उनके परिजनों और देखभाल करने वालों ने भाग लिया।
फोरम में देश के प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जनों ने पार्किंसन डिजीज, एसेंशियल ट्रेमर तथा अन्य मूवमेंट डिसऑर्डर के आधुनिक उपचार विकल्पों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने मैग्नेटिक रेजोनेंस गाइडेड फोकस्ड अल्ट्रासाउंड (एमआरजीएफयूएस) को कुछ चुनिंदा मरीजों के लिए बिना चीरा लगाए किए जाने वाले प्रभावी उपचार के रूप में बताया। साथ ही फिजियोथेरेपी, नियमित व्यायाम, रिहैबिलिटेशन और जीवनशैली में बदलाव के महत्व पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में 125 से अधिक हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने भी हिस्सा लिया, जिससे मरीजों और विशेषज्ञों के बीच सीधे संवाद का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने बताया कि एमआरजीएफयूएस तकनीक फिलहाल भारत के चार प्रमुख केंद्रों पर उपलब्ध है और सैकड़ों मरीज इसका लाभ उठा चुके हैं।
वट्टीकुटी फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट अभि वट्टीकुटी ने कहा कि सही जानकारी मरीजों को बेहतर उपचार का निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि न्यूरोनेक्स्ट फोरम का उद्देश्य मरीजों और विशेषज्ञों के बीच की दूरी कम कर उन्हें वैज्ञानिक और भरोसेमंद उपचार विकल्पों से जोड़ना है, ताकि वे नई उम्मीद के साथ बेहतर जीवन की ओर बढ़ सकें।

