महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजनों को दिया नया स्वस्थ स्वरूप“स्वस्थ थाली, खुशहाल परिवार” के संदेश संग सजे स्वाद और सेहत के रंग
सिटीन्यूज़ नॉउ, सुशील सहगल
चंडीगढ़। आज के दौर में घर की रसोई केवल स्वाद तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि परिवार की सेहत और बेहतर जीवनशैली की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी निभा रही है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए “किचन चैंपियन सीजन-14” का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने पौष्टिक और पारंपरिक व्यंजनों के जरिए स्वस्थ खानपान का मजबूत संदेश दिया।
मदर्स डे के विशेष अवसर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में करीब 22 प्रतिभागियों ने मुख्य भोजन, मिठाइयों और हल्के नाश्ते की श्रेणियों में रचनात्मक और सेहतमंद व्यंजन प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में सोनल बंसल को उनकी पौष्टिक डिश “कैनवस” के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। रुचि गुप्ता की “राजस्थानी थाली” और मीनू की “हेल्दी फ्यूजन” को द्वितीय स्थान मिला, जबकि शशि खुथियाला और मंजू कक्कड़ को पारंपरिक “हिमाचली मड़रा” के लिए तृतीय पुरस्कार दिया गया।
कुकरी विशेषज्ञ सरिता खुराना ने सभी व्यंजनों का मूल्यांकन करते हुए कहा कि घर का संतुलित भोजन कई बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। रेखा गर्ग और राजिंदर कश्यप ने कहा कि माताएं परिवार की पहली पोषण विशेषज्ञ होती हैं और उनके हाथों का बना भोजन समाज को स्वस्थ दिशा दे सकता है। आयोजन में निशा कश्यप, अवतार कौर और जे. एस. डॉली को भी विशेष सम्मान दिया गया।

