सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: सेंटिएंट वर्ल्ड द्वारा छह राज्यों में संचालित 100 से अधिक डेयरी इकाइयों की जांच में पशु कल्याण, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। 10 फरवरी से 15 अप्रैल 2026 के बीच चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में की गई इस जांच में घरेलू, मध्यम और बड़े डेयरी क्लस्टरों का अध्ययन किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश डेयरी इकाइयों में पशुओं को क्षमता से अधिक संख्या में रखा जा रहा था तथा उन्हें लंबे समय तक रस्सियों से बांधकर रखने, उचित देखभाल के अभाव, कुपोषण, घाव, त्वचा रोग और तनाव जैसी समस्याएं देखने को मिलीं। कई स्थानों पर बछड़ों के लिए पर्याप्त छाया और आश्रय की व्यवस्था नहीं थी।
जांच के दौरान दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कथित तौर पर ऑक्सीटोसिन के उपयोग के संकेत भी मिले।रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई डेयरी इकाइयों में दूध अस्वच्छ परिस्थितियों में निकाला जा रहा था। खुले नालों, सीवेज और कचरे के समीप दुग्ध उत्पादन, गोबर एवं अपशिष्ट के अनुचित निस्तारण तथा मृत पशुओं के खराब प्रबंधन से जनस्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरे की आशंका जताई गई है।
सेंटिएंट वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक पांडे ने कहा कि रिपोर्ट डेयरी क्षेत्र में मौजूदा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निरीक्षण, बेहतर पशु चिकित्सकीय सुविधाओं तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

