सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: इंडियन थायरॉयड सोसायटी (आईटीएस) ने औद्योगिक क्षेत्र फेज 1 स्थित हयात रीजेंसी, चडीगढ़ में अपना राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें देशभर से लगभग 400 प्रतिष्ठित एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, चिकित्सक, सर्जन और शोधकर्ता शामिल हुए। यह कॉन्फ्रेंस थायरॉयड से जुड़े नवीनतम शोध, निदान तकनीकों और मरीज-केंद्रित उपचार पद्धतियों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच बना, जिसमें भारत में थायरॉयड विकारों के बढ़ते सार्वजनिक स्वास्थ्य महत्व को रेखांकित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चिकित्सा शोध और नवाचार को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के माध्यम से बढ़े हुए वित्तीय सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, शीघ्र निदान और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों की ओर भारत के प्रगतिशील रुख को रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने थायरॉयड विकारों सहित गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ से निपटने के लिए चिकित्सा संगठनों और नीति-निर्माताओं के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
कॉन्फ्रेंस का समापन बहु-विषयक सहयोग को बढ़ावा देने, शोध पहलों के विस्तार और आम जनता व स्वास्थ्य पेशेवरों में जागरूकता को और मजबूत करने के साझा संकल्प के साथ हुआ, जिसका उद्देश्य देशभर में थायरॉयड स्वास्थ्य और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करना है।

