सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: मेहर चंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय के पंजाबी विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में पंजाबी सुलेख (कैलीग्राफी) कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 11 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित एक दिवसीय अंतरविषयी राष्ट्रीय संगोष्ठी के पूर्व-कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुई।
कार्यशाला का संचालन स्नातकोत्तर राजकीय कन्या महाविद्यालय, सेक्टर–11, चंडीगढ़ में सहायक प्राध्यापक डॉ. जतिंदर सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को पंजाबी सुलेख की मूल तकनीकों, शैलीगत विशेषताओं और इसके व्यावहारिक आयामों से परिचित कराया। इस कार्यशाला में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों से लगभग 60 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो भाषायी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है।
कार्यकारी प्राचार्या श्रीमती नीना शर्मा ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च त्याग धर्म और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिवस भाषायी विविधता और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण को प्रोत्साहित करता है।

