सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: श्री दिगम्बर जैन मंदिर, चंडीगढ़ में अष्टान्हिका महापर्व के पावन अवसर पर सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं शांति महायज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक गरिमा के साथ हुआ। यह विधान ब्रह्मचारिणी आशा दीदी के सान्निध्य में आयोजित हो रहा है, जबकि संगीतमय विधान के लिए उत्तर प्रदेश से विशेष संगीत मंडली आमंत्रित की गई है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः भगवान जिनेन्द्र देव के श्री अभिषेक से हुई। इसके बाद ध्वजारोहण एवं भव्य घट यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने कलश धारण कर मंदिर की परिक्रमा की। तत्पश्चात भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को शोभायात्रा के साथ विधान मंडप में विराजमान कराया गया। यज्ञ नायक अशोक जैन ने प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक मस्तक पर धारण किया।पहले दिन मंगलाचरण, भगवान महावीर पूजन, नवग्रह पूजन तथा सिद्धचक्र पूजन के आठ अर्घ्य अर्पित किए गए।
श्री दिगम्बर जैन सोसायटी के महासचिव संत कुमार जैन ने बताया कि अष्टान्हिका काल में सिद्धचक्र महामण्डल विधान का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दौरान नन्दीश्वर द्वीप पर देवों द्वारा होने वाली पूजा का सजीव रूपांकन किया जाता है। अनुष्ठान के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने भोजनशाला में सात्त्विक भोजन ग्रहण किया। आगामी दिनों में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजन श्रद्धापूर्वक आयोजित किए जाएंगे।

