सिटीन्यूज़ नॉउ
शिमला: एसजेवीएन लिमिटेड ने सोमवार को अपने कॉरपोरेट मुख्यालय शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए 38वीं वार्षिक आम बैठक आयोजित की। बैठक में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की परिचालन, वित्तीय और रणनीतिक उपलब्धियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 एसजेवीएन के लिए रिकॉर्ड विद्युत उत्पादन और महत्वपूर्ण क्षमतागत वृद्धि का वर्ष रहा। कंपनी और उसकी अधीनस्थ कंपनियों ने 1730 मेगावाट की स्थापित क्षमता जोड़ी तथा सभी प्रचालनरत विद्युत स्टेशनों से रिकॉर्ड 13,302.390 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया।
उन्होंने बताया कि 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने कमीशनिंग के बाद 150 बिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया। स्टेशन ने 96.84 प्रतिशत का संयंत्र उपलब्धता फैक्टर हासिल किया। वहीं, 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने 2108 मिलियन यूनिट का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया। 60 मेगावाट नैटवाड़ मोरी स्टेशन ने भी डिजाइन ऊर्जा से करीब 17 प्रतिशत अधिक 310.36 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कंपनी के प्रदर्शन की जानकारी देते हुए एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि कंपनी ने बिहार में 75 मेगावाट जमुई सौर ऊर्जा परियोजना की सफल कमीशनिंग की है।
इसके साथ ही एसजेवीएन के स्थापित क्षमता वाले पोर्टफोलियो में 75 मेगावाट की वृद्धि हुई है। कंपनी का कुल प्रचालनात्मक पोर्टफोलियो अब बढ़कर 4271.50 मेगावाट हो गया है।भूपेंद्र गुप्ता ने एसजेवीएन की प्रगति में सहयोग के लिए भारत सरकार, राज्य सरकारों, विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों, शेयरधारकों और सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी हितधारकों के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि एसजेवीएन की सफलता में निदेशक मंडल और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता एवं समर्पण महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने वर्ष 2030 तक देश की 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य में योगदान देने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराई।

