सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: CII चंडीगढ़ एजुकेशन समिट 2026 में भविष्य के लिए शिक्षा और कौशल विकास को लेकर विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों ने मंथन किया। हरियाणा के स्कूल एवं उच्च शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों की प्रतिभा पहचानकर उनके कौशल का विकास करना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए।
उन्होंने स्कूलों, उच्च शिक्षण संस्थानों और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।ब्रिटिश उप उच्चायुक्त, चंडीगढ़ अल्बा स्मेरिग्लियो ने कहा कि शिक्षण संस्थानों और व्यवसायों को साथ लाकर हम युवाओं को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल, रचनात्मकता और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता प्रदान कर सकते हैं।
CII चंडीगढ़ एजुकेशन समिट के चेयरमैन एवं सतलुज ग्रुप ऑफ स्कूल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा भविष्य वह नहीं है जिसमें हमारे बच्चे किसी दिन प्रवेश करेंगे। हम आज उनके लिए भविष्य का निर्माण कर रहे हैं, अपनी कक्षाओं, संस्थानों बल्कि आज लिए जा रहे निर्णयों के माध्यम से।
CII चंडीगढ़ यूटी के चेयरमैन विवेक वर्मा ने शिक्षा में एआई और डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीक सीखने को व्यक्तिगत और सुलभ बनाने में सहायक है, लेकिन मानवीय तत्व का विकल्प नहीं हो सकती।
समिट में व्यावसायिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा, शिक्षक विकास, एआई के उपयोग और उद्योग से छात्रों के जुड़ाव को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

