सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: मानवाधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और मानव गरिमा के मुद्दों पर विभिन्न देशों के ईसाई पादरियों और नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय संवाद में हिस्सा लिया। ब्यूटीफुल ब्रिज प्रोजेक्ट के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में नई दिल्ली के पादरियों ने स्टेट्समैन हाउस से तथा अन्य प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन भागीदारी की।चर्चा में धार्मिक स्वतंत्रता, समान अधिकार और न्यायिक प्रक्रिया पर जोर दिया गया।
दक्षिण कोरिया के शिनचोनजी यीशु की कलीसिया के 95 वर्षीय अध्यक्ष ली मान-ही की मुकदमे से पूर्व हिरासत का संदर्भ देते हुए प्रतिभागियों ने कहा कि मामले का निर्णय साक्ष्यों और कानून के अनुरूप होना चाहिए, साथ ही उम्र एवं मानवीय परिस्थितियों पर भी उचित विचार किया जा सकता है।
पादरी सुभाष चंद्र यादव ने न्यायिक प्रक्रिया और मानव गरिमा के बीच संतुलन की आवश्यकता पर बल दिया। आयोजकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय संवाद की निरंतर पहल बताया।

