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किदार अदबी ट्रस्ट ने आयोजित की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी

सिटीन्यूज़ नॉउ

पंचकूला : किदार अदबी ट्रस्ट, पंचकूला द्वारा हर माह पंचकूला, चंडीगढ़, मोहाली व देश-विदेश के साहित्यकारों के लिए काव्य गोष्ठी का प्लेटफार्म उपलब्ध करवाता है। जून माह की सबरस काव्य गोष्ठी का अंतर्राष्ट्रीय आयोजन ऑनलाइन ज़ूम माध्यम से किया गया जिसमे ट्राई सिटी के साथ देश-विदेश के कवियों व साहित्यकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से सबरस काव्य गोष्ठी में भाग लिया।

किदार अदबी ट्रस्ट साहित्य के लिए पंचकूला चंडीगढ़ व मोहाली के संबद्ध कवि एवं साहित्यकार सदा समर्पित भाव से इस काव्य गोष्ठी के प्रति प्रतिबद्ध रहते हैं और समय समय पर केदार नाथ केदार की याद में साहित्य के अनेक कार्यक्रम करते रहते हैं, इसी कड़ी में गणेश दत्त व अन्य सभी कवियों और साहित्यकारों के सहयोग से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले रचनाकारों में प्रेम विज, सरदारी लाल धवन, अश्वनी कुमार, प्रतिभा सिंह, नीरजा शर्मा, प्रो. गुरदीप कौर गुल, बलबीर तन्हा, निम्मी वशिष्ठ, सुदेश नूर, रेनू अबबी, संतोष गर्ग, संगीता कुन्द्रा शर्मा, दर्शना सुभाष पाहवा, गणेश दत्त, कनाडा से पूनम कोचर व सुरजीत सिंह धीर आदि शामिल थे। केदार नाथ केदार का वीडियो के माध्यम से कविता पाठ हुआ और स्मृतियों को ताज़ा किया गया।

आकाश एजुकेशनल चंडीगढ़ से केशव बंसल ने जेईई एडवांस्ड 2025 में एआईआर 382 प्राप्त किया

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड से चंडीगढ़ के 33 छात्रों ने प्रतिष्ठित जेईई एडवांस्ड 2025 परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करके न केवल इंस्टीटयूट बल्कि शहर का नाम रोशन किया है। छात्रों ने अपनी लगन व अथक मेहनत और एईएसएल के विशेषज्ञ शिक्षकों तथा व्यापक पाठ्यक्रम से ही यह मुकाम हासिल किया है।

ज्ञात रहे कि केशव बंसल आल इंडिया रैंक 382 हासिल करके टॉप रैंकर्स में रहे। जबकि शौर्य शर्मा (एआईआर 1254), प्रियांशु बर्नवाल ((एआईआर 3087), पारिख गोयल (एआईआर 3614) और विनायक नर (एआईआर 3734)अन्य उल्लेखनीय छात्र हैं। छात्रों ने कहा कि आकाश के मजबूत शैक्षिक आधार और निरंतर मार्गदर्शन के बिना यह सफलता असंभव थी।

छात्रों को बधाई देते हुए क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सुरेंद्र चौहान ने कहा कि यह परिणाम एईएसएल में अपनाई गई शैक्षिक कड़ी मेहनत और अनुशासन का प्रमाण हैं। उन्होने आईआईटी में छात्रों के भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। सिटीन्यूज़ नॉउ से बातचीत करते हुए डॉ. सुरेंद्र चौहान कि आकाश हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों के लिए विभिन्न कोर्स प्रारूपों के माध्यम से समग्र आई आईटी-जेईई कोचिंग प्रदान करता है।

हाल ही में आकाश ने कंप्यूटर-आधारित प्रशिक्षण विकसित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। साथ ही, आकाश में मॉक टेस्ट वास्तविक परीक्षा परिस्थितियों को भी प्रोत्साहित किया जाता है। परीक्षा का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने मे आकाश सदैव प्रतिबध है।

चंडीगढ़ ने जीती 43वीं जूनियर नेशनल सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप का समापन हुआ, जिसमें देशभर के 22 राज्यों ने भाग लिया। चंडीगढ़ की लड़कों की टीम ने रोमांचक फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश को 4-2 से हराकर 43वीं जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।

यह प्रतियोगिता चंडीगढ़ सॉफ्टबॉल संघ द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित की गई थी।पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता पूर्व सलाहकार एवं चंडीगढ़ सॉफ्टबॉल संघ के अध्यक्ष धर्मपाल (आईएएस) ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा (आईएएस) एवं खेल सचिव प्रेरणा पुरी (आईएएस) ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा स्वराज डिवीजन मोहाली के प्रमुख अरुण राघव, एसबीआई के महाप्रबंधक दीपक भट्ट, पंजाब यूनिवर्सिटी एवं चंडीगढ़ सॉफ्टबॉल संघ के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।मैच में चंडीगढ़ के पिचर चैतन्य ने शानदार सटीकता से प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश के आक्रमण को रोकने में अहम भूमिका निभाई। रनर स्वस्तिक और अमन ने स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

वहीं मध्य प्रदेश की ओर से संकल्प और विक्की ने वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन अंतिम इनिंग में पीछे रह गए। चंडीगढ़ ने तालिका में पहला स्थान हासिल किया, मध्य प्रदेश उपविजेता रहा और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा।इससे पहले सेमीफाइनल में चंडीगढ़ ने महाराष्ट्र को 8-7 के कड़े मुकाबले में हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।लड़कियों की श्रेणी में मध्य प्रदेश ने हरियाणा को 3-2 से हराकर खिताब जीता, जबकि छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर रहा।

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हमारे पास उभरते खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन खेल नीति है। चंडीगढ़ सॉफ्टबॉल संघ के अध्यक्ष धर्मपाल ने कहा कि सभी के सहयोग से इस खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाया गया है और भविष्य में भी खेल जगत के लिए इसी तरह काम करते रहेंगे। उन्होंने अपने सलाहकार कार्यकाल को याद किया जब नई खेल नीति की घोषणा की गई थी। उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि वे इस नीति का अधिकतम लाभ उठाएं।

प्रथम मात-पिता मन्दिर में 163वें मासिक भंडारे का आयोजन किया गया

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मोहाली: बनूड़-अंबाला मार्ग पर मोहाली जिले के गांव खल्लौर में में मात-पिता गौधाम महातीर्थ में बन रहे विश्व के प्रथम मात-पिता मन्दिर में 163वें मासिक भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे सैंकड़ों की तादाद मे लोगों ने शिर्कित की।

ग़ौरतलब है कि यह दुनिया का पहला मात-पिता मन्दिर जिसमें कोई मूर्ति न होकर अपने-अपने माता-पिता में ही भगवान होने का एहसास करेंगे, का निर्माण कार्य बहुत तेज़ी से से चल रहा है।हवन यज्ञ व सत्संग के बाद भण्डारा तथा गौ माताओं के लिए सवामणी करवाई गई।इस अवसर पर बोलते हुए संस्थापक गौचर दास ज्ञान ज्ञान चंद वालिया ने कहा कि अपने माता पिता की जय के जयकारे से विश्व में शांति आएगी।

पश्चिमी ससंकृति की चका-चौंध से हम ऐसे प्रभावित हुए की हमने एक ऐसा बीज बोया जिसमें ना तो संस्कार थे, ना ही शिक्षा थी, ना ही विनम्रता थी।परिणाम स्वरुप इस बीज का फल भी पश्चिमी संस्कृति का ही होना था, पर यह फल तो उससे भी भयानक निकला । यही कारण है की भारत जैसे सनातनी देश में जहाँ माता-पिता को भगवान समान दर्जा दिया है, उनको मजबूरन वृद्धा आश्रम में रहना पड़ रहा है।

चंडीगढ़ की 15-49 वर्ष आयु वर्ग की 42% महिलाएं मोटापे की श्रेणी में

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चंडीगढ़ :- एंडोक्राइन सोसाइटी ऑफ इंडिया (ESI) द्वारा आज होटल हयात रीजेंसी, चंडीगढ़ में मिड-टर्म ईएसआईकॉन 2025 का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य मधुमेह, मोटापा और पर्यावरण के मानव चयापचय (मेटाबॉलिज़्म) पर पड़ने वाले प्रभाव पर विस्तृत चर्चा करना था।

लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेंद्र कोटवाल, जो कि आयोजन समिति के अध्यक्ष और ESI के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, ने अपने संबोधन में कहा कि—एंडोक्राइन सिस्टम का स्वास्थ्य पूरी तरह से हमारे पर्यावरण पर निर्भर है। आजकल की जीवनशैली, प्लास्टिक का उपयोग, और अन्य पर्यावरणीय कारक हमारे हार्मोनल संतुलन को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं।

पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. संजय कुमार भदाड़ा ने चिंता जताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ट्राईसिटी देश में मधुमेह के सबसे अधिक मामलों वाला क्षेत्र बनता जा रहा है।

इस अवसर पर पारस हेल्थ के प्रबंध निदेशक डॉ. धर्मिंदर नागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि—दुनियाभर के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट लोगों के जीवन और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, विशेष रूप से मधुमेह और उससे संबंधित जटिलताओं को लेकर।

मर्चेंट नेवी ऑफिसर्स एसोसिएशन (एम.एन.ओ.ए) को पदाधिकारियों की नई टीम मिली कैप्टन एल सी धर्मानी नए अध्यक्ष बने

चंडीगढ़ :- मर्चेंट नेवी ऑफिसर्स एसोसिएशन (एम.एन.ओ.ए ), चंडीगढ़ को नई टीम मिली है, जिसमें कैप्टन एल सी धर्मानी को अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने राकेश मित्तल का स्थान लिया है। नए पदाधिकारियों का चुनाव यहां आयोजित एम.एन.ओ.ए की वार्षिक आम बैठक (ए.जी.एम) के दौरान किया गया। इंजीनियर अजीत सिंह को एम.एन.ओ.ए का उपाध्यक्ष चुना गया है, जबकि कैप्टन रमन गुप्ता नए महासचिव हैं। इंजीनियर तिरलोचन सिंह कोषाध्यक्ष होंगे।पदाधिकारियों की नई टीम अगले 2 वर्षों तक एसोसिएशन और उसके सदस्यों की बेहतरी के लिए काम करेगी।

कैप्टन धर्मानी ने कहा कि नाविकों का कल्याण, सदस्यों के लिए सामाजिक और व्यावसायिक जुड़ाव, अनुभव साझा करने और सेमिनारों के माध्यम से समग्र विकास और कल्याण, रक्तदान शिविरों के आयोजन जैसे विभिन्न अभियानों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारियों को संबोधित करना, कैरियर परामर्श सत्रों के माध्यम से युवा पुरुषों और महिलाओं के बीच मर्चेंट नेवी को एक पेशे के रूप में बढ़ावा देना, उनकी और उनकी टीम की प्राथमिकता होगी।

उन्होंने कहा की हम नियमित अंतराल पर अपने सदस्यों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच और विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। मैराथन दौड़, साइकिलिंग इवेंट, ऑफ-रोडिंग ट्रिप और गोल्फ टूर्नामेंट जैसी खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी।

इस बीच, एम.एन.ओ.ए के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन भगत सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने के लिए निवर्तमान टीम की सराहना की और आने वाली टीम को बधाई दी।

यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी स्क्रीनिंग कैंप में 100 से अधिक लोगों ने करवाई जांच

सिटीन्यूज़ नॉउ

अंबाला: पार्क ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की इकाई पार्क हीलिंग टच अस्पताल, अंबाला ने एक निःशुल्क यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जांच की गई और प्रोस्टेट एवं किडनी से जुड़ी बीमारियों के बारे में जागरूकता फैलाई गई।

कैंप में यूरिन टेस्ट, ब्लड प्रेशर जांच, डाइट सलाह और जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए।कंसल्टेंट यूरोलॉजी डॉ. तजिंदर पाल सिंह खुराना ने कैंप में होलियम लेज़र तकनीक के बारे में जानकारी दी, जो प्रोस्टेट और यूरिनरी स्टोन के लिए अत्याधुनिक, न्यूनतम इनवेसिव इलाज का तरीका है।

सिटीन्यूज़ नॉउ से बात करते हुए डॉ. खुराना ने बताया कि प्रोस्टेट वृद्धि और किडनी स्टोन, विशेषकर उत्तर भारत के बुजुर्ग पुरुषों में, सबसे आम यूरोलॉजिकल समस्याएं हैं। इस मौके पर कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजी डॉ. ज्योति अग्रवाल ने क्रॉनिक किडनी डिजीज की बढ़ती समस्या पर प्रकाश डाला और बताया कि शुगर और बीपी के मरीजों में समय रहते जांच कराना बेहद ज़रूरी है।

समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर हम डायलिसिस या ट्रांसप्लांट से बच सकते हैं, उन्होंने कहा। मूत्र रोग संबंधी स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए, पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, यूटीआई से बचाव के लिए क्रैनबेरी जूस पिएं, नमक और कैफीन का सेवन सीमित करें, अपने शरीर का वजन नियंत्रित रखें· धूम्रपान से बचें, केगल एक्सरसाइज़ करें.

सशस्त्र बलों के सम्मान में तिरंगा यात्रा में जुटे 500 से अधिक लोग – र्धार्मिक देशभक्ति और सामुदायिक भावना की दिखी झलक

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़ : भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, बलिदान और अटूट समर्पण को श्रद्धांजलि देने के लिए एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों से उत्साहपूर्वक भागीदारी की गई। यह तिरंगा यात्रा भारत सरकार के पूर्व मुख्य सचिव (तमिलनाडु) और केएस राजू लीगल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. जगमोहन सिंह राजू (रिटायर्ड आईएएस) की पहल पर शिरोमणि संत खालसा इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष संत बाबा प्रीतपाल सिंह जी के आशीर्वाद से आयोजित की गई थी।

तिरंगा यात्रा सुखना झील के पास गुरुद्वारा गुरु सागर साहिब सुखना से शुरू हुई जो सुखना झील, सरोवर पथ, सेक्टर 7 पेट्रोल पंप, सेक्टर 7 मार्केट से होते हुए सेक्टर 7 स्थित गुरुद्वारा साहिब में समाप्त हुई।

इस यात्रा में बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग शामिल हुए जिन्होंने वीरता और देशभक्ति की अपनी गहरी विरासत को फिर से दोहराया। कई लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और पवित्र निशान साहिब को गर्व और श्रद्धा के साथ थाम रखा था। विभिन्न धर्मों के प्रमुख धार्मिक नेताओं ने भी सांप्रदायिक सद्भाव और सशस्त्र बलों के प्रति सामूहिक आभार व्यक्त करते हुए इसमें भाग लिया। इस यात्रा का नेतृत्व बैंड ने किया, जिसके देशभक्ति गीतों ने माहौल को भावना और गर्व से भर दिया।

अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए, डॉ राजू ने कहा की यह तिरंगा यात्रा भावना का प्रतीक है, हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि है और एकता का संदेश है। आज, हर भारतीय गर्व के साथ चलता है, यह जानते हुए कि हमारा देश अपनी रक्षा स्वयं कर सकता है और मजबूती से खड़ा रह सकता है। यह एक नया भारत है जो आत्मविश्वास से भरा है, आत्मनिर्भर है और अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है।

भारत का निर्माण कर रही हैं जमीनी स्तर की महिलाएं: CII वुमन एग्जेम्पलर अवॉर्ड 2025 के विजेताओं की घोषणा

सिटीन्यूज़ नॉउ

नई दिल्ली: “ये जमीनी स्तर की महिलाएं छोटे-छोटे गांवों से निकलकर, कई चुनौतियों को पार कर, परिवर्तन की प्रतीक बन चुकी हैं और भारत के निर्माण में योगदान दे रही हैं।” यह बात महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने CII वुमन एग्जेम्पलर अवॉर्ड 2025 के विजेताओं को सम्मानित करते हुए कही।

यह कार्यक्रम ‘समाजिक परिवर्तन की अगुवाई करती महिलाएं: CII वुमन एग्जेम्पलर अवॉर्ड्स’ के तहत CII की वार्षिक आम सभा और वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान आयोजित किया गया।उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का एक महत्वपूर्ण संकेतक महिलाओं की स्थिति होती है। उद्योग जगत द्वारा महिलाओं के समर्थन और प्रोत्साहन की सराहना करते हुए उन्होंने सभी से आगे आकर महिलाओं को सहयोग देने की अपील की ताकि भारत वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल कर सके। CII वुमन एग्जेम्पलर अवॉर्ड उन ग्रामीण और वंचित समुदायों की महिला नेताओं को सम्मानित करता है, जिन्होंने गहरी सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को पार कर समाज में परिवर्तन लाने का कार्य किया है।

इस वर्ष सेलम, तमिलनाडु की अलमेलु वी को कम्युनिटी स्ट्रेंथनिंग श्रेणी में, मेवात, हरियाणा की फरहीन हुसैन को स्वास्थ्य श्रेणी में, कोल्हापुर, महाराष्ट्र की वर्षा अंकुश पाटिल को शिक्षा श्रेणी में, औरमधुबनी, बिहार की नर्मदा झा को सूक्ष्म उद्यम श्रेणी में सम्मानित किया गया। प्रत्येक विजेता को एक ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और ₹3 लाख की नकद राशि प्रदान की गई।

इस पुरस्कार के लिए 400 से अधिक नामांकनों में से एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा प्रभाव, नेतृत्व क्षमता और बदलाव के विस्तार की संभावनाओं के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। CII के महानिदेशक श्री चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि CII वर्ष 2005 से जमीनी महिला नेतृत्व को सम्मानित करता आ रहा है।

उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है और यदि उन्हें उचित सहयोग मिले तो वे और भी अधिक कर सकती हैं। अब ये महिलाएं देशभर में फैले 150+ वुमन एग्जेम्पलर्स के नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो अपने-अपने समुदायों में सामाजिक बदलाव ला रही हैं और हर वर्ष 20 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं। CII फाउंडेशन इन महिला नेतृत्वकर्ताओं की क्षमता विकास और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलों के माध्यम से लगातार सहयोग कर रहा है।

पार्क अस्पताल उत्तर भारत का अग्रणी वैस्कुलर ट्रॉमा केंद्र

सिटीन्यूज़ नॉउ

चंडीगढ़। पार्क अस्पताल के डायरेक्टर कार्डियोवैस्कुलर, एंडोवैस्कुलर व वैस्कुलर सर्जरी डॉ. एचएस बेदी और वरिष्ठ सलाहकार जनरल सर्जरी तथा मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विमल विभाकर ने शनिवार को वैस्कुलर ट्रामा पर बहुमूल्य जानकारी सांझा की।

सिटीन्यूज़ नॉउ को सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए डॉ. एचएस बेदी ने कहा कि देश मे वर्ष 2022 में सडक़ दुर्घटनाओं में 1.5 लाख से अधिक मौतें और 4.5 लाख से अधिक घायल लोगों में कई वैस्कुलर ट्रॉमा शामिल हैं। देश में सडक़ दुर्घटनाओं में एक घंटे में 19 मौतें होती हैं जबकि एक दिन में 462 मौतें होती हैं। विडंबना देखिए कि दुर्घटनाग्रस्त लोगों में से अधिकांश 25-35 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। सडक़ यातायात दुर्घटनाएँ वैस्कुलर ट्रामा का सबसे आम कारण हैं, जिसमें 91.4 प्रतिशत दुर्घटनाएँ दोपहिया वाहनों मे मोटरसाइकिल होते हैं ।

डॉ. विमल विभाकर ने कहा कि पिछले एक दशक में जहां वैश्विक स्तर पर सडक़ दुर्घटनाओं में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है वहीं भारत में यह 15.3 प्रतिशत वृधि हुई है। उन्होने लोगों से गोल्डन ऑवर अवधारणा के महत्व को जानने की अपील की। यानि किसी भी दुर्घटना के बाद पहले 60 मिनट मे दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को ट्रॉमा सेवाओं के लिए अस्पताल पहुँचाना अति आवश्यक है ताकि जान बचाई जा सके। वैस्कुलर ट्रॉमा में यदि समय रहते वैस्कुलर को बहाल नहीं किया जाता तो घायल या क्षतिग्रस्त अंग को बचाने की संभावना बहुत कम होती है।

सीईओ-नॉर्थ आशीष चड्ढा ने बताया कि पार्क अस्पताल मे ईसीएचएस, सीजीएचएस, ईएसआई, हरियाणा और हिमाचल सरकारों और सभी प्रमुख टीपीए, कॉरपोरेट्स के साथ सूचीबद्ध है और पार्क अस्पताल मोहाली में नियमित रूप से सीटीवीएस और संवहनी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।