सिटीन्यूज़ नॉउ
बद्दी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला सशक्त माध्यम बनती जा रही है। इसी सोच के साथ महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के 164 शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने सहभागिता कर विचार साझा किए।
आयोजन से जुड़ी प्रो. (डॉ.) ऋचा ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बढ़ता प्रभाव शिक्षा, उद्योग और आम जीवन को तेजी से बदल रहा है, इसलिए समन्वय आवश्यक है। कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) आर.के. गुप्ता, प्रो. (डॉ.) प्रदीप सिंह वालिया, श्री सुरेश गुप्ता और प्रो. (डॉ.) पंकज नांगलिया की उपस्थिति रही, जिन्होंने नवाचार और शोध को समय की जरूरत बताया।
प्रो. (डॉ.) मीनाक्षी जोशी सेठी ने शोध संस्थानों की भूमिका पर जोर दिया, जबकि मुख्य वक्ता डॉ. सविता गुप्ता ने नई प्रवृत्तियों को सरल ढंग से समझाया। प्रो. (डॉ.) अजय पोद्दार और डॉ. क्रिस्टियाना बेंजामिन न्सियान ने वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.के. शर्मा ने कहा कि बहु-विषयक शोध से ही समाज को वास्तविक लाभ मिलेगा। अंत में प्रो. (डॉ.) श्वेता शर्मा ने सभी का आभार जताया।

