सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: ऑर्थोपेडिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए हीलिंग हॉस्पिटल, सैक्टर 34, चंडीगढ़ ने 6,000 से अधिक एआई-आधारित रोबोलेंस एफटी-3डी घुटने के रिसर्फेसिंग प्रोसीजर सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस उपलब्धि के साथ अस्पताल ने अगली पीढ़ी का एडवांस्ड रोबोटिक एफटी-3डी नी रिसर्फेसिंग प्रोग्राम भी लॉन्च किया, जो पूरी तरह से ऑटोमेटिक रोबोटिक तकनीक पर आधारित है।
हीलिंग हॉस्पिटल के मैनेजिंग पार्टनर दृशमीत सिंह बुट्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और एडवांस्ड एनालिटिक्स पर आधारित सटीक तकनीकों में है। उन्होंने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराना और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना है।
अस्पताल के अनुसार, रोबोलेंस एफटी-3डी प्लेटफॉर्म एआई-संचालित सर्जिकल प्लानिंग को माइक्रोसॉफ्ट होलोलेंस आधारित ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक के साथ जोड़ता है। इससे सर्जन ऑपरेशन के दौरान मरीज की शारीरिक संरचना का रियल-टाइम 3डी अध्ययन कर अधिक सटीक निर्णय ले सकते हैं। यह तकनीक इम्प्लांट की सही पोजिशनिंग, बेहतर ज्वाइंट बैलेंसिंग और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली सर्जरी को संभव बनाती है।
डायरेक्टर ऑर्थोपेडिक्स डॉ. अजय एस. भाम्बरी, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. निशांत सेतिया और सीनियर एनेस्थेटिस्ट डॉ. हरसिमरन कौर बुट्टर ने कहा कि एआई और रोबोटिक तकनीक मरीजों की रिकवरी को तेज करने, दर्द और रक्तस्राव कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मददगार साबित हो रही है। अस्पताल में देश-विदेश से मरीज आधुनिक रोबोटिक घुटना सर्जरी के लिए पहुंच रहे हैं।

