सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच)-32 के सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं मनोरोग विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-2 (एनएमएचएस-2) के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य प्रणाली मूल्यांकन (एमएचएसए) सर्वसम्मति बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार वालिया ने सभी अतिथियों एवं हितधारकों का स्वागत किया।
जीएमसीएच-32 की डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो. रवनीत कौर ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया और एनएमएचएस-2 टीम के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, चंडीगढ़ के चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट एवं सचिव सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है और इसकी सेवाओं को सुदृढ़ बनाना समय की आवश्यकता है।डॉ. सोनिया पुरी और प्रो. प्रीति अरुण ने एनएमएचएस-2 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह सर्वेक्षण देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मानसिक रोगों की व्यापकता, उपचार अंतराल, उपचार तक पहुंच और उपलब्ध सेवाओं का आकलन करेगा।
बैठक में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-1 की उपलब्धियों और भारत की प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य पहलों पर भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान चंडीगढ़ में उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं, विशेषज्ञ मानव संसाधन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामुदायिक जागरूकता अभियानों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के एकीकरण की समीक्षा की गई।
निमहांस के डॉ. गिरीश राव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि एनएमएचएस-2 के निष्कर्ष देशभर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम का समापन विभिन्न हितधारकों के सुझावों और सहमति निर्माण प्रक्रिया के साथ हुआ।

