सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: सेक्टर-34 स्थित मेला ग्राउंड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन विजयदशमी के अवसर पर श्रद्धा और उल्लास के साथ दधि उत्सव मनाया गया। कथा व्यास पूज्य इंद्रेश महाराज जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं तथा बाल गोपाल और श्री राधा रानी के दिव्य मिलन का भावपूर्ण वर्णन किया।
‘जय वृंदावन बिहारी लाल की’ के जयकारों से पंडाल गूंज उठा।महाराज जी ने महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के संदेश, ‘कथा को सुना नहीं, पिया जाता है’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवद् कथा के संदेश को हृदय में उतारकर जीवन में अपनाना ही सच्ची भक्ति है।
उन्होंने हरे कृष्ण महामंत्र की महिमा बताते हुए प्रभु नाम के स्मरण का महत्व समझाया।विजयदशमी को धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं से सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की अपील की।
साथ ही गौ माता की रक्षा, सेवा और सम्मान के लिए आगे आने तथा गौ सम्मान अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।इस अवसर पर मनीष बजाज उपस्थित रहे। मंच संचालन संदीप चुग ने किया।

