सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: प्रसिद्ध फैमिली फिजिशियन एवं साहित्यकार डॉ. सुभाष सेठी के प्रथम हिंदी काव्य संग्रह ‘मेरी फुरसत बिकाऊ है’ का लोकार्पण एवं चर्चा समारोह होटल ट्यूलिप इन में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, चिकित्सा और सामाजिक जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। मंच संचालन कवयित्री एवं लेखिका विमला गुगलानी ने किया।
54 कविताओं से सुसज्जित इस काव्य संग्रह में प्रेम, विरह, अकेलापन, स्मृतियों और मानवीय संवेदनाओं को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डॉ. सुभाष सेठी ने कहा कि व्यस्त चिकित्सा जीवन के बीच लेखन उनके लिए आत्मिक सुकून का माध्यम रहा है, उन्होंने कहा कि “यह दस्तूर-ए-जुबाँबंदी है कैसा तेरी महफ़िल में,यहाँ तो बात करने को तरसती है जुबाँ मेरी।”। उन्होंने बताया कि यह उनकी चौथी पुस्तक है तथा इससे पहले उनकी तीन कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि अपनी दिवंगत पत्नी धर्मपली (नीलम सेठी) की स्मृतियों से प्रेरित होकर उन्होंने इस काव्य संग्रह की रचना की और इसे उनकी स्मृति को समर्पित किया है। वरिष्ठ कवि प्रेम विज ने संग्रह को संवेदनाओं से भरपूर बताया, जबकि विनोद शर्मा ने इसकी कविताओं को पाठकों के दिल को छूने वाली रचनाएँ

