सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: मेहर चंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेजी विभाग तथा पंजाब विश्वविद्यालय के अंग्रेजी एवं सांस्कृतिक अध्ययन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय साहित्य महोत्सव का समापन साहित्य, संगीत, रंगमंच और सांस्कृतिक विविधता के सुंदर संगम के साथ हुआ। दूसरे दिन भी साहित्यिक संवादों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ एमसीएम के संगीत विभाग की जसरीन द्वारा प्रस्तुत पंजाबी लोक संगीत से हुआ। इसके बाद डॉ. सुमनदीप ने महोत्सव के पहले दिन की प्रमुख गतिविधियों का संक्षिप्त पुनरावलोकन प्रस्तुत किया।पहले साहित्यिक सत्र ‘पंजाबी लोक संगीत: हरित क्रांति दे आर-पार’ में तसकीन ने दीप निरमोही के साथ संवाद किया।
सत्र में पंजाबी लोक संगीत की परंपरा और हरित क्रांति के सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों पर चर्चा हुई।इसके बाद सुनैनी शर्मा एवं उनकी टीम ने ‘आवाज़-ए-मिट्टी, सफ़र-ए-रूह’ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। महोत्सव का समापन टीम राब्ता के नाटक ‘वो अफ़साना’ से हुआ, जिसमें साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम के संबंधों को कविता, अभिनय और संगीत के माध्यम से जीवंत किया गया।
कार्यवाहक प्राचार्या नीना शर्मा ने आयोजन की सफलता पर पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महोत्सव ने विद्यार्थियों और साहित्यप्रेमियों को विविध कलात्मक परंपराओं से जुड़ने का समृद्ध अवसर प्रदान किया।

