सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में मेटाबोलिक सर्जरी एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही है। इसका उदाहरण चंडीगढ़ की डॉ. वंदना पुरी हैं, जिन्होंने मेटाबोलिक सर्जरी के बाद डायबिटीज की दवाओं से छुटकारा पा लिया और स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया। यह सर्जरी मेटाबोलिक सर्जन डॉ. अमित गर्ग ने की, जो अब तक 500 से अधिक सफल मेटाबोलिक सर्जरी कर चुके हैं।
डॉ. वंदना पुरी लंबे समय से मोटापे से जुड़ी टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित थीं। दवाओं, खान-पान और जीवनशैली में बदलाव के बावजूद उनका ब्लड शुगर लंबे समय तक नियंत्रित नहीं रह पा रहा था। विस्तृत जांच के बाद उन्होंने मेटाबोलिक सर्जरी कराई, जिसके बाद उनका ब्लड शुगर सामान्य हो गया और उन्हें दवाओं की आवश्यकता नहीं रही। साथ ही वजन कम हुआ, ऊर्जा बढ़ी और जीवन की गुणवत्ता में सुधार आया।
डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि मेटाबोलिक सर्जरी केवल वजन घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर में हार्मोनल और मेटाबोलिक बदलाव लाकर योग्य मरीजों में डायबिटीज को लंबे समय तक रेमिशन में ला सकती है। उन्होंने कहा कि समय पर सही मरीजों में यह उपचार भविष्य की गंभीर जटिलताओं के जोखिम को भी कम करता है।

