सिटीन्यूज़ नॉउ
मोहाली: टाइप 2 मधुमेह (डायबिटीज) और अत्यधिक अनियंत्रित ब्लड शुगर स्तर से पीड़ित एक 32 वर्षीय महिला को हाल ही में पार्क ग्रीशियन अस्पताल, मोहाली में इलाज के बाद नया जीवन मिला। महिला का दाहिने पैर के गंभीर ‘डीप वेन थ्रोम्बोसिस’ और जीवन के लिए खतरनाक बने ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ का सफलतापूर्वक इलाज किया गया।
महिला को अत्यधिक बढ़े हुए ब्लड शुगर स्तर के साथ दाहिने पैर में गंभीर सूजन, सुन्नता, रंग में बदलाव और तेज दर्द की शिकायत के बाद पार्क अस्पताल लाया गया था।शुरुआत में एंडोक्रिनोलॉजी कंसलटेंट डॉ. नीरज गर्ग ने उनके अनियंत्रित मधुमेह का प्रबंधन किया और साथ में उचित खून पतला करने की दवाएं दी । थ्रोम्बोसिस की गंभीरता और पैर को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए, बाद में वैस्कुलर सर्जन डॉ. सैयद वाहिद और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. संकल्प शर्मा द्वारा मरीज का मूल्यांकन किया गया।
उपयुक्त सिस्टमिक थ्रांबोलिटिक थेरेपी के बाद डॉ. संकल्प शर्मा और इंटरवेंशनल टीम ने एडवांस्ड कैथेटर-आधारित थेरेपी, कैथेटर-डायरेक्टेड थ्रोम्बोलिसिस और मैकेनिकल एम्बोलेक्टॉमी का इस्तेमाल किया।
फेफड़ों तक आगे थक्के पहुंचने के जोखिम को कम करने के लिए एक इंफीरियर वेना कावा फिल्टर भी लगाया गया।प्रक्रिया के बाद, मल्टीडिसीप्लिनरी टीम द्वारा मरीज की बारीकी से निगरानी और देखभाल की गई। इलाज का उन पर अच्छा असर हुआ है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है तथा वह ठीक हो रही हैं।

