सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: राहगिरी फाउंडेशन और इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) इंडिया के अध्ययन ‘क्लीन एयर ज़ोन अराउंड स्कूल्स: गुरुग्राम केस एग्जांपल’ में सामने आया है कि गुरुग्राम में स्कूल जाने वाले बच्चे दैनिक आवाजाही के दौरान राष्ट्रीय मानकों से 5.5 गुना तक अधिक सूक्ष्म कणों (PM) के संपर्क में आते हैं।रिपोर्ट अर्बन अड्डा 2026 में जारी की गई।
अध्ययन के अनुसार, स्कूल समय में PM2.5 का स्तर राष्ट्रीय मानकों से 4 से 5.5 गुना, जबकि PM10 का स्तर 4 से 4.25 गुना अधिक पाया गया। सुबह ड्रॉप-ऑफ और दोपहर पिक-अप के समय स्कूलों के बाहर वाहनों की भीड़ और इंजन चालू रखकर खड़े रहने से प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहा।रिपोर्ट में बताया गया कि कई स्थानों पर बच्चे भारी यातायात के बीच असुरक्षित और धूल भरे रास्तों पर चलने को मजबूर हैं।
स्कूल बसों और निजी वाहनों की भीड़ भी स्थानीय प्रदूषण बढ़ाती है।रिपोर्ट में स्कूलों के आसपास धूल-मुक्त फुटपाथ, सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग, ट्रैफिक-कैल्मिंग उपाय, एंटी-आइडलिंग नियम और स्कूल बसों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की सिफारिश की गई है।

