सिटीन्यूज़ नॉउ
मंडी गोबिंदगढ़: देश भगत यूनिवर्सिटी (डीबीयू) ने प्रजनन विज्ञान एवं असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) के क्षेत्र में विद्यार्थियों को विशेषज्ञ एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से एम.एससी. क्लिनिकल एम्ब्रियोलॉजी कार्यक्रम शुरू किया।
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत इंडक्शन कार्यक्रम एवं बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक के साथ हुई।वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) हर्ष सदावर्ती ने कहा कि क्लिनिकल एम्ब्रियोलॉजी तेजी से विकसित हो रहा महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, अनुसंधान और क्लिनिकल अनुभव प्रदान करने पर जोर दिया। असिस्टेंट डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) जी.एस. बख्शी ने अकादमिक गुणवत्ता एवं कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधी मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. (डॉ.) एच.के. सिद्धू, डायरेक्टर, फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंसेज ने किया।
बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में नर्सिंग, एलाइड हेल्थकेयर साइंसेज और लाइफ साइंसेज के विशेषज्ञों के साथ बाहरी विशेषज्ञ डॉ. निर्मल भसीयन, फाउंडर एवं डायरेक्टर, क्लिनिकल एम्ब्रियोलॉजी, जननई फर्टिलिटी सेंटर, चंडीगढ़ और डॉ. रामदयाल, एसोसिएट प्रोफेसर, चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम, आधुनिक प्रयोगशाला प्रशिक्षण, क्लिनिकल एक्सपोजर, नई तकनीकों, अनुसंधान एवं रोजगार क्षमता बढ़ाने संबंधी सुझाव दिए।
देश भगत यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. जोरा सिंह, प्रो-चांसलर डॉ. तजिंदर कौर और प्रेसिडेंट डॉ. संदीप सिंह ने नई पहल के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एम.एससी. क्लिनिकल एम्ब्रियोलॉजी कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक एवं पेशेवर आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने की यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इंडक्शन कार्यक्रम के साथ पाठ्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। यह पहल विद्यार्थियों को प्रजनन विज्ञान में विशेषज्ञता, तकनीकी कौशल और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रजत शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

