सिटीन्यूज़ नॉउ
चंडीगढ़: उत्तर भारत में पराली जलाने की समस्या के समाधान और वर्ष 2030 तक फार्म-फायर-फ्री कृषि का लक्ष्य हासिल करने के लिए चंडीगढ़ में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘क्लीन एयर, हेल्दी सॉयल एंड ग्रीन इकोनॉमी’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, किसान प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का आयोजन कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की पहल क्लीनर एयर बेटर लाइफ (CABL) और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा किया गया। वक्ताओं ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए टिकाऊ और किसान-केंद्रित उपायों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
CAQM के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोड़े ने धान की पराली के प्रबंधन के लिए नवाचार आधारित समाधान अपनाने की आवश्यकता बताई। CII पंजाब के चेयरमैन हरप्रीत निब्बर ने मिट्टी, वायु और जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए मजबूत कृषि सलाहकार व्यवस्था को जरूरी बताया।
सम्मेलन में बायोमास आधारित उत्पादों के लिए बाजार संपर्क मजबूत करने, सैटेलाइट तकनीक के बेहतर उपयोग और पराली जलाने की घटनाओं की प्रभावी निगरानी पर भी चर्चा हुई। पंजाब और हरियाणा के प्रगतिशील किसानों, पंचायतों और किसान सहकारी समितियों को उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

